<?xml version='1.0' encoding='UTF-8'?><?xml-stylesheet href="http://www.blogger.com/styles/atom.css" type="text/css"?><feed xmlns='http://www.w3.org/2005/Atom' xmlns:openSearch='http://a9.com/-/spec/opensearchrss/1.0/' xmlns:georss='http://www.georss.org/georss' xmlns:gd='http://schemas.google.com/g/2005' xmlns:thr='http://purl.org/syndication/thread/1.0'><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835</id><updated>2012-02-16T06:00:51.761-08:00</updated><category term='सुंदर'/><category term='अभियान'/><category term='ओंकार दास जी'/><category term='गंगा'/><category term='सरयू नदी'/><category term='नदी में साबुन'/><category term='मंदाकिनी बचकर अपने पुराने वैभव'/><category term='पतित पावनी ऋषि'/><category term='आदि नें वचन दिया'/><category term='कामदगिरि भवन से मंदाकिनी'/><category term='शक्तिपीठ पहुंचे'/><category term='कराकर फिर से सफाई खुदाई'/><category term='स्थानीय समाजसेवियों के साथ बड़ी'/><category term='साफ करवा कर'/><category term='कार्यक्रम को यादगार बनाने'/><category 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href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default?start-index=101&amp;max-results=100'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><generator version='7.00' uri='http://www.blogger.com'>Blogger</generator><openSearch:totalResults>123</openSearch:totalResults><openSearch:startIndex>1</openSearch:startIndex><openSearch:itemsPerPage>100</openSearch:itemsPerPage><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-1593451374675012726</id><published>2011-05-06T02:20:00.002-07:00</published><updated>2011-05-06T02:20:44.921-07:00</updated><title type='text'>मुक्ति धाम में लगेगा हैंडपम्प</title><content type='html'>&lt;div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"&gt;चित्रकूट, संवाददाता: मंदाकिनी की सेहत सही करने के लिये अपने सरकारी अमले के साथ प्राण प्रण से जुटे जिलाधिकारी दलीप कुमार गुप्ता ने रविवार को पुल घाट पर निरीक्षण के काम को देखते समय मुक्ति धाम देखने की इच्छा जाहिर की। अचानक इस तरह की इच्छा जाहिर करने पर वहां पर मौजूद मुक्ति धाम समिति के कर्ताधर्ता श्याम गुप्ता ने उन्हें शव दाह गृह में जाने को प्रेरित किया। जिलाधिकारी तुरन्त ही वहां पर जाने के लिये तैयार हो गये। श्मशान घाट पर पहुंचे जिलाधिकारी ने नगर पालिका परिषद के जूनियर इंजीनियर संतोष कुमार राठौर को जेसीवी से घाट साफ कराने व अधिशाषी अभियंता जल निगम जेपी सिंह को शव दाह करने आने वालों की सुविधा के लिये एक हैंडपम्प लगवाने के निर्देश दिये। इसके साथ ही उन्होंने मुक्ति धाम समिति के सदस्यों से कहा कि वे यहां पर फूलों के पौधे लगायें जिससे पार्थिव के साथ आने वालों को अच्छा वातावरण मिले। इस दौरान सपा नगर अध्यक्ष अफजल अली, अजय रिछारिया, गुलाब सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' 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हैंडपम्प'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-986235456866756649</id><published>2011-05-06T02:20:00.000-07:00</published><updated>2011-05-06T02:20:07.454-07:00</updated><title type='text'>चित्रकूट, संवाददाता: नावों की सहायता से मुख्यालय के मंदाकिनी पुल घाट के पास कचरा निकालने का काम पांचवे दिन भी लगातार जारी रहा। इसके साथ ही सोमवार को नगर पालिका परिषद की जेसीबी मशीन के साथ ही मजदूरों ने नदी से निकाले गये कचरे को बाहर ले जाने का काम किया।</title><content type='html'>&lt;div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"&gt;चित्रकूट, संवाददाता: महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के अन्तर्गत मंदाकिनी सफाई के काम के पहले चरण के चौथे दिन जिलाधिकारी काम की गति को देखने कर्वी शहर के पुल घाट पर देखने रविवार की दोपहर पहुंचे। मजदूरों द्वारा किये जा रहे काम को देखकर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। लेकिन तीन दिनों से घाट के किनारे पड़े मलबे को देखकर उसे तुरन्त ही हटाने के निर्देश नगर पालिका परिषद के जूनियर इंजीनियर को दिये। मौके पर मौजूद खंड विकास अधिकारी से और मजदूर लगाकर घाटों पर जमा गंदगी को भी निकालने का काम तेजी से कराने के लिये कहा। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जिलाधिकारी के आने की बात सुनकर काम करवाने के तकनीकी सलाहकार सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता के एस लाल ने कहा कि नदी की सफाई बाहर-बाहर तो हो रही है लेकिन अभी इसमें तेजी और लाने के लिये और भी लोगों को लगाये जाने की जरूरत है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;समाजसेवी श्याम गुप्ता, पंकज अग्रवाल, सपा के नगर अध्यक्ष अफजल अली, अजय रिछारिया, चित्रकूट स्र्पोटिंग क्लब के शेखर सोनी, कमलेश, पवन प्रजापति आदि लोगों ने पुल पर जाली लगवाने के साथ नदी की सफाई का काम पोकलैंड मशीन से करवाने का अनुरोध किया। जिलाधिकारी ने कहा कि वे इस मामले में विचार कर रहे हैं। योजना बनाई जा चुकी है और जल्द ही यह कार्यरूप में परिणित होता भी दिखाई देगा। उन्होने नदी में उतरने की सीढि़यों के बगल की जमीन को स्मृति उद्यान बनाने के लिये भी निर्देश दिये। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;नगर पालिका परिषद के जूनियर इंजीनियर संतोष राठौर व गुलाब सिंह ने कहा कि ट्रैक्टर खराब होने से कचरा उठाने में दिक्कत हो रही थी। कल से कचरा उठाने के साथ ही जेसीबी से भी घाटों के किनारे का मलबा हटवाया जायेगा। खंड विकास अधिकारी कृष्ण देव भारती ने कहा कि सोमवार से और भी मजदूरों को लगवाकर घाटों पर मौजूद मिट्टी को हटाने का काम किया जायेगा। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इस दौरान जल निगम के अधिशाषी अभियंता जेपी सिंह, राजेश सोनी, अजय सिंह, सुनील भारतीय, लखन आर्या, महेश केसरवानी, अतर्रा से आये समाजसेवी राजा प्रसाद, राजबहादुर , पप्पू, अशोक गुप्ता, सहायक अभियंता सिंचाई संजय कुमार, ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव लघु सिंचाई, एडीओ शुक्ला, सुविधादाता देव नारायण मिश्र, मु. रसीद उर्फ चीनी आदि लोग मौजूद रहे। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-986235456866756649?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/986235456866756649/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2011/05/blog-post_7679.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/986235456866756649'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/986235456866756649'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2011/05/blog-post_7679.html' title='चित्रकूट, संवाददाता: नावों की सहायता से मुख्यालय के मंदाकिनी पुल घाट के पास कचरा निकालने का काम पांचवे दिन भी लगातार जारी रहा। इसके साथ ही सोमवार को नगर पालिका परिषद की जेसीबी मशीन के साथ ही मजदूरों ने नदी से निकाले गये कचरे को बाहर ले जाने का काम किया।'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-3799315483602846781</id><published>2011-05-06T02:18:00.001-07:00</published><updated>2011-05-06T02:18:59.611-07:00</updated><title type='text'>पांच दिनों में साफ हुई दो सौ मीटर नदी</title><content type='html'>&lt;div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"&gt;चित्रकूट, संवाददाता: नावों की सहायता से मुख्यालय के मंदाकिनी पुल घाट के पास कचरा निकालने का काम पांचवे दिन भी लगातार जारी रहा। इसके साथ ही सोमवार को नगर पालिका परिषद की जेसीबी मशीन के साथ ही मजदूरों ने नदी से निकाले गये कचरे को बाहर ले जाने का काम किया। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;गौरतलब है कि रविवार की दोपहर जिलाधिकारी दलीप कुमार गुप्ता के मौके पर मंदाकिनी सफाई के काम को देखने व आवश्यक निर्देश देने के बाद मंगलवार को &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;काम में तेजी आती दिखाई दी। नाव के सहारे नदी से कचरा लेकर आने वाले मजदूर नदी के किनारे लगातार कचरा डालते रहे और नगर पालिका परिषद की जेसीबी मशीन व मजदूर दिन भर उस कचरे को बाहर ले जाने का काम करते रहे। पांच दिनों से चल रही नदी की सफाई को देखकर अब वहां पर आने वाले नदी की धारा के बदलते स्वरूप को लेकर इस बात को लेकर आशान्वित हो चले हैं कि जैसे इतनी सी सफाई में ही पानी का बहाव दिखने लगा है व पानी का रंग भी कुछ साफ हो चला है। तो पूरी नदी की सफाई हो जायेगी तो मंदाकिनी एक बार फिर निर्मल दिखाई देगी। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;नदी में पहुंचकर काम देखने वाले समाजसेवी राकेश माथुर, श्याम गुप्ता, शेखर सोनी, कमलेश, अजय रिछारिया, अफजल अली व पवन प्रजापति आदि ने कहा कि अभी तक हुई सफाई का काम काफी अच्छा है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मनरेगा की ओर से काम देख रहे लघु सिंचाई विभाग के इंजीनियर ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि बुधवार से नदी में मजदूरों की संख्या और बढ़ा दी जायेगी जिससे घाट के किनारे की मिट्टी निकालने के काम की शुरूआत हो। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सिचाई विभाग के सहायक अभियंता संजय कुमार ने बताया कि मंदाकिनी सफाई के लिये नाविकों को पहले चरण का लक्ष्य 300 मीटर का दिया गया है। अभी तक लगभग 200 मीटर से थोड़ा ज्यादा काम हो चुका है। बताया कि आने वाले समय में मजदूरों की संख्या बढ़ने पर काम और तेजी से होगा। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-3799315483602846781?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/3799315483602846781/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2011/05/blog-post_5338.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/3799315483602846781'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/3799315483602846781'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2011/05/blog-post_5338.html' title='पांच दिनों में साफ हुई दो सौ मीटर नदी'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' 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उसे ढूंढने का काम कर रहे हैं। मकबूल खान का कहना है वे पुराने लोगों से बात कर रहे हैं और अगर जल्द ही जल श्रोत का पता लगता है तो वे बिना सरकारी मदद के खुद ही खोदकर जल श्रोत को ढूंढकर फिर से जिंदा करने का काम करेंगे। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;वैसे जहां नदी में केवट समुदाय के लोग लगातार श्रम करके गंदी जलीय वनस्पति को निकालकर किनारे करने व किनारे पड़े कचरे को हटाने का काम नगर पालिका परिषद की जेसीबी व ट्रैक्टर कर रहे हैं वहीं बार-बार आश्वासन के बाद भी व खंड विकास अधिकारी के आदेशों को अनसुना कर प्रधान अमानपुर ने मजदूरों के नही भेजा है। जिससे नदी के घाटों में जमा कचरा निकालने के काम में विलम्ब हो रहा है। नाव के द्वारा जलीय वनस्पति निकालने वाले मजदूरों के पास भी अभी पूरी तरह से औजार नही पहुंचे है जिससे उन्हें भी काम करने में दिक्कत आ रही है। नदी में पहुंचकर मजदूरों की दिक्कतों को सुनने व सुलझाने का काम सभासद कन्हैया लाल वर्मा, मुक्ति धाम समिति के श्याम गुप्ता, समाजसेवी पंकज अग्रवाल, अजय रिछारिया, चित्रकूट स्र्पोटिंग क्लब के शेखर सोनी, कमलेश, पवन प्रजापति, राजेश सोनी, हाजी इब्राहिम, चीनी भाई, अनवर सागर आदि लोग कर रहे हैं। उधर, नदी के किनारे पर पड़ी लाश को देखकर नाविकों ने वहां से कचरा साफ करने को मना कर दिया। अब यहां पर कीडे़ खा चुके शव को हटाने के काम के लिये समाजसेवियों ने आश्वासन दिया है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;खंड विकास अधिकारी केडी भारती बीमार होने के कारण बाहर हैं। उन्होंने दूरभाष पर बताया कि जल्द ही वे स्वस्थ होकर लौटेंगे और मजदूरों की संख्या बढ़ाकर काम को और तेज किया जायेगा। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मंदाकिनी की शुद्धि के लिये मई 2009 से संघर्ष करने वाली मंदाकिनी बचाओ प्रदूषण मुक्त आंदोलन की सहसंयोजक अर्चना मिश्रा मंदाकिनी के किनारे पहुंची और नदी में श्रमदान करने के साथ ही मंदाकिनी में प्रदूषण न करने के लिये लोगों को प्रेरित किया। उन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष, अधिशाषी अधिकारी को नाव घाट पर पड़े कचरे को तत्काल हटवाने व नदी किनारे बनी बस्तियों पर कूड़ा घर बनाने के लिये ज्ञापन दिया। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://4.bp.blogspot.com/-x9ooSu-eKYk/TcO8mFuT_tI/AAAAAAAAAeM/wlIhDQ34mjc/s1600/14crt9c2-1_1302792632_m.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" j8="true" src="http://4.bp.blogspot.com/-x9ooSu-eKYk/TcO8mFuT_tI/AAAAAAAAAeM/wlIhDQ34mjc/s1600/14crt9c2-1_1302792632_m.jpg" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-7663195473715848280?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/7663195473715848280/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2011/05/blog-post_405.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/7663195473715848280'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/7663195473715848280'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2011/05/blog-post_405.html' title='..तो लौटता दिखाई दे रहा है मंदाकिनी का वैभव'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://4.bp.blogspot.com/-x9ooSu-eKYk/TcO8mFuT_tI/AAAAAAAAAeM/wlIhDQ34mjc/s72-c/14crt9c2-1_1302792632_m.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-8584797301045528744</id><published>2011-05-06T02:15:00.000-07:00</published><updated>2011-05-06T02:15:25.470-07:00</updated><title type='text'>जान पर खेल कर हो रही है मंदाकिनी की सफाई</title><content type='html'>&lt;div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"&gt;चित्रकूट, संवाददाता: एक तरफ तो मंदाकिनी की सफाई तो दूसरी तरफ तीस मेहनतकशों की जान का जोखिम। जी हां, मंदाकिनी का वैभव पहली बार सही तरीके से लौटाने के काम में लगे मछुवारे अपनी जान जोखिम में डाल कर काम कर रहे हैं। रोजाना ही दर्जनों विषधर उन्हें नदी की गंदी वनस्पति में मिल रहे हैं यह तो गनीमत है कि अभी तक एक सैकड़ा से ज्यादा विषधरों के मिलने के बाद उन्हें दूर छोड़ा जा चुका है। फिलहाल अब नदी की ऊपरी सतह का सफाई का काम इन्टेकवेल के साथ ही बजरंग आश्रम घट के आगे निकल चुका है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जहां मछुआ समुदाय की मेहनत के रंग मंदाकिनी के जल में साफ दिखाई दे रहे हैं। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पिछले आठ दिनों के अंदर लगभग एक फुट पानी बढ़ने के साथ ही नदी के स्वच्छ होने के निशान तो सभी देख रहे हैं। इधर, विकास विभाग द्वारा लगाये गये मेहनतकशों ने घाटों पर जमा मिट्टी को भी काफी निकालने का काम किया। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;कालिया ने निकाले कुत्तों के शव &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;नदी की सफाई में एक बार फिर हिंदू-मुस्लिम गंगा-जमुनी तहजीब दिखाई रही हैं। जहां नदी में प्रतिदिन कई बार मुक्ति धाम समिति के श्याम गुप्ता, चित्रकूट स्र्पोटिंग क्लब के शेखर सोनी, कमलेश व समाजसेवी पंकज अग्रवाल, अजय रिछारिया जाकर मजदूरों को आवश्यक दिशा निर्देश देने के साथ ही उन्हें नाश्ता आदि देने का काम कर रहे हैं। वही मंदाकिनी के पुल घाट के नीचे शुक्रवार को कालिया ने तीन कुत्तों के शव निकाले। शुकवार को मु. रसीद उर्फ चीनी, मो. निजाम ने नदी से क्षत विक्षत &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;कुत्तों के शव निकालने पर कालिका को अर्थिक मदद दी वहीं कुत्तों के शवों को जलाने की श्याम गुप्ता व शेखर सोनी ने व्यवस्था की। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;नदी में जाल लगवाये जाने की मांग &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;चित्रकूट: मंदाकिनी नदी के पुल घाट पर प्रशासन के द्वारा कराये जा रहेसफाई के काम को लेकर लोग जिलाधिकारी की तारीफ करते नही अघा रहे हैं। लोग कहते हैं कि इसके पूर्व भी कई जिलाधिकारी आये और विकास की कई बड़ी-बड़ी बातें की पर मंदाकिनी की सफाई का ध्यान किसी ने नही दिया। समाजसेवियों ने गाल तो काफी बजाये, कई बार प्रतीकात्मक सफाई भी की पर इस तरह से लगातार सफाई करवाने के बारे में किसी ने नही सोचा। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;पुरानी बाजार के रहने वाले बनवारी लाल सोनी, हाजी इब्राहिम, शिव प्रकाश रिछारिया, घनश्याम वर्मा, विनोद वर्मा, श्रीगोपाल गुप्ता, अशोक भारद्वाज, संतोष कसेरा, अजय अग्रवाल आदि लोग कहते हैं कि जब तक नदी केपुल घाट पर जाली नही लगेगी लोग नदी में मलबा डालते रहेंगे। इसके लिये जन जाग्रति केसाथ ही कड़ाई भी किये जाने की जरूरत है। नदी में कूड़ा डालने वालों को छापामार तरीकेसे पुलिस पकड़ेगी तभी नदी का वैभव बच पायेगा। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;उन्होंने मांग किया कि नदी में अगर पोकलैंड मशीन से सफाई करवाई जायेगी तो नदी के जल स्तर में और भी ज्यादा इजाफा होगा। क्योंकि अभी तक तो कम ही जल स्रोत खुले हैं। पोकलैंड मशीन से ज्यादा तेजी से जल स्रोत तो खुलेंगे ही साथ ही नदी के अंदर वषरें से जमा मलबा भी साफ हो जायेगा। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://3.bp.blogspot.com/-zVOT7XSYnRI/TcO8IMDgqzI/AAAAAAAAAeI/sK1tPjJimL8/s1600/15crt14c2-1_1302880515_m.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" j8="true" src="http://3.bp.blogspot.com/-zVOT7XSYnRI/TcO8IMDgqzI/AAAAAAAAAeI/sK1tPjJimL8/s1600/15crt14c2-1_1302880515_m.jpg" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-8584797301045528744?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/8584797301045528744/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2011/05/blog-post_3527.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/8584797301045528744'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/8584797301045528744'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2011/05/blog-post_3527.html' title='जान पर खेल कर हो रही है मंदाकिनी की सफाई'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://3.bp.blogspot.com/-zVOT7XSYnRI/TcO8IMDgqzI/AAAAAAAAAeI/sK1tPjJimL8/s72-c/15crt14c2-1_1302880515_m.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-7747715882340339113</id><published>2011-05-06T02:13:00.000-07:00</published><updated>2011-05-06T02:13:00.017-07:00</updated><title type='text'>सूखी नदियों की खुदाई करवाएं बीडीओ</title><content type='html'>&lt;div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"&gt;चित्रकूट, संवाददाता: जिलाधिकारी दलीप कुमार गुप्ता को अब तक तहसील दिवसों में आयी शिकायतों में कुल 23 ही लंबित मिलीं। इन शिकायतों के बारे में बताया गया कि इन शिकायतों का निस्तारण भी जल्द ही कर दिया जायेगा। इसके पूर्व उन्हें जानकारी दी गई कि अभी तक कुल 2298 शिकायतें आई हैं जिनमें 2275 का निस्तारण किया जा चुका है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;तहसील दिवस में फरियादियों की भीड उमड़ी। ज्यादातर शिकायतें पीने के पानी को लेकर रही। इसके अलावा अन्य विभागों की शिकायतों को संबधित विभागों को भेज दिया गया। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इस दौरान जिलाधिकारी दलीप कुमार गुप्ता ने कहा कि मंदाकिनी के साथ ही अन्य नदियां जहां पर सूखी हैं वहां पर खंड विकास अधिकारी तीन से चार फुट उन्हें खुदवा दें। जिससे लोगों के साथ ही पशुओं के पीने के लिये पानी निकल सके। उन्होंने राजस्व व पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि तालाबों के भीटों के कब्जों को अभियान चलाकर खत्म करवायें। अधिशाषी अभियंता सिंचाई को निर्देश दिये कि जिन-जिन पम्प कैनालों से तालाब भरे जा सकते हों उन्हें तुरन्त ही भरवा दें। जल निगम के अधिशाषी अभियंता को निर्देश दिये कि वे खराब हैंडपम्पों को तुरन्त ठीक करवाने के साथ रीबोर हैंडपम्पों को भी अभियान चलाकर ठीक करें। तहसील दिवस में वन विभाग की दो समस्यायें लंबित मिलने और प्रभागीय वनाधिकारी के न आने पर उन्होंने स्पष्टीकरण मांगा व कहा कि किसी भी दशा में एक सप्ताह में समस्याओं का निस्तारण कर दें। बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिये कि लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि दूरस्थ स्कूलों में शिक्षक पढ़ाने नही जा रहे हैं। मिड डे मील में कहीं-कहीं पर गड़बडि़यां मिल रही हैं। इनकी जांच कर उचित कार्यवाहियां करें। जिलाधिकारी ने कहा कि दस्यु समस्या के कारण कोई भी विकास के काम नही रूकेंगे। पर्याप्त मात्रा में जिले में पीएसी आ चुकी है। जिला पूर्ति अधिकारी से राशनिंग व्यवस्था को लेकर निर्देश दिये। इस दौरान संबंधित सभी अधिकारी मौजूद रहे। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://2.bp.blogspot.com/-44DZoNNJffg/TcO7k2QwaCI/AAAAAAAAAeE/pMHA1eqnAlo/s1600/19crt3c2-1_1303220434_m.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" j8="true" src="http://2.bp.blogspot.com/-44DZoNNJffg/TcO7k2QwaCI/AAAAAAAAAeE/pMHA1eqnAlo/s1600/19crt3c2-1_1303220434_m.jpg" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-7747715882340339113?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/7747715882340339113/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2011/05/blog-post_06.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/7747715882340339113'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/7747715882340339113'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2011/05/blog-post_06.html' title='सूखी नदियों की खुदाई करवाएं बीडीओ'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://2.bp.blogspot.com/-44DZoNNJffg/TcO7k2QwaCI/AAAAAAAAAeE/pMHA1eqnAlo/s72-c/19crt3c2-1_1303220434_m.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-4288134541746719028</id><published>2011-05-06T02:11:00.001-07:00</published><updated>2011-05-06T02:11:16.630-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='राम'/><title type='text'>मंदाकिनी को बचाने जलपुरूष राजेन्द्र सिंह 25 को आयेंगे</title><content type='html'>&lt;div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"&gt;चित्रकूट, संवाददाता: राजस्थान में एक नदी को पुर्नजीवित कर पानी वाले बाबा के नाम से मशहूर हो चुके राजेन्द्र सिंह एक बार फिर मंदाकिनी के साथ ही अन्य नदियों को बचाने के लिये लोगों को जगाने के लिये 25 अप्रैल को धर्मनगरी में आ रहे हैं। वे 25 अप्रैल के सिंघन नदी स्रोत को देखेंगे व 26 अप्रैल को बंधोइन बांध से सूरज कुंड तक की मंदाकिनी की दशा का अवलोकन कर दोपहर बारह बजे से चार बजे तक ग्रामीणों के साथ पानी के मुद्दे पर जनसुनवाई करेंगे। यह जन सुनवाई सूरजकुंड के महाराज के संरक्षण में की जायेगी। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इसके पूर्व बुधवार को प्रख्यात पर्यावरणविद प्रो. जी डी अग्रवाल ने सिघास्रोत नदी को देखा। उन्होंने कहा कि वास्तव में पानी को बचाना जरूरी है। इसलिये इस नदी से सिंचाई के लिये किसी भी प्रकार का पम्पसेट नही लगाना चाहिये। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता अभिमन्यु सिंह व राम स्वरूप सिंह मौजूद रहे। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-4288134541746719028?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/4288134541746719028/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2011/05/25.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/4288134541746719028'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/4288134541746719028'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2011/05/25.html' title='मंदाकिनी को बचाने जलपुरूष राजेन्द्र सिंह 25 को आयेंगे'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-5384824094808600901</id><published>2011-05-06T02:09:00.000-07:00</published><updated>2011-05-06T02:09:45.728-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='मंदाकिनी'/><title type='text'>मंदाकिनी में महाआरती की तैयारी</title><content type='html'>&lt;div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"&gt;चित्रकूट, संवाददाता: अगर जिलाधिकारी दलीप कुमार गुप्ता की योजना पूरी तरह परवान चढ़ी तो आने वाले समय में बनारस व हरिद्वार की तर्ज पर ही यहां पर मंदाकिनी गंगा की महाआरती का दर्शन लोग कर सकेंगे। इसके लिये तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। जहां जिलाधिकारी की इच्छा के अनुरुप स्वामी मत्स्यगजेन्द्र नाथ जी महराज के मंदिर में सारी व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से चलाने वाले लोग मंदाकिनी आरती को भव्य रूप देने की तैयारी कर रहें हैं। वहीं सोमवार को देर शाम जिलाधिकारी को जगद्गुरु राम भद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी पांडेय ने मंदाकिनी गंगा की आरती की सीडी सौंपी। प्रो. पांडेय ने कहा कि अभी तो यह इस दिशा में किया गया पहला प्रयास है। आगे जो संशोधन और नई चीजें इसमें जुड़ेंगी वह बढ़ती रहेंगी। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://3.bp.blogspot.com/-4BFjDpS9-Xs/TcO6wi6X9VI/AAAAAAAAAeA/TKmy9Zpchnw/s1600/25crt6c2-1_1303744230_m.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" j8="true" src="http://3.bp.blogspot.com/-4BFjDpS9-Xs/TcO6wi6X9VI/AAAAAAAAAeA/TKmy9Zpchnw/s1600/25crt6c2-1_1303744230_m.jpg" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-5384824094808600901?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/5384824094808600901/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2011/05/blog-post.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/5384824094808600901'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/5384824094808600901'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2011/05/blog-post.html' title='मंदाकिनी में महाआरती की तैयारी'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://3.bp.blogspot.com/-4BFjDpS9-Xs/TcO6wi6X9VI/AAAAAAAAAeA/TKmy9Zpchnw/s72-c/25crt6c2-1_1303744230_m.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-5119788806582889873</id><published>2011-04-24T03:27:00.000-07:00</published><updated>2011-04-24T03:27:03.400-07:00</updated><title type='text'>लोगों ने की जागरण के अभियान की सराहना</title><content type='html'>&lt;div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"&gt;चित्रकूट, संवाददाता: मंदाकिनी को बचाने के लिये जब स्वयं जिलाधिकारी ने कमर कसी तो उनका साथ देने के लिए एक नहीं अनेक हाथ बढ़ गए। गायत्री शक्ति पीठ के व्यवस्थापक डा. राम नारायण त्रिपाठी ने कहा कि वैसे तो मंदाकिनी के प्रदूषण को लेकर जनजागरण का काम वर्ष 1994 से चल रहा है पर जब दैनिक जागरण अखबार ने एक मई 2008 से लगातार लोगों की आंखें खोलने व अंतर्आत्मा को हिला देने वाली खबरें छापी तो जिम्मेदार लोग जाग गये। एक साथ इतने हाथ बढ़े कि लगा काम पूरा हो जायेगा, पर प्रशासनिक अधिकारियों की ढिलाई के चलते ऐसा नही हो सका। अब जिलाधिकारी ने इस ओर गंभीरता से सोचा है तो काम भी तत्परता से होगा और जल्द ही इसके अच्छे परिणाम आयेंगे। समाजसेवी अरूण गुप्ता, दयाशंकर गंगेले, मनोज तिवारी, श्याम गुप्ता ने कहा कि वास्तव में दैनिक जागरण ने सभी को सच बताने का काम किया। मंदाकिनी को बचाने के काम को पुर्नजीवित करने में इस अखबार ने ऐसा दबाब बनाया कि वर्षो पुरानी बंद पड़ी सीवर योजना एक बार फिर तेजी से पूरी होती दिखाई दे रही है। जिलाधिकारी की इच्छा शक्ति से अब आगे का अभियान जोरदार तरीके से चलेगा। बांदा से आये ब्राह्मण सेवा दल के अध्यक्ष कमलेश दीक्षित ने कहा कि दैनिक जागरण की रिपोर्टो को पढ़कर ही वे सक्रिय हुये कर्वी में आकर जब सभी लोगों से मंत्रणा हुई और फिर पूरी नदी की परिक्रमा करने की योजना बनी। उन्होंने पूरी नदी की परिक्रमा कर जो आंकड़े इकट्ठा किये थे वे चौंकाने वाले थे। वास्तव में दैनिक जागरण ने 1 मई से 31 जून 2008 तक मंदाकिनी को बचाने के लिए अभियान चलाया। इसके लिये दैनिक जागरण परिवार के समस्त लोग बधाई के पात्र हैं। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-5119788806582889873?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/5119788806582889873/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2011/04/blog-post_4635.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/5119788806582889873'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/5119788806582889873'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2011/04/blog-post_4635.html' title='लोगों ने की जागरण के अभियान की सराहना'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-2821556327365401708</id><published>2011-04-24T03:22:00.001-07:00</published><updated>2011-04-24T03:22:52.140-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='अधिकांश'/><title type='text'>नदी तालाब के रखरखाव की जिम्मेदारी समाज की हो</title><content type='html'>&lt;div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"&gt;-मांगों को लेकर 4 से 13 अप्रैल तक चलेगा उपवास &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;चित्रकूट, प्रकृति मूलक एवं भ्रष्टाचार मुक्त मनरेगा की स्थापना हेतु शान्ति सेना 4 अप्रैल से सत्याग्रह शुरु करने जा रही है। &lt;br /&gt;शान्ति सैनिक रामबदन, मुन्नी, सावित्री, रानी, बबलू व सोनकली आदि का कहना है कि संपूर्ण बुन्देलखंड के प्रत्येक गांव में अधिकांश नदियों के जलस्रोत बंद हो चुके हैं, जो बचे हैं उनकी स्थिति बहुत ही दयनीय है। नदियां सूखती जा रही हैं पिछले दो वर्षो से जनपद के बरगढ गाहुर न्याय पंचायत की नदियों के किनारे लगातार वृक्ष काटे जा रहे हैं। वृहद पौधरोपण का परिणाम यह है कि सत्तर प्रतिशत पौधों का कोई अता पता ही नही है, शेष जो बचे है वे भी सूखने के कगार पर हैं। &lt;br /&gt;मनरेगा प्रस्ताव निर्माण में प्रकृतिमूलक कार्यो के प्रति बिल्कुल नगण्य दिखती है। अधिकांश गांवों में पानी का अकाल हर वर्ष दो तीन महीने के लिये बना रहता है। मजदूर वर्ग एवं युवाओं के सामने बेरोजगारी है। बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता नही दिया जा रहा है। मनरेगा की अधिकांश मजदूरी मजदूरों के पास न पहुंचकर जेसीबी मशीनों तक पहुच रही है। &lt;br /&gt;उनका कहना है कि उपरोक्त स्थितियों में लोगों को भुख व प्यास से बचाने के लिये मनरेगा एक सशक्त आधार है। जिसकी प्रकृतिमूलक व भ्रष्टाचार मुक्त स्थापना के लिये 4 अप्रैल से 13 अप्रैल तक सत्याग्रह आन्दोलन शुरु किया जायेगा। जिसमें बरगढ़ क्षेत्र में सिंहास्रोत नदी तट पर उपवास का कार्यक्रम तय किया गया है। इसके अलावा 5 अप्रैल को रामघाट चित्रकूट में एक दिन का सामूहिक उपवास कार्यक्रम रखा गया है। उन्होंने बताया कि हमारी प्रमुख मांगें हैं- नदी तालाब में पौधरोपण व जलसंरक्षण जैसे कार्य मनरेगा में शामिल किये जाय, प्रकृतिमूलक कामों के प्रस्ताव गांव के लोग बनायें न कि सचिव या बीडीओ, मजदूरों के काम की नाप व भुगतान समय पर हो, मजदूरों को बैेंकों में सम्मान मिले तत्काल उनके काम हों, कीचडयुक्त पानी के अन्दर के काम खंती में शामिल न किये जाय, कठोर मिट्टी व पत्थर की खंतियों की नाप कम की जाय, नदी तालाब एवं वृक्षों के रखरखाव एवं संचालन की जिम्मेदारी समाज को दी जाय न कि ग्राम पंचायत या अन्य को, नदी तालाब में निकले जल या उपलब्ध जल का उपयोग इस प्रकार कराया जाय ताकि नदी तालाबों में आपात कालीन स्थितियों में पानी सदैव बना रहे, बेरोजगारी भत्ता दिया व सभी गरीबों को लाल कार्ड मिले। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-2821556327365401708?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/2821556327365401708/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2011/04/blog-post_7759.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/2821556327365401708'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/2821556327365401708'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2011/04/blog-post_7759.html' title='नदी तालाब के रखरखाव की जिम्मेदारी समाज की हो'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-878257240328662378</id><published>2011-04-24T03:21:00.000-07:00</published><updated>2011-04-24T03:21:03.973-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='तीन किलोमीटर'/><title type='text'>करोडों खर्च हुए पर नहीं बुझी पाठावासियों की प्यास</title><content type='html'>&lt;div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"&gt;चित्रकूट, संवाददाता: पाठावासियों की प्यास बुझाने के लिये सरकार ने बनाई तो एशिया की सबसे बड़ी 'पाठा पेयजल योजना' लेकिन यह अब सफेद हाथी साबित हो रही है। गांवों में लाखों खर्च कर तमाम टंकियां 'टीटीएसपी' तो बना दी गई है पर इनमें वर्षो से पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंची। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;भीषण पेयजल संकट के लिये विशेष पहचान रखने वाले इस इलाके में अब पनहारिनों के मुंह पर गाने व ठिठोली नही सुनाई देती बल्किउनके मुरझाये चेहरों पर इस बात का दर्द झलकता है कि वर्षो से सूखे पाठा को तर करने के नाम पर अधिकारियों ने लाखों के वारे-न्यारे तो कर दिये पर यहां के लोगों की प्यास नही बुझ सकी। हालात यह है कि यहां के लोगों को एक से तीन किलोमीटर तक पैदल चलकर पीने के पानी का इन्तजाम करना पड़ता है। नदियां, कुयें व तालाब तो लगभग सभी सूख चुके हैं। अब प्यास बुझाने के लिये केवल चोहड़े ही सहारा बन रहे हैं। अब तक प्यास के चलते कई जानवर भी मर चुके हैं। जल निगम द्वारा पानी पिलाने की सारी कवायत यहां पर आकर दम तोड़ देती हैं। मडैयन व उसके सभी पुरवों में हाल यह है कि यहां पर पानी का प्रबंध बोरवेल से हो रहा है। शादियों के लिये पानी खरीदा जा रहा है और तो और रिश्तेदारों के आने पर उन्हें पानी की कमी के कारण अगले ही दिन टरका दिया जा रहा है। &lt;br /&gt;एक-एक बूंद पानी के मूल्य का सही उपयोग देखना हो तो पाठा क्षेत्र के मडैयन, कर्का, पडरिया और सेहरिन सहित यहां के तमाम गांवों में आकर देखा जा सकता है। एक से तीन किलोमीटर दूर से पानी लाने की विवशता जाहिर करने वाले छोटी मडैयन के चुनवाद, फूल चंद्र, चुनकू , सुभान, राम नारायण आदि बताते हैं कि साठ घरों के इस पुरवे में चार हैंडपम्प हैं पर किसी से एक बूंद पानी नही निकलता। अब तो हैंडपम्प जानवरों के बांधने के काम में आते हैं। गांव के 12 मजरों से किसी भी मजरे में अगर एक हैंडपम्प में पानी आता है तो वह चौबीस घंटों पानी उगलता है। वह भी अब जवाब देने की स्थिति में आ गया है। उन्होंने बताया कि वे लोग पानी की समस्या को लेकर कई बार मुख्यालय में आकर प्रदर्शन भी कर चुके हैं पर यहां पर तो अधिकारी आये ही नही। &lt;br /&gt;इलाके के सर्वमान्य देवता गिरधार बाबा 'हनुमान जी ' को नहलाने के लिये पुजारी कामता प्रसाद लगभग एक किलोमीटर दूर से पानी लाते हैं। वह कहते हैं कि कभी छोटी मडैयन तो कभी वन विभाग की पौधशाला से पानी लाया जाता है। &lt;br /&gt;सुभान और रामनारायण भी बताते हैं कि भइया अब तो स्थिति काफी ज्यादा खराब है। पानी कहीं है नही अपने जानवरों को मरते हुये देखना मजबूरी बन गयी है। पिछले पन्द्रह दिनों में कई जानवर यहां दम तोड़ चुके हैं।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-878257240328662378?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/878257240328662378/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2011/04/blog-post_24.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/878257240328662378'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/878257240328662378'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2011/04/blog-post_24.html' title='करोडों खर्च हुए पर नहीं बुझी पाठावासियों की प्यास'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-4716687141207659017</id><published>2011-04-24T03:19:00.000-07:00</published><updated>2011-04-24T03:19:48.267-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='शक्तिपीठ पहुंचे'/><title type='text'>मंदाकिनी को बचाने के लिये आगे आयें सभी</title><content type='html'>&lt;div dir="ltr" style="text-align: left;" trbidi="on"&gt;चित्रकूट, संवाददाता: पावन सलिला मंदाकिनी को बचाने के लिये समाज सेवियों की मुहिम बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। मंदाकिनी के जलस्तर के लगातार गिरने से उत्पन्न हुई पेयजल समस्या के बाद जिलाधिकारी ने सिंचाई के लिये तो मंदाकिनी से पानी लेने पर प्रतिबंध लगा ही दिया है वहीं इसकी स्वच्छता को बनाये रखने के लिये 5 अप्रैल को गायत्री शक्ति पीठ में होने वाली बैठक के लिये रणनीति बनाई गई। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;शनिवार को गायत्री शक्ति पीठ में तीर्थनगरी परिक्षेत्र के उप्र व मप्र के तमाम लोगों ने जुटकर मंदाकिनी को बचाने की मुहिम में साथ देने का संकल्प लिया। गायत्री शक्तिपीठ पहुंचे जगद्ग्रुरु राम भद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय के कुलसचिव डा. अवनीश चंद्र मिश्र, बसपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व विधायक भैरों प्रसाद मिश्र, हेमराज चतुर्वेदी, सर्वोदय सेवा आश्रम के अभिमन्यु सिंह, समाजसेवी अरूण गुप्ता, दयाशंकर गंगेले व जगदम्बा पाठक आदि लोगों ने आगामी 5 अप्रैल को जिलाधिकारी के साथ होने वाली बैठक के मुख्य बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया। &lt;br /&gt;पूर्व विधायक भैरों प्रसाद मिश्र ने कहा कि उप्र क्षेत्र में सीवर लाइन बनाने का काम चलाया जा रहा है। इसे अतिशीघ्र पूरा कराने के लिये जिलाधिकारी से हस्तक्षेप करने की बात की जायेगी। जिससे मंदाकिनी में मलबा जाने से बचत हो सके। हेमराज चतुर्वेदी ने कहा कि मप्र क्षेत्र में प्रस्तावित सीवर लाइन की योजना को भी यथाशीघ्र प्रारंभ करने के लिये मप्र प्रशासन को पत्र लिखा जायेगा। &lt;br /&gt;गायत्री शक्ति पीठ के व्यवस्थापक डा. राम नारायण त्रिपाठी ने कहा कि दम तोड रही मंदाकिनी अपने संरक्षण के लिये भागीरथ प्रयास की बाट जोह रही है। मंदाकिनी से ही इस तीर्थक्षेत्र की गरिमा है। उन्होंने कहा है कि बाल्मीकि रामायण में लिखा है कि प्रभु राम के स्वरूप में मंदाकिनी का जल बह रहा है। जो भी प्रभु श्री राम से प्रेम करते हैं उन्हें मंदाकिनी के संरक्षण को आगे आना होगा। &lt;br /&gt;उन्होंने कहा कि उप्र और मप्र दोनो सरकारों ने चित्रकूट को पालीथिन मुक्त क्षेत्र घोषित किया हुआ है किंतु हर जगह पालीथिन का प्रयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है। इसके लिये सभी को जगाने का काम तेजी से किया जाये। उन्होंने चित्रकूट को प्रदूषण मुक्त क्षेत्र बनाने के साथ ही मंदाकिनी को बचाने के लिये 5 अप्रैल को होने वाली बैठक के लिये सभी को सहभाग करने की अपील की। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-4716687141207659017?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/4716687141207659017/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2011/04/blog-post.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/4716687141207659017'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/4716687141207659017'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2011/04/blog-post.html' title='मंदाकिनी को बचाने के लिये आगे आयें सभी'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-8819623052816942980</id><published>2010-07-31T04:05:00.001-07:00</published><updated>2010-07-31T04:05:57.329-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='पानी की तलाश'/><title type='text'>दम तोड रही हैं बुंदेलखंड की नदियां</title><content type='html'>अंबरीश कुमार&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;लखनऊ। मानसून के इंतजर में अब बुंदेलखंड की नदियों की धार दम तोड़ने लगी है। बेतवा, केन, उर्मिल और मंदाकिनी नदी सूखे की चपेट में हैं। मानसून की देरी के चलते जहां ओरछा-जलौन से हमीरपुर के रास्ते में बेतवा की धार टूट चुकी है तो चित्रकूट में मंदाकिनी, बांदा में केन और महोबा की सीमा पर उर्मिल का भी यही हाल है। बरसात न होने से ताल-तालाब सूखते ज रहे हैं और पानी का संकट गहरा गया है। महोबा में १८ में से १६ चंदेलकालीन तालाब सूख चुके हैं। नब्बे फीसदी से ज्यादा हैंडपंप जबाब दे चुके हैं। महोबा, ङांसी, ललितपुर, हमीरपुर और बांदा से पलायन तेज हो रहा है। उधर चित्रकूट से मिली जनकारी के मुताबिक बरसात के लिए चित्रकूट में पूज-पाठ और यज्ञ शुरू हो गए हैं। जून में गर्मी का नया रिकार्ड बन रहा है। महोबा में पारा ४८ तक पहुंच चुका है तो पीलीभीत से सटे तराई के इलाके खटीमा में ४३ डिग्री तापमान हो गया है और लू चल रही है। बुंदेलखंड से लेकर पूर्वांचल तक आसमान से जो आग बरस रही है, उससे सभी बेहाल हैं। लखनऊ में जो स्कूल-कालेज जून में ही खुल गए थे, उन्होंने फिर से बंद करा दिया है।&lt;br /&gt;लोकसभा चुनाव हो चुका है और विधानसभा चुनाव दूर है। यही वजह है कि अब न तो पानी मुद्दा बन रहा है और न ही पलायन। पिछले साल ही कांग्रेस के युवा चेहरे राहुल गांधी ने बुंदेलखंड का दौरा कर वहां भूख, भुखमरी और पानी का सवाल उठाया था। इसके जबाब में मायावती ने कांग्रेस पर निशाना साधा पर बुंदेलखंड के लिए ढेर सारे वादे किए। पर अब बुंदेलखंड न केन्द्र की सत्तारूढ़ दल की प्राथमिकता पर है और न ही राज्य में राज कर रही मायावती की प्राथमिकता पर। नतीजतन बुंदेलखंड में पानी का संकट और गहराने लगा है। गौरतलब है कि वैध और अवैध खनन के चलते भूजल स्तर जो पहले से ही काफी नीचे चला गया था, और नीचे ज रहा है। खनन के चलते विस्फोटकों के अंधाधुंध इस्तेमाल से पूरा पर्यावरण प्रभावित हुआ है। जिससे ताल-तालाब सूखते ज रहे हैं और नदियों की धार दम तोड़ रही है। जलौन के १४५५ तालाबों में से हजर से ज्यादा तालाबों में पानी नजर नहीं आता। कुछ तालाब नहर के पानी के भरोसे हैं तो कई इलाकों में टैंकर के पानी पर लोग गुजरा कर रहे हैं। ज्यादातर तालाबों में धूल उड़ रही है और मवेशी पानी के लिए दर-दर भटक रहे हैं। जलौन के कठौरा, माधवगढ़, रामपुरा और महेबा ब्लाक के ८0 फीसदी तालाब सूख चुके हैं। पानी के भीषण संकट को देखना हो तो इटौरा, हरचंदपुर, पाली, अमिरवा, निस्बा, जमरेही, लीधीपुर, इकौना, पंडौरा, चतेला, बड़ागांव, मरगाया और बनीना के तालाबों पर नजर डाल लें। इन गांवों के तालाबों के चारों ओर धूल उड़ती नजर आएगी। तपती दोपहरिया में तालाब के आसपास न कोई पक्षी नजर आता है न कोई पशु। रामपुरा क्षेत्र में १७९ तालाब हैं जिसमें प्रशासन का दावा है कि उसने एक तिहाई तालाबों में पानी भरवा दिया है। लेकिन मौके पर जएं तो सिर्फ दजर्न भर तालाबों में पानी नजर आएगा। नहर के टेल के दायरे में आने वाले गांव मशलन महापौली, पुरा, महाटौली, खोई और बहादुरपुर के तालाब पर तालाब भर सके, इतना पानी भी नहीं है। पानी के लिए नहर के अलावा नलकूप दूसरा सहारा है। लेकिन सरकारी नलकूप ठप पड़े नजर आते हैं और निजी नलकूप वाले तालाब भरने के लिए दस हजर रूपए किराया मांगते हैं।&lt;br /&gt;पानी का संकट महोबा जिले में और गहराता ज रहा है। महोबा के १८ में से १६ तालाब सूख चुके हैं। सिर्फ दो तालाब बेलासागर और मदन सागर में थोड़ा पानी है। गौरतलब है कि पिछले साल भी पानी के संकट के चलते महोबा से बड़ी संख्या में पलायन हुआ था। महोबा में बड़े पैमाने पर वैध व अवैध खनन होता है। जिसके चलते यहां हर साल पानी का संकट बढ़ता ज रहा है। महोबा से जनसत्ता संवाददाता हरिशचंद्र के मुताबिक सलारपुर, रैपुरा, कीरतसागर, कल्याण सागर, दिसरापुर, विजय सागर, रहिल सागर, कुलपहाड़ में बिलरी, पवा, कमालपुरा, उरवारा, छतरवारा, टीकामऊ और बड़ी बंधी तालाब पूरी तरह सूख गए हैं। महोबा में पलायन फिर तेज हो चुका है। इसकी मुख्य वजह पानी का बढ़ता संकट है।&lt;br /&gt;उधर चित्रकूट में मानसून के लिए यज्ञ हो रहा है। बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा यह यज्ञ करा रहा है। ताकि पानी का संकट दूर हो। चित्रकूट के संदीप रिछारिया मंदाकिनी नदी के प्रदूषण को लेकर नई पहल कर रहे हैं। संदीप ने कहा, ‘चित्रकूट में सिर्फ मंदाकिनी ही नहीं कई और नदियां भी दम तोड़ रही हैं। इनमें बाल्मिकी, बुनता और बागिन जसी नदियां शामिल हैं। पौराणिक नदी मंदाकिनी की धारा फिलहाल क्षेत्र में टूट चुकी है। कई किलोमीटर क्षेत्र में पता नहीं चलता कि यह ऐतिहासिक नदी है या विलुप्त हो गई। पहले तो यह प्रदूषण का शिकार थी और अब सूखे के चलते यह दम तोड़ रही है।’ गौरतलब है कि मंदाकिनी नदी के प्रदूषण को लेकर मंदाकिनी शुद्धि आंदोलन भी शुरू हुआ था पर अब बुंदेलखंड में नदी और ताल-तालाबों को बचाने के लिए नई पहल की जरूरत महसूस की ज रही है। बांदा में बरदहा, सेहा, बाणगंगा, कैल, सुरती, गड़रा, चंद्रावल, गवाइन आदि नदियों के सूख जने से सैकड़ों गांवों में पानी के संकट से हाहाकार मचा हुआ है। पानी की तलाश में बड़ी तादाद में मवेशी रास्ता भटककर लापता हो गए हैं।&lt;br /&gt;बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा के नेता अजीत सिंह के मुताबिक यदि बुंदेलखंड के पानी के संकट पर कोई ठोस पहल जल्द नहीं की गई तो स्थिति भयावह हो जएगी।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-8819623052816942980?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/8819623052816942980/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2010/07/blog-post.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/8819623052816942980'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/8819623052816942980'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2010/07/blog-post.html' title='दम तोड रही हैं बुंदेलखंड की नदियां'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-1257467737070192298</id><published>2010-04-24T02:21:00.000-07:00</published><updated>2010-04-24T02:21:42.956-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='मां मंदाकिनी'/><title type='text'>कम से कम यहां पर नहीं डाली जाती नदी में सीधे मिट्टी की मूर्तियां</title><content type='html'>चित्रकूट। &lt;span style="font-size: small;"&gt;संदीप रिछारिया &lt;/span&gt;भले ही मंदाकिनी को बचाने वालों ने अपना गला फाड़-फाड़ कर सैकड़ों बार कहा हो कि घरों की पूजा में प्रयुक्त होने वाली पूजन सामाग्री के साथ ही टूटी मूर्तियों को नदी में न डाले पर इसका फायदा होता दिखाई नहीं दिया। जन चेतना नहीं के बराबर जागी और धर्मनगरी हो या फिर मुख्यालय हर जगह पूजन सामग्री के साथ ही टूटी मूर्तियों को मंदाकिनी में ही विसर्जित किये जाने की परंपरा खत्म होने का नाम नही ले रही है। पर मुख्यालय के एक गुमनाम शख्स ने ऐसी पहल को जन्म दिया जिसका सरोकार न केवल मुख्यालय के रहने वालों से है बल्कि लगभग एक सैकड़ा गांवों के लोगों से भी है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;जी हां, यह ऋषि अत्रि की तपस्वनी पत्नी मां अनुसुइया के तपोबल से प्रकट की हुई मां मंदाकिनी का मामला है। दो प्रदेशों के लोगों के लिये जीवन जीने का प्रमुख अवयव 'जल' को प्रदान करने वाली मां मंदाकिनी की जीवन धारा को कम करने का काम करने वाली घास की सफाई के साथ ही दलदल को निकालने का काम करने वाले समाजसेवियों ने राजाघाट में एक नई पहल को जन्म दिया है। यह एक ऐसी पहल है जिसमें धार्मिकता का पुट पूरी तरह से है पर इस धार्मिकता का पूरा सरोकार मां मंदाकिनी को प्रदूषण से बचाने का है। वैसे इस काम की शुरुआत किसने की इस बात की तो सही जानकारी नही मिली पर इस पहल का फायदा यह मिला कि अब मंदाकिनी के राजाघाट तो कम से कम लोग घर में टूटी मिट्टी की मूर्तियों को सीधे तौर पर नदी में नही बहाते। धुस के मैदान के रहने वाले अचित्य कुमार सिंह हो या फिर रज्जन अग्रवाल, इस बात के तो सभी हिमायती दिखे कि जिसने भी यह नायाब पहल की वह वास्तव में तारीफ के काबिल है। &lt;br /&gt;गौरतलब है कि मंदाकिनी के राजाघाट पर किसी ने दीपावली के मौके पर पूजी जाने वाली लक्ष्मी गणेश की मूर्तियों के साथ ही अन्य खंडित मूर्तियों को लाकर एक सिरे से स्थापित कर दिया। इस मूर्ति स्थापना का फायदा यह हुआ कि लोग अब इस घाट पर सीधे मूर्तियों को नदी में नही डालते। यहां पर एक छोटा सा मूर्तियों का मंदिर बन गया। यहां पर लगभग सौ से ज्यादा मिट्टी की बिखंडित मूर्तियां रखी हुई हैं। जिनकी संख्या और भी ज्यादा बढ़ती रहती है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-1257467737070192298?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/1257467737070192298/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2010/04/blog-post_9037.html#comment-form' title='1 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/1257467737070192298'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/1257467737070192298'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2010/04/blog-post_9037.html' title='कम से कम यहां पर नहीं डाली जाती नदी में सीधे मिट्टी की मूर्तियां'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>1</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-1744745482798893861</id><published>2010-04-24T02:18:00.000-07:00</published><updated>2010-04-24T02:18:43.780-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='101 गांवों में पानी देने'/><title type='text'>..तो अब यमुना बुझायेगी प्यास</title><content type='html'>चित्रकूट। पीने के पानी की समस्या से जूझते इस जिले के लोगों के लिये एक अच्छी खबर! मऊ ब्लाक के लगभग सभी गांवों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिये जल निगम की निर्माण निगम इकाई ने यमुना नदी के दो तटों से पानी को लिफ्ट कर लगभग 101 गांवों में पानी देने की योजना पर काम प्रारंभ कर दिया है। इसके साथ ही पाठा क्षेत्र के लिये भी पानी देने की बड़ी योजना पर काम चल रहा है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;अधिशाषी अभियंता जल निगम अस्थायी निर्माण खड राम भरोसे बताते हैं कि मऊ ब्लाक के 40 गांवों में पानी देने की योजना पर काम प्रारंभ हो चुका है। इस योजना की कुल लागत 6254.71 लाख रुपये ही है। इस योजना में पूरब पताई गांव में इन्टेकवेल बनाकर पानी को लिफ्ट किया जायेगा। बरगढ़ मोड़ पर ट्रीटमेंट प्लांट बनाकर जल का शोधन किया जायेगा। यहां से 40 गांवों की सप्लाई के लिये पाइप डाला जायेगा। &lt;br /&gt;उन्होंने बताया कि इस योजना में सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें जीआई पाइप का इस्तेमाल मेन सप्लाई में नही किया जायेगा। इसके लिये डीआई पाइप डाला जायेगा। यह पाइप बाजार में बिकती नही है। इसलिये इसके चोरी होने की संभावना नही है। &lt;br /&gt;हर दो या तीन गांवों के बीच में टंकी बनाई जायेगी। दूसरा प्रस्ताव मऊ कस्बे के पास के घाट से पानी को उठाकर लगभग 61 गांवों को पानी देने की है। इस योजना की लागत 100 करोड़ रुपयों की आयेगी। इसके साथ ही तीसरी योजना यमुना नदी से पानी उठाकर सरैंया होते हुये पाठा के इलाके में पानी देने की है। इस योजना से ऊंचाडीह न्याय पंचायत के तमाम गांवों व मजरों के साथ ही अन्य गांवों को पानी देने की योजना है। इस योजना के लिये अभी सर्वे का काम चल रहा है। मुख्य योजना नगरीय पेयजल पुर्नगठन योजना के अन्तर्गत मुख्यालय में पानी की सप्लाई को 8 एम एल डी से बढ़ाकर 18 एमएलडी करना है। इस योजना का काम तेजी से चल रहा है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-1744745482798893861?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/1744745482798893861/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2010/04/blog-post_24.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/1744745482798893861'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/1744745482798893861'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2010/04/blog-post_24.html' title='..तो अब यमुना बुझायेगी प्यास'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-1640028873750060036</id><published>2010-04-24T02:14:00.000-07:00</published><updated>2010-04-24T02:14:49.525-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='मंदाकिनी'/><title type='text'>धर्मनगरी का कीचड़ ढो रही पवित्र मंदाकिनी !</title><content type='html'>चित्रकूट। संदीप रिछारिया सीतापुर कस्बे में लगभग दशक भर पहले शुरु हुई सीवर लाइन योजना का काम अभी पूरा होना बाकी है। विभाग की माने तो सम्प बेल बनने के बाद योजना पूरी हो जायेगी। इस काम में छह महीने लग सकते हैं। सीवर योजना के नाम पर अभी सीतापुर कस्बे की सीधे मंदाकिनी में गिरायी जा रही है। जिस मंदाकिनी के जल में स्नान करने देशभर से लोग धर्मनगरी में जुटते हो उसकी इस दुर्दशा को देख हर कोई दुखी होता है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मुख्यालय में तो अब तक सीवर योजना बनी नही जिले में यह योजना अभी सीतापुर कस्बे में जलनिगम द्वारा लगभग दस साल पहले शुरु की गई थी। सीवर योजना के तहत सीतापुर की पूरी गंदगी पाइप लाइन के जरिये मंदाकिनी ले जाई गई और बिना ट्रीटमेंट प्लान्ट बनाये इसे सीधे मंदाकिनी में डालने का काम शुरु करा दिया गया। लगातार मंदाकिनी में गंदगी डाले जाने से इस पवित्र नदी का पानी प्रदूषित हो गया। वर्षो से गंदगी को मंदाकिनी से अलग डालने की मांग स्थानीय लोग कर रहे थे तब लंबित पड़ी ट्रीटमेंट प्लान्ट की मंजूरी मिली और इसके लिये दो साल पहले शासन ने पौने चार करोड रुपये विभाग को दिये। विभाग ने तय किया कि मंदाकिनी किनारे सम्प बेल बनाकर पूरी गंदगी व गंदे पानी को लिफ्ट करके रानीपुर के पास बने प्लांट में ले जाया जायेगा। इसके लिये विभाग ने काम भी शुरु कराया रामघाट से रानीपुर तक सीवर लाइन बिछा दी गई पर अभी सम्प बेल का काम बाकी है। रानीपुर में विभाग ने लगभग 47 लाख रुपये खर्च करके जमीन खरीद ली है। विभाग के अधिकारी कहते हैं छह महीने बाद जब सम्प बेल का काम पूरा हो जायेगा तो फिर गंदगी मंदाकिनी में नही जायेगी। &lt;br /&gt;रानीपुर में विकलांग विश्वविद्यालय के पीछे खरीदी गई भूमि में फिलहाल खेती हो रही है यहां पर कब प्लांट बन जायेगा इसका इंतजार सबको है। रामघाट से रानीपुर तक सीवर लाइन खोदने के बाद कई जगह उसकी मिट्टी पूरी तरह नहीं ढकी गई। &lt;br /&gt;&lt;strong&gt;क्या कहते हैं अधिकारी &lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;जल निगम के अधिशासी अभियंता रामभरोसा कहते हैं कि छह महीने में धर्मनगरी की सीवर लाइन का काम चालू हो जायेगा। इससे मंदाकिनी को प्रदूषित होने से भी बचाया जा सकेगा। मुख्यालय में भी सीवर लाइन बिछाने की कार्य योजना तैयार हो गई है। करीब 70 करोड़ रुपये की परियोजना को शासन से स्वीकृति मिलनी शेष है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-1640028873750060036?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/1640028873750060036/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2010/04/blog-post.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/1640028873750060036'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/1640028873750060036'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2010/04/blog-post.html' title='धर्मनगरी का कीचड़ ढो रही पवित्र मंदाकिनी !'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-3630243426412365282</id><published>2010-03-29T23:13:00.000-07:00</published><updated>2010-03-29T23:13:03.802-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='ही रहा था'/><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='अब'/><title type='text'>मेगा डेस्टीनेशन प्लान चित्रकूट के विकास की बड़ी पहल</title><content type='html'>चित्रकूट। तीर्थो की इस अद्वितीय नगरी के सम्पूर्ण कायाकल्प को लेकर वास्तव में मध्य प्रदेश सरकार गंभीर है। चितरा गोकुलपुर के आगे से मध्य प्रदेश के प्रवेश द्वार से लेकर ग्रामोदय विश्वविद्यालय के आगे तक नाना जी द्वारा सांसद निधि से बनाई गई सड़क का दोहरीकरण, तुलसी मार्ग से लेकर कामदगिरि प्रमुख द्वार तक सड़क का विस्तारी करण कराने के साथ ही मंदाकिनी में नये घाटों के निर्माण के साथ ही पुराने घाटों के जीर्णोद्धार का काम तो चल ही रहा था, अब चित्रकूट गेगा डेस्टिनेशन परियोजना के अन्तर्गत लगभग 12 परियोजनाओं का शिलान्यास कर मध्य प्रदेश सरकार के मुखिया ने वास्तव में एक अतुलनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;गौरतलब है कि समाजसेवी नाना जी देशमुख के त्रयोदशाह के मौके पर यहां पर आये मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उस समय साफ तौर पर कहा था कि अभी किसी भी घोषणा का न तो दस्तूर है और न ही मौका। इसलिये अभी सिर्फ नाना जी के विकास के कामों पर ही बात होगी आगे आकर दिखाया जायेगा कि कैसे नाना जी के कामों को आगे बढ़ाया जा सकता है और एक पखवारे के तुरन्त बाद ही उन्होंने यह दिखा भी दिया। &lt;br /&gt;मेगा प्रोजेक्ट के अन्तर्गत जहां केवल चित्रकूट के पौराणिक व दर्शनीय स्थलों के विकास के साथ नागरिक सुविधाओं को बढ़ाने के लिये कुल 11 परियोजनाओं के लिये 2401.98 लाख रुपये दिये वहीं जिले की पेयजल, भूमि सुधार व विद्यालयों के निर्माण के शिलान्यास किये। &lt;br /&gt;गेगा प्रोजेक्ट में राघव प्रयाग घाट का निर्माण 325 लाख, राम घाट से राघव प्रयाग के ऊपर छोटा सुसज्जित पुल का निर्माण 222 लाख, भरत घाट से कामदगिरि तक रास्ते के सुद्रणीकरण का निर्माण 168 लाख, हनुमान धारा में सीढि़यों का निर्माण 349.90 लाख, गुप्त गोदावरी में नागरिक सुविधाओं के लिये निर्माण के दो कामों के लिये 290 लाख, मंदाकिनी नदी पर स्टाप डैम का निर्माण 111 लाख, सूर्य कुंड पर नागरिक सुविधाओं के साथ निर्माण के लिये 125 लाख के साथ ही डे सेंटर के साथ ही बडे़ बोर्डो के सहारे यहां के पर्यटन और पौराणिक केंद्रों की जानकारी जगह- जगह पर दी जायेगी।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-3630243426412365282?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/3630243426412365282/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2010/03/blog-post_2643.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/3630243426412365282'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/3630243426412365282'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2010/03/blog-post_2643.html' title='मेगा डेस्टीनेशन प्लान चित्रकूट के विकास की बड़ी पहल'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-8305083484929152337</id><published>2010-03-29T23:12:00.000-07:00</published><updated>2010-03-29T23:12:12.614-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='किया। कहा कि सरकार'/><title type='text'>मंदाकिनी को निर्मल रखने की जिम्मेदारी संतों की- मुख्यमंत्री</title><content type='html'>चित्रकूट। 'चित्रकूट के घाट पर भई संतन की भीड़, तुलसी दास चंदन घिसैं तिलक देत रघुवीर' अगर आज कुछ ऐसा नजारा सामने आ जाये तो फिर जवाब देने के लिये क्या होगा? &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्फटिक शिला परिसर पर मंदाकिनी पूजन और सफाई में श्रमदान के बाद लोगों की अन्तर आत्मा को झकझोरने का प्रयास किया। कहा कि सरकार का जो काम है वह हम कर रहे हैं पर जो काम आपका है वह तो आप करिये। मंदाकिनी की सफाई का काम सरकार से ज्यादा आम लोगों की जिम्मेदारी का है। कहा कि उन्हें आश्चर्य हो रहा है कि जिस जगह को आज से नही बल्कि सतयुग से नर सेवा के साथ ही नारायण सेवा के लिये जाना जाता है वहां के संत मंदाकिनी को बचाने का काम क्यों नही कर रहे हैं। आम लोग संतों का अनुगमन करते हैं। यहां के संतों को अपने आश्रमों से बाहर निकल कर मंदाकिनी की धारा को अविरल बनाये रखने का प्रयास करना चाहिये। &lt;br /&gt;उन्होंने कहा कि जिस पवित्र नदी में भगवान राम और सीता स्नान करते थे और जहां पर प्रभु मां जानकी का श्रंगार करते रहे हों उस जगह पर गंदगी देखकर तो वास्तव में काफी दुख होता है। उन्होंने कहा कि अगर आप मंदाकिनी को साफ नही कर सकते तो इसमें गंदगी भी न डाले। मंदाकिनी पूजा अर्चना जरुर करें पर पूजा के फूल अलग से पात्र लेकर उसको सुव्यवस्थित करें। प्लास्टिक का इस्तेमाल इस इलाके में किसी भी कीमत पर न होने दें। शासन का सहयोग इस काम में पूरी तरह से है पर मप्र का बनाना है तो सबसे पहले चित्रकूट को वास्तव में पवित्र नगरी ही बनाना होगा। सभ्य समाज सफाई से रहता है और कोई भी व्यक्ति गंदगी से रहना पसंद नही करता इसलिये अपने पौराणिक जल स्रोत मंदाकिनी को भी पवित्र बनाये रखने का पूरा प्रयास करना चाहिये। चित्रकूट को हम सबको मिलकर सबसे न्यारा शहर बनाना है। यहां पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने मां मंदाकिनी की पूजा अर्चना करते समय जब फूलों को मंदाकिनी में फेंका जाने लगा तो अलग से कागज मंगवाकर उसमें रखा। काफी देर तक स्वयंसेवकों के साथ खड़े रहकर मुख्यमंत्री ने मंदाकिनी सफाई कार्य में खुद भी हाथ बटायें।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-8305083484929152337?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/8305083484929152337/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2010/03/blog-post_4172.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/8305083484929152337'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/8305083484929152337'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2010/03/blog-post_4172.html' title='मंदाकिनी को निर्मल रखने की जिम्मेदारी संतों की- मुख्यमंत्री'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-5773169548728037570</id><published>2010-03-29T23:11:00.000-07:00</published><updated>2010-03-29T23:11:07.069-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='उड़ाये ही गये और शानदार'/><title type='text'>श्रीराम जन्म की खुशी में डूबी धर्मनगरी</title><content type='html'>चित्रकूट। जैसे ही घड़ी में बारह बजाये समूची धर्मस्थली में मानो एक उबाल सा आ गया। हर एक मठ और मंदिर के घंटे और घडि़याल बजने लगे व लोगों के मुंह 'श्री राम चंद्र कृपाल भजमन हरण भव भय दारुणम्' सुनाई देने लगा। श्री राम जी के जन्म के बाद लोगों में उल्लास का वातावरण चरम पर पहुंच चुका था। इस दौरान अबीर गुलाल के रंग तो उड़ाये ही गये और शानदार अतिशबाजी भी की गई। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;सुबह से ही 'नौमी तिथि मधुमास पुनीता' के साथ ही देश भर आये श्रद्धालु धर्मनगरी में मां मंदाकिनी में स्नान करने के साथ ही स्वामी कामतानाथ की परिक्रमा के लिये निकल पड़े थे। श्री राम जी के जन्म के पहले श्रद्धालुओं का हुजूम, श्री रघुवीर मंदिर बड़ी गुफा, श्री तुलसी पीठ के साथ ही अन्य सभी बड़े व छोटे मंदिरों की तरफ हो गया। धर्म नगरी का सबसे बड़ा आयोजन श्री रघुवीर मंदिर में किया गया। यहां पर लगभग ढाई से तीन हजार लोग इकट्ठा होकर सुबह से ही भजन व पूजन का कार्यक्रम कर रहे थे। श्री राम चरित मानस की चौपाइयों का गायन व्यास गद्दी से होने के बाद उन्हें सभी लोग दोहरा रहे थे। इस दौरान जन्म के पूर्व के सोहर व दादरे भी साधू व महिलायें गा रही थी। यहां पर पूज्य रणछोड़दास जी बापू के देश भर से शिष्य आये हुये थे इनमें कई अनिवासी भारतीय भी थे। घड़ी की सुइयों के ठीक बारह बजते ही यहां पर शंख ध्वनि के साथ ज्यों ही घंटा, घड़ियाल के साथ ही आतिशबाजी का दौर चालू हुआ लोग उत्साह व उमंग में नाच उठे। प्रभु श्री राम की छवि का दर्शन करने के लिये लोगों का उत्साह चरम पर था। 108 आरती वाले पात्र से दिव्य आरती के होने के बाद फिर यहां पर होली के बाद भी अबीर और गुलाल को उड़ाकर लोगों ने अपना उत्साह प्रदर्शित किया। यहां पर ट्रस्ट के सदस्यों के साथ ही ट्रस्टी वी के जैन व अन्य लोग मौजूद थे। उधर, तुलसी पीठ में भी श्री राम जन्मोत्सव का कार्यक्रम जोरदार तरीके से मनाया गया। यहां पर श्री राम जन्मोत्सव मनाने के लिये काफी लोग आये हुये थे। इसके साथ ही रामायणी कुटी सहित अन्य मंदिरों में भी श्री राम जन्म का महोत्सव जोरदार तरीके से मनाया गया।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-5773169548728037570?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/5773169548728037570/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2010/03/blog-post_9883.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/5773169548728037570'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/5773169548728037570'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2010/03/blog-post_9883.html' title='श्रीराम जन्म की खुशी में डूबी धर्मनगरी'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-271068194186810584</id><published>2010-03-29T23:10:00.000-07:00</published><updated>2010-03-29T23:10:13.094-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='मंदाकिनी में सफाई'/><title type='text'>मिलकर काम करने से स्वच्छ होगी मंदाकिनी</title><content type='html'>चित्रकूट। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रदूषित हो रही मंदाकिनी में सफाई अभियान जारी रखा। मंगलवार को राजा घाट में इंटेकवेल के पास मौजूद गंदगी को हटाया गया। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मुख्यालय की श्रीनाथ सेवा समिति, पतंजलि योग समिति, दृष्टि, यूथ्रीए, ललित कला मंच व अन्य संगठनों से जुडे समाजसेवियों ने मंगलवार को मंदाकिनी तट पर एकत्र होकर एक स्वर से नदी की गंदगी को मिलकर हटाने का संकल्प लिया। &lt;br /&gt;उन्होंने नदी में नहा रहे लोगों को प्रदूषित जल व घाट में एकत्र गंदगी से पैदा होने वाली बीमारियों के बारे में जानकारी दी। समाजसेवियों ने कहा कि सिर्फ भाषण देने वालों से प्रदूषित मंदाकिनी स्वच्छ नहीं होगी। सबको मिलकर धरातल पर काम करना होगा। &lt;br /&gt;इसके बाद सभी समाजसेवियों ने सामूहिक रूप से राजा घाट में इंटेकवेल के पास मौजूद गंदगी को हटाकर रुके पानी को आगे बढ़ाने का काम किया। इस अभियान में आनंद राव तैलंग, सख्याहरि बांधोकर, बलवीर सिंह, छेदीलाल तिवारी, शंकर लाल गुप्ता, हरिशंकर सिंह, सुंदरलाल सिंह, पंकज दुबे, लक्ष्मी श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-271068194186810584?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/271068194186810584/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2010/03/blog-post_4569.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/271068194186810584'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/271068194186810584'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2010/03/blog-post_4569.html' title='मिलकर काम करने से स्वच्छ होगी मंदाकिनी'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-215316440014645895</id><published>2010-03-29T23:08:00.001-07:00</published><updated>2010-03-29T23:08:56.338-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='पर यह अभियान'/><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='हो गया'/><title type='text'>जल संस्थान फिर शुरू करेगा मंदाकिनी सफाई अभियान</title><content type='html'>चित्रकूट। लखनऊ में गोमती नदी की सफाई को लेकर नगर विकास मंत्री ने इन्टेकवेलों के आसपास जल को साफ करने का आदेश जारी क्या किया जल संस्थान के आला अधिकारियों से लेकर छोटे स्तर तक के कर्मचारियों को भयानक ठंड के दौरान पानी में उतरना पड़ा। एक दो दिन काम करके बड़े-बडे़ दावे करने के बाद अभियान टाय-टांय फिस्स हो गया, पर यह अभियान मरा नही बल्कि कागजों पर जिंदा रहा और अब खबर है मार्च के अंतिम दिनों में सफाई के नाम पर लम्बी रकम का भुगतान हो सकता है। उधर, जल संस्थान के अधिशाषी अभियंता कहते हैं कि अभियान अप्रैल के महीने में फिर से प्रारंभ किया जायेगा। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;गौरतलब है कि हर साल जल संस्थान के अभिलेखों में राजाघाट की सफाई के नाम पर भुगतान निकाला जाता रहा है और नदी में सिल्ट की मात्रा का हाल यह हो चुका है कि कचरे के अलावा वहां पर कुछ दिखाई नही देता। यही सोचकर अब समाजसेवियों ने राजाघाट पर इन्टेकवेल के आसपास काम भी प्रारंभ कर दिया है। वे लगातार काम करने के इच्छुक भी दिखाई दे रहे हैं। चर्चा है कि जल संस्थान में इस साल भी दूसरे फर्जी पेमेन्टों की तर्ज पर इन्टेकवेल व नदी की सफाई के नाम पर पैसा निकालने की जुगत लगाई जा रही है। &lt;br /&gt;उधर, इस मामले में जल संस्थान के अधिशाषी अभियंता मनोज आर्या कहते हैं कि अभी मार्च के समय वसूली का जोर है। अप्रैल के महीने में लेबर से काम करवा कर नदी की सिल्ट निकलवाई जायेगी। अभी इस काम का कोई पेमेन्ट नही किया गया है। अप्रैल में काम होने के बाद ही पेमेन्ट होगा। सेमरदहा में बने इन्टेकबेल की सफाई के नाम पर 27 हजार के भुगतान होने की बात स्वीकार करते हुये कहा कि वहां पर काम कराया गया था।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-215316440014645895?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/215316440014645895/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2010/03/blog-post_7981.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/215316440014645895'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/215316440014645895'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2010/03/blog-post_7981.html' title='जल संस्थान फिर शुरू करेगा मंदाकिनी सफाई अभियान'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-2963473805724088490</id><published>2010-03-29T23:07:00.000-07:00</published><updated>2010-03-29T23:07:35.503-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='हां कुछ हुआ तो कुओं'/><title type='text'>पाठावासियों की प्यास नही बुझा पाई सरकारी योजनायें</title><content type='html'>चित्रकूट। 'पानी तेरी अजब कहानी, आंचल में दूध आंखों में पानी' और 'चार कोस पर नगर बसा है चार कुंये बिन पानी' ये जीवंत कहावतें उस सच्चाई की बानगी हैं जहां पर सबसे कीमती पानी को माना जाता है। ऐसा यहां पर वर्षो से न केवल सुना जाता था बल्कि देखा भी गया है। अब जहां एक पंचवर्षीय के सूखे के झेलने के बाद जब थोड़ा पानी बरसा तो उन बदरों के प्लावन से न तो तालाब ही भर सके और न ही कुंओं का जल स्तर कुछ ठीक हुआ। हां कुछ हुआ तो कुओं, तालाबों व हैंडपम्पों के नाम सरकारी मशीनरी का 'जुगाड़' हो गया। बरसात के पानी को बचाये जाने की योजनायें हों या फिर वाटर हार्वेस्टिंग या फिर जल संरक्षण की योजनायें व वनीकरण के नाम पर पहाड़ों पर पौधे लगवाये जाने की सच्चाई केवल विभाग के अधिकारी ही जानते हैं। अधिकारियों के पास कागजों का पेट भरने के लिये आंकड़े तो हैं पर गांव-गिरांव व पुरवों को देने के लिये 'पानी' नही है। हैंडपम्प और नलकूपों की कहानी भी काफी दर्द भरी है। जल स्तर के लगातार नीचे सरकने और बोर में डाले जाने वाले कम पाइपों के कारण वे खुद ही प्यासे खड़े हैं। भयावह स्थिति को आंक कर अब प्रशासन भी जागा है। जिलाधिकारी ने रोजाना ब्लाकों से रिपोर्ट दिये जाने के निर्देश दिये हैं। उधर, तालाब व कुओं की खुदाई व सुदृढीकरण का काम महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना में जाने के बाद तो मनमानी और बढ़ चुकी है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;strong&gt;हाल वर्षाे से पानी की कमी से जूझते मानिकपुर ब्लाक का &lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;एक दो नही बल्कि हर साल पानी के लिये दर्जनों आंदोलन, धरने व प्रदर्शन होना यहां आम बात है। नेता अपनी आवाज तो बुलंद करते हैं पर सत्ता मिलने के बाद न उनको प्यास लगती है और न ही प्यासे दिखाई देते हैं। 62 ग्राम सभाओं वाले इस ब्लाक में 115 राजस्व गांवों में 104 आबाद हैं। जिलाधिकारी को दी जाने वाले ब्लाक की रिपोर्ट स्थिति की भयावहता को बताती है। यहां पर कुल हैंडपम्प 2601 हैं। जिनमें 292 रीबोर के लायक और 91 बड़ी मरम्मत होने के लिये तैयार हैं। 1572 कुंयों में से 1145 में पानी बताया जा रहा है जबकि 427 सूखे पड़े हुये हैं। तालाबों की हालत तो और भी ज्यादा खराब दिखाई जा रही है। 319 तालाबों में से 210 सूखे हैं जबकि 109 में पानी होना बताया जा रहा है। इसके अलावा प्यास बुझाने के साधन के रुप में 66 चरही भी हैं। &lt;br /&gt;&lt;strong&gt;क्या कहते हैं जनप्रतिनिधि &lt;/strong&gt;&lt;br /&gt;इलाके से विधायक और ग्राम्य विकास मंत्री दद्दू प्रसाद सार्वजनिक रुप से पाठा क्षेत्र में पानी की कमी को स्वीकार कर कहते हैं कि पानी बरसाने का उपाय केवल पेड़ लगाना ही है। पाठा में वर्षो से पेड़ काटे जा रहे हैं। जिसका प्रतिफल पानी की कमी से भोगा जा रहा है। दो साल पहले पानी की कमी वाले स्थानों पर टैंकरों से पानी की सप्लाई कर लोगों के गले तर किये गये है। कहा कि अभी से अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं और वे सभी पेयजल समस्या के समाधान के लिये हरसंभव उपाय करेंगे। &lt;br /&gt;पूर्व सांसद प्रकाश नारायण त्रिपाठी कहते हैं कि 115 आबाद गांवों में 2600 हैंडपम्प, 1572 कुंये, 319 तालाब, बावडियां, नदी, झरने और पाठा पेय जल योजना के अलावा प्यास बुझाने के तमाम साधनों के बाद भी पाठा प्यासा है। इसकी जिम्मेदार सीधे तौर पर तो सरकार है जो इन पानी देने के साधनों का संरक्षण सही तौर पर नही करती है। गांव के गरीबों के पास जब काम नही है तो वे लकड़ी तो काटेगें ही। सरकारी कल्याणकारी योजनायें कमीशनखोरी के चक्कर में गरीबों तक नही पहुंच पा रही है। &lt;br /&gt;&lt;strong&gt;नही है किसी भी सरकारी इमारत में वाटर हार्वेस्टिंग&lt;/strong&gt; &lt;br /&gt;जिले की सरकारी इमारतों में वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट नही लगाया गया है। जिलाधिकारी कार्यालय, मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय, निवास के साथ ही हालिया बन रहे कांशीराम शहरी गरीब आवासीय योजना के एक हजार मकानों में भी इस योजना का उपयोग नही किया गया। इतना ही नही धर्मनगरी में बनाये गये पर्यटक बंगले में भी इसके मानकों का कोई उपयोग नही किया गया। प्राइवेट मकानों का नक्शा तो प्राधिकरण द्वारा पास कर दिया जाता है वहां भी इस प्लान का ध्यान नही रखा जाता।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-2963473805724088490?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/2963473805724088490/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2010/03/blog-post_29.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/2963473805724088490'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/2963473805724088490'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2010/03/blog-post_29.html' title='पाठावासियों की प्यास नही बुझा पाई सरकारी योजनायें'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-1686627950603694549</id><published>2010-03-27T23:54:00.000-07:00</published><updated>2010-03-27T23:54:45.503-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='एक अतिरिक्त पुल'/><title type='text'>चित्रकूट विकास में धन की कमी आडे़ नहीं आयेगी : शिवराज सिंह चौहान</title><content type='html'>चित्रकूट। धर्मनगरी के विकास के लिए म.प्र. के मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के प्रांगण से चित्रकूट मेगा डेस्टीनेशन परियोजना का शुभारंभ किया। इस मौके पर बोलते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि चित्रकूट के विकास में धन की कमी आडे़ नहीं आयेगी। इस दौरान उन्होंने भरत घाट से कामदगिरि मार्ग, मंदाकिनी में एक अतिरिक्त पुल के निर्माण के साथ ही सूर्यकुंड, गुप्त गोदावरी, हनुमान धारा की ग्यारह परियोजनाओं का शिलान्यास किया। म.प्र के मुख्यमंत्री ने राघव प्रयाग घाट के निर्माण की आधार शिलाएं रखते हुये भरत घाट व राघव प्रयाग घाट का लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं के अलावा भी उन्होंने सतना जिले की अन्य परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;इसके बाद शिवराज सिंह चौहान ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिना तालियां बटोरी साथ ही महिलाओं, कन्याओं व हाल ही में पैदा हुये बच्चों को चेक भी बांटीं। इस दौरान उन्होंने समाजसेवी नाना जी देशमुख को याद करते हुये कहा कि दीन दयाल शोध संस्थान का बोध वाक्य 'हम अपने लिये नही अपनों के लिये हैं अपने वे हैं जो उपेक्षित हैं' वास्तव में कुछ कर गुजरने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि तीन साल बाद इस बार गेंहू का उत्पादन अच्छा हुआ है। मध्य प्रदेश शासन ने गेंहू का समर्थन मूल्य केंद्र सरकार द्वारा तय मूल्य से अधिक रखा है। प्रदेश में बारह सौ रुपये प्रति कुंटल गेंहू खरीदा जायेगा। किसानों को कर्जा भी केवल तीन प्रतिशत ब्याज पर दिया जा रहा है। नगरीय समग्र स्वच्छता अभियान में चित्रकूट को शामिल करने के साथ ही सभी योजनाओं के अलावा पच्चीस लाख रूपये देने की घोषणा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सभी लोग अपना कर्तव्य पूरा करें, जनप्रतिनिधि हवाला घोटाला न करें और जनता की सेवा करें। बच्चों को स्कूल भेजें, साल में एक पेड़ लगाकर उसे जिंदा रखें, गांव का पानी गांव में रोकें, नशा मुक्त गांव बनायें व सरकारी योजनाओं के सही क्रियान्वयन में सरकार को सहयोग करें। &lt;br /&gt;खेलकूद, पर्यटन एवं युवा कल्याण मंत्री तुको जी राव ने कहा कि पहले चित्रकूट के विकास के लिये 6 करोड़ प्रदेश सरकार ने दिये थे जिसमें पांच करोड़ खर्च कर दिये गये हैं। एक करोड़ के काम एक महीने में पूरे हो जायेंगे। उन्होंने कहा कि धर्मनगरी चित्रकूट का विकास करना सरकार की न केवल मंशा है बल्कि प्रमुख लक्ष्य है। प्रभारी मंत्री ऊर्जा, खनिज राजेन्द्र शुक्ल, सांसद गणेश सिंह व विधायक सुरेन्द्र सिंह गहरवार ने भी संबोधित किया। ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ज्ञानेन्द्र सिंह ने शाल व प्रमुख द्वार कामतानाथ मंदिर के प्रतिनिधि ने उन्हें श्री फल भेंट किया। &lt;br /&gt;इसके पूर्व आरोग्य धाम परिसर में आने के बाद मुख्यमंत्री का काफिला सियाराम कुटीर पर पहुंचा। शनिवार को पहले नाना जी के मासिक श्राद्ध होने के चलते यहां पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने उनके कमरे में जाकर अपने श्रद्धासुमन अर्पित किये। यहां पर अप्रवासी भारतीय डा. नरेश शर्मा ने उनसे नाना जी की यादें बांटी। इसके बाद मुख्यमंत्री स्फटिक शिला परिसर में पहुंचे। यहां पर काफी दिनों से रुक-रुक चल रहे मंदाकिनी सफाई अभियान में हाथ बंटाने के साथ ही मंदाकिनी का पूजन-अर्चन किया। इस दौरान गायत्री परिवार के व्यवस्थापक डा. राम नारायण त्रिपाठी व भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-1686627950603694549?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/1686627950603694549/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2010/03/blog-post_2823.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/1686627950603694549'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/1686627950603694549'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2010/03/blog-post_2823.html' title='चित्रकूट विकास में धन की कमी आडे़ नहीं आयेगी : शिवराज सिंह चौहान'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-2627617745063568466</id><published>2010-03-27T23:52:00.000-07:00</published><updated>2010-03-27T23:52:17.814-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='12 परियोजनाओं का'/><title type='text'>मेगा डेस्टीनेशन प्लान चित्रकूट के विकास की बड़ी पहल</title><content type='html'>चित्रकूट। तीर्थो की इस अद्वितीय नगरी के सम्पूर्ण कायाकल्प को लेकर वास्तव में मध्य प्रदेश सरकार गंभीर है। चितरा गोकुलपुर के आगे से मध्य प्रदेश के प्रवेश द्वार से लेकर ग्रामोदय विश्वविद्यालय के आगे तक नाना जी द्वारा सांसद निधि से बनाई गई सड़क का दोहरीकरण, तुलसी मार्ग से लेकर कामदगिरि प्रमुख द्वार तक सड़क का विस्तारी करण कराने के साथ ही मंदाकिनी में नये घाटों के निर्माण के साथ ही पुराने घाटों के जीर्णोद्धार का काम तो चल ही रहा था, अब चित्रकूट गेगा डेस्टिनेशन परियोजना के अन्तर्गत लगभग 12 परियोजनाओं का शिलान्यास कर मध्य प्रदेश सरकार के मुखिया ने वास्तव में एक अतुलनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;गौरतलब है कि समाजसेवी नाना जी देशमुख के त्रयोदशाह के मौके पर यहां पर आये मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उस समय साफ तौर पर कहा था कि अभी किसी भी घोषणा का न तो दस्तूर है और न ही मौका। इसलिये अभी सिर्फ नाना जी के विकास के कामों पर ही बात होगी आगे आकर दिखाया जायेगा कि कैसे नाना जी के कामों को आगे बढ़ाया जा सकता है और एक पखवारे के तुरन्त बाद ही उन्होंने यह दिखा भी दिया। &lt;br /&gt;मेगा प्रोजेक्ट के अन्तर्गत जहां केवल चित्रकूट के पौराणिक व दर्शनीय स्थलों के विकास के साथ नागरिक सुविधाओं को बढ़ाने के लिये कुल 11 परियोजनाओं के लिये 2401.98 लाख रुपये दिये वहीं जिले की पेयजल, भूमि सुधार व विद्यालयों के निर्माण के शिलान्यास किये। &lt;br /&gt;गेगा प्रोजेक्ट में राघव प्रयाग घाट का निर्माण 325 लाख, राम घाट से राघव प्रयाग के ऊपर छोटा सुसज्जित पुल का निर्माण 222 लाख, भरत घाट से कामदगिरि तक रास्ते के सुद्रणीकरण का निर्माण 168 लाख, हनुमान धारा में सीढि़यों का निर्माण 349.90 लाख, गुप्त गोदावरी में नागरिक सुविधाओं के लिये निर्माण के दो कामों के लिये 290 लाख, मंदाकिनी नदी पर स्टाप डैम का निर्माण 111 लाख, सूर्य कुंड पर नागरिक सुविधाओं के साथ निर्माण के लिये 125 लाख के साथ ही डे सेंटर के साथ ही बडे़ बोर्डो के सहारे यहां के पर्यटन और पौराणिक केंद्रों की जानकारी जगह- जगह पर दी जायेगी।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-2627617745063568466?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/2627617745063568466/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2010/03/blog-post_27.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/2627617745063568466'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/2627617745063568466'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2010/03/blog-post_27.html' title='मेगा डेस्टीनेशन प्लान चित्रकूट के विकास की बड़ी पहल'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-5616797542485950245</id><published>2010-03-27T23:50:00.000-07:00</published><updated>2010-03-27T23:50:00.273-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='स्फटिक शिला परिसर'/><title type='text'>मंदाकिनी को निर्मल रखने की जिम्मेदारी संतों की- मुख्यमंत्री</title><content type='html'>चित्रकूट। 'चित्रकूट के घाट पर भई संतन की भीड़, तुलसी दास चंदन घिसैं तिलक देत रघुवीर' अगर आज कुछ ऐसा नजारा सामने आ जाये तो फिर जवाब देने के लिये क्या होगा? &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्फटिक शिला परिसर पर मंदाकिनी पूजन और सफाई में श्रमदान के बाद लोगों की अन्तर आत्मा को झकझोरने का प्रयास किया। कहा कि सरकार का जो काम है वह हम कर रहे हैं पर जो काम आपका है वह तो आप करिये। मंदाकिनी की सफाई का काम सरकार से ज्यादा आम लोगों की जिम्मेदारी का है। कहा कि उन्हें आश्चर्य हो रहा है कि जिस जगह को आज से नही बल्कि सतयुग से नर सेवा के साथ ही नारायण सेवा के लिये जाना जाता है वहां के संत मंदाकिनी को बचाने का काम क्यों नही कर रहे हैं। आम लोग संतों का अनुगमन करते हैं। यहां के संतों को अपने आश्रमों से बाहर निकल कर मंदाकिनी की धारा को अविरल बनाये रखने का प्रयास करना चाहिये। &lt;br /&gt;उन्होंने कहा कि जिस पवित्र नदी में भगवान राम और सीता स्नान करते थे और जहां पर प्रभु मां जानकी का श्रंगार करते रहे हों उस जगह पर गंदगी देखकर तो वास्तव में काफी दुख होता है। उन्होंने कहा कि अगर आप मंदाकिनी को साफ नही कर सकते तो इसमें गंदगी भी न डाले। मंदाकिनी पूजा अर्चना जरुर करें पर पूजा के फूल अलग से पात्र लेकर उसको सुव्यवस्थित करें। प्लास्टिक का इस्तेमाल इस इलाके में किसी भी कीमत पर न होने दें। शासन का सहयोग इस काम में पूरी तरह से है पर मप्र का बनाना है तो सबसे पहले चित्रकूट को वास्तव में पवित्र नगरी ही बनाना होगा। सभ्य समाज सफाई से रहता है और कोई भी व्यक्ति गंदगी से रहना पसंद नही करता इसलिये अपने पौराणिक जल स्रोत मंदाकिनी को भी पवित्र बनाये रखने का पूरा प्रयास करना चाहिये। चित्रकूट को हम सबको मिलकर सबसे न्यारा शहर बनाना है। यहां पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने मां मंदाकिनी की पूजा अर्चना करते समय जब फूलों को मंदाकिनी में फेंका जाने लगा तो अलग से कागज मंगवाकर उसमें रखा। काफी देर तक स्वयंसेवकों के साथ खड़े रहकर मुख्यमंत्री ने मंदाकिनी सफाई कार्य में खुद भी हाथ बटायें।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-5616797542485950245?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/5616797542485950245/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2010/03/blog-post.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/5616797542485950245'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/5616797542485950245'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2010/03/blog-post.html' title='मंदाकिनी को निर्मल रखने की जिम्मेदारी संतों की- मुख्यमंत्री'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-8234700445718312370</id><published>2010-02-06T21:57:00.000-08:00</published><updated>2010-02-06T21:57:37.646-08:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='अगले हफ्ते से नदी'/><title type='text'>पोकलैंड मशीन से होगी मंदाकिनी में सफाई</title><content type='html'>चित्रकूट। मध्य प्रदेश के हिस्से वाले चित्रकूट को जहां शासन ने पवित्र नगरी घोषित कर इसे सुन्दर बनाने की जोर आजमाइश जारी कर रखी है वहीं मंदाकिनी नदी को लेकर विशेष चिंता भी की है। राज्य सरकार के निर्देश पर कमिश्नर ने खुद ही सभी आम और खास को पिछले दिनों बुलाकर बैठक में साफ तौर कहा था कि मंदाकिनी की सफाई प्रमुख काम है। अगले हफ्ते से नदी में सफाई का काम सरकारी स्तर पर जिला प्रशासन प्रारंभ कर देगा। इसमें नगर पंचायत की सक्रिय भूमिका रहेगी, पर वास्तव में तस्वीर के रंग इससे बिलकुल उलट हैं। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;नगर पंचायत के अध्यक्ष नीलांशु चतुर्वेदी कहते हैं कि शासन की पहल तो काफी अच्छी है। डिजायर ग्रुप के बैनर तले उन्होंने मंदाकिनी की सफाई का काम काफी किया। मंदाकिनी शुद्धि आंदोलन में भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया पर अभी कमिश्नर के आदेश के तीन दिन बीत जाने के बाद जिला प्रशासन ने उन्हें बताया ही नही कि वास्तव में वे नदी की सफाई कैसे करेंगे और नगर पंचायत की उसमें भूमिका क्या होगी? &lt;br /&gt;उन्होंने कहा कि मंदाकिनी की सफाई का संकल्प तो उन्होंने तब लिया था जब वे ग्रामोदय विवि के छात्र थे। डिजायर ग्रुप का जन्म भी इसी संकल्पना के आधार पर हुआ था। चित्रकूट के विकास के लिये वे हमेशा सरकार के साथ हैं। कहा कि अगर जिला प्रशासन के लोग उन्हें अवगत करा दें कि उनकी भूमिका इस काम में क्या है तो काम करने में काफी आसानी हो जायेगी। बताया कि नक्शे के हिसाब से उतारा बाजार तक का पानी मध्य प्रदेश के हिस्से में आता है। पर्यटक उप्र में आये या मध्य प्रदेश में वह आता तो चित्रकूट ही है और राम घाट में खड़े होकर जब दूसरी तरफ निगाह डालता है तो उसे हर तरफ का पानी कंचन जैसा चमकता दिखाई देना चाहिये। &lt;br /&gt;इस मामले पर महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ज्ञानेन्द्र सिंह काफी आहत हैं। उनका कहना है कि चित्रकूट की विशेष पहचान मंदाकिनी को हम खुद ही मिटाने पर तुले हुये हैं। पालीथिन का प्रयोग किसी भी कीमत में यहां पर बंद होना चाहिये और नदी की सफाई की जिम्मेदारी जब सब लेंगे और यह आदत में शुमार हो जायेगा तभी उसका भला होगा।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-8234700445718312370?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/8234700445718312370/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2010/02/blog-post_8448.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/8234700445718312370'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/8234700445718312370'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2010/02/blog-post_8448.html' title='पोकलैंड मशीन से होगी मंदाकिनी में सफाई'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-4499732279860406876</id><published>2010-02-06T21:55:00.000-08:00</published><updated>2010-02-06T21:55:39.101-08:00</updated><title type='text'>तो बहुर सकते मंदाकिनी के दिन</title><content type='html'>&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://2.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/S25Vxj8z3MI/AAAAAAAAAUM/2U-hT0PCvgs/s1600-h/2crt-7.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" kt="true" src="http://2.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/S25Vxj8z3MI/AAAAAAAAAUM/2U-hT0PCvgs/s320/2crt-7.jpg" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;/div&gt;चित्रकूट। मध्य प्रदेश के हिस्से वाले चित्रकूट को जहां शासन ने पवित्र नगरी घोषित कर इसे सुन्दर बनाने की जोर आजमाइश जारी कर रखी है वहीं मंदाकिनी नदी को लेकर विशेष चिंता भी की है। राज्य सरकार के निर्देश पर कमिश्नर ने खुद ही सभी आम और खास को पिछले दिनों बुलाकर बैठक में साफ तौर कहा था कि मंदाकिनी की सफाई प्रमुख काम है। अगले हफ्ते से नदी में सफाई का काम सरकारी स्तर पर जिला प्रशासन प्रारंभ कर देगा। इसमें नगर पंचायत की सक्रिय भूमिका रहेगी, पर वास्तव में तस्वीर के रंग इससे बिलकुल उलट हैं। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;नगर पंचायत के अध्यक्ष नीलांशु चतुर्वेदी कहते हैं कि शासन की पहल तो काफी अच्छी है। डिजायर ग्रुप के बैनर तले उन्होंने मंदाकिनी की सफाई का काम काफी किया। मंदाकिनी शुद्धि आंदोलन में भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया पर अभी कमिश्नर के आदेश के तीन दिन बीत जाने के बाद जिला प्रशासन ने उन्हें बताया ही नही कि वास्तव में वे नदी की सफाई कैसे करेंगे और नगर पंचायत की उसमें भूमिका क्या होगी? &lt;br /&gt;उन्होंने कहा कि मंदाकिनी की सफाई का संकल्प तो उन्होंने तब लिया था जब वे ग्रामोदय विवि के छात्र थे। डिजायर ग्रुप का जन्म भी इसी संकल्पना के आधार पर हुआ था। चित्रकूट के विकास के लिये वे हमेशा सरकार के साथ हैं। कहा कि अगर जिला प्रशासन के लोग उन्हें अवगत करा दें कि उनकी भूमिका इस काम में क्या है तो काम करने में काफी आसानी हो जायेगी। बताया कि नक्शे के हिसाब से उतारा बाजार तक का पानी मध्य प्रदेश के हिस्से में आता है। पर्यटक उप्र में आये या मध्य प्रदेश में वह आता तो चित्रकूट ही है और राम घाट में खड़े होकर जब दूसरी तरफ निगाह डालता है तो उसे हर तरफ का पानी कंचन जैसा चमकता दिखाई देना चाहिये। &lt;br /&gt;इस मामले पर महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ज्ञानेन्द्र सिंह काफी आहत हैं। उनका कहना है कि चित्रकूट की विशेष पहचान मंदाकिनी को हम खुद ही मिटाने पर तुले हुये हैं। पालीथिन का प्रयोग किसी भी कीमत में यहां पर बंद होना चाहिये और नदी की सफाई की जिम्मेदारी जब सब लेंगे और यह आदत में शुमार हो जायेगा तभी उसका भला होगा।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-4499732279860406876?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/4499732279860406876/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2010/02/blog-post_06.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/4499732279860406876'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/4499732279860406876'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2010/02/blog-post_06.html' title='तो बहुर सकते मंदाकिनी के दिन'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' 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की विशालकाय पेयजल योजना का हाल क्या होगा? क्योंकि इस नदी के भरोसे ही इस जिले की आधी से ज्यादा आबादी को पानी पिलाने का काम चित्रकूट धाम जल संस्थान कर रहा है। फिलहाल अभी जल संस्थान के अधिकारी केवल इन्टेकवेल के पास ही नदी की सफाई करवाने के लिये तलवारें भांज रहे हैं। दो जनवरी को सफाई करने की रस्म अदायगी के बाद अभी तक विभाग ने न तो कोई कार्य योजना बनाई है और ना ही ऐसा होता आगे दिखाई दे रहा है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;गौरतलब है कि गर्मी में हर साल पाठा क्षेत्र में पानी के लिये त्राहि-त्राहि मचती रही है। हर साल सरकार और समाजसेवी इस बात को लेकर गंभीर दिखाई देने लगते हैं कि पाठा की प्यास कैसे बुझे। अत्यधिक गर्मी बढ़ने पर पिछले सालों में प्रशासन ने टैंकरों से पानी भी सप्लाई करवायी थी। &lt;br /&gt;यहां यह भी उल्लेखनीय है कि कभी पाठा की प्यास को ही देखकर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने यहां पर पाठा पेयजल योजना की शुरुआत की थी। योजना में सम्मिलित कुल 375 ग्रामों में से अभी भी कुल 232 गांवों को ही पानी देने की बात करता है। विभाग खुद ही अभी लगभग डेढ़ सौ गांवों में पानी न दे पाने को अपने आपको सक्षम नही मानता। गौर करने लायक बात यह भी है कि विभाग जिन गांवों में पानी सप्लाई करने की बात कागजों पर करता है वहां पर स्थलीय निरीक्षण करने पर तस्वीर के रंग बदल जाते हैं। उमरी, खिचरी, हेला, ऊंचाडीह, झलमल, रानीपुर कल्याणगढ़, चुरेह केशरुवा, हरिजनपुर सहित तमाम गांवों में तो नलों से पानी निकलते लोगों ने देखा ही नही। &lt;br /&gt;अधिशाषी अधिकारी मनोज आर्या कहते हैं वे अपने स्तर पर तो काफी दौड़ भाग करते हैं। कुछ नये गांव प्रारंभ भी कराये गये हैं। गड़बडि़यों पर नजर रखने की बात करते हुये कहते हैं कि इस गर्मी में पाठा में पानी की किल्लत नही होने दी जायेगी।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-4217235710590213529?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/4217235710590213529/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2010/02/blog-post.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/4217235710590213529'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/4217235710590213529'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2010/02/blog-post.html' title='मंदाकिनी पानी तरसी तो पाठा प्यासा'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-6530084934367089654</id><published>2009-12-30T22:53:00.000-08:00</published><updated>2009-12-30T22:53:23.749-08:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='अधिवक्ता व किसान जुटे'/><title type='text'>मंदाकिनी शुद्धि आंदोलन कुछ जागे पर ज्यादातर सोते रहे</title><content type='html'>चित्रकूट। आज दुनिया भर में प्रकृति के बिगड़ते संतुलन को लेकर बैठकों और चर्चाओं के बाजार गर्म हों लेकिन फिर भी प्रकृति को बचाने के लिए गंभीर कदम उठाना अभी बाकी है। इसी बीच इस धर्मनगरी भी कुछ ऐसे प्रयास हुये जिनको लेकर राष्ट्र स्तर पर चर्चा होनी अभी बांकी है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;'दैनिक जागरण' द्वारा 'जल संरक्षण' को लेकर एक मई 2009 से 'मंदाकिनी शुद्धि आंदोलन' चलाई गई एक मुहिम में हर उम्र वर्ग के लोगों ने इस नदी को बचाने के लिए कमर कसी। सबसे पहले ब्राह्मण सेवा दल आगे आया और फिर गायत्री परिवार ने इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। गंभीरता के साथ चले इस कार्यक्रम में जहां समाज के विभिन्न घटक शिक्षक, डाक्टर, छात्र, अधिवक्ता व किसान जुटे वहीं संत समाज और स्वयं सेवी संगठनों ने हाथ बटाया। जून के महीने में पदयात्रा की दीन दयाल शोध संस्थान व डिजायर ग्रुप ने नदी के बहने वाले मध्य प्रदेश क्षेत्र में कमान संभाली, वहीं उत्तर प्रदेश के क्षेत्र में लगभग अस्सी किलोमीटर की जिम्मेदारी ब्राम्हण सेवा दल ने निभाई। &lt;br /&gt;जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य द्वारा हरी झंडी दिखाकर पदयात्रा की शुरुआत की गई। इसके बाद मध्य प्रदेश की सरकार ने तुरन्त ही लगभग तीस लाख रुपये देकर नया गाव में पुल के नीचे लगभग 1500 मीटर की सफाई कराई। &lt;br /&gt;जेसीबी हाइड्रोलिक मशीन से लगभग एक से डेढ़ मीटर खुदाई भी हुई। इसके साथ ही नदी की सफाई के साथ ही सम्पूर्ण चित्रकूट क्षेत्र के कायाकल्प के लिये भी मास्टर प्लान अधिकारियों ने जन प्रतिनिधियों व समाजसेवियों के साथ मिल बैठ कर बनाया। लगभग चालीस करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट में सात लाख रुपये मंदाकिनी को प्रदूषण से बचाने के लिये सीवरेज प्लांट के रुप में दिये गये हैं। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार ने भी वर्षों पुराने पड़े सीवरेज प्लांट को फिर से जिंदा करने की मुहिम को आगे बढ़ाया। जुलाई के महीने में होने वाले विशाल रुद्र निर्माण को लेकर जब आचार्य देव प्रभाकर शास्त्री के शिष्य फिल्म सितारे आशुतोष राणा व राजपाल यादव यहां आये तो धर्म नगरी के संतों ने सवा करोड़ रुद्रों के मंदाकिनी नदी में विसर्जन को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। मामला सुलटता न देख सीधे तौर पर आंदोलन की धमकी देने के बाद जिला प्रशासन को इसमें प्रत्यक्ष तौर हस्तक्षेप करना पड़ा। बाद में यमुना और दूसरी नदियों में विसर्जन को लेकर सहमति बनी।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-6530084934367089654?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/6530084934367089654/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/12/blog-post_2527.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/6530084934367089654'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/6530084934367089654'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/12/blog-post_2527.html' title='मंदाकिनी शुद्धि आंदोलन कुछ जागे पर ज्यादातर सोते रहे'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-2790498797294232224</id><published>2009-12-30T22:51:00.000-08:00</published><updated>2009-12-30T22:51:43.472-08:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='जिले के लोगों के'/><title type='text'>मंदाकिनी : अपनों से दुखी, अपनों से ही आस</title><content type='html'>चित्रकूट। 'धर्मनगरी की दो बड़ी पहचान एक भगवान कामतानाथ तो दूसरी मां अनुसुइया के तपोबल से प्रकटी मां मंदाकिनी'। एक तरफ भगवान कामतानाथ के दर्शनों को लाखों की भीड़ जुटती हैं साथ ही पाप नष्ट करने को मंदाकिनी में डुबकी लगाते हैं। लेकिन कितना दुखद है कि कुछ लोग लोभ लालच के चलते जीवनदायिनी मंदाकिनी के जल को दूषित कर रहे है। वास्तव में मंदाकिनी तो अपनों के ही जुल्मों की दास्तान सुना रही है। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;मंदाकिनी से प्रदूषण मुक्ति के उपायों को लेकर कुछ संगठन सक्रिय दिखे पर काफी निष्क्रिय भी रहे। राजनेता और जनप्रतिनिधि इस मामले में आगे नही आये। गायत्री परिवार इस मुद्दे को उछालकर साल भर सक्रिय रहा और उसके परिणाम भी आये। आने वाले साल में जिले के लोगों के सामने सबसे बड़ी चुनौती मंदाकिनी को प्रदूषण से मुक्त कराने की होगी। इसके लिये जरुरी होगा कि इस मुद्दे में आम जनमानस को जोड़ा जाय तभी सार्थक परिणाम आयेंगे। केवल सरकारी प्रयासों के बूते ही मंदाकिनी को प्रदूषण मुक्त बनाने की कल्पना ठीक नही है। &lt;br /&gt;वैसे मां गंगा की तरह की एक नया आंदोलन खड़ा करने की बात करने वाले कुछ स्वयंसेवी संगठन मंदाकिनी को साफ करने के लिये प्रोजेक्ट बनाकर कुछ काम करने में लगे हैं। कुल मिलाकर सरकारी व गैर सरकारी प्रयासों से मंदाकिनी को साफ रखना ही नये साल के लिये सबसे बड़ी चुनौती होगी। &lt;br /&gt;गायत्री परिवार के डा. राम नारायण त्रिपाठी, भागवताचार्य नवलेश दीक्षित, समाजसेवी पंकज अग्रवाल, हाजी इब्राहिम व अजय रिछारिया कहते हैं कि मामला चाहे मध्य प्रदेश का हो या उत्तर प्रदेश क्षेत्र का आने वाले साल में मंदाकिनी के प्रदूषण को खत्म करने की लड़ाई को और भी ज्यादा तेज किया जायेगा।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-2790498797294232224?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/2790498797294232224/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/12/blog-post_30.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/2790498797294232224'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/2790498797294232224'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/12/blog-post_30.html' title='मंदाकिनी : अपनों से दुखी, अपनों से ही आस'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-7401479199618965872</id><published>2009-12-29T23:30:00.001-08:00</published><updated>2009-12-29T23:30:27.955-08:00</updated><title type='text'></title><content type='html'>&lt;div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"&gt;&lt;a href="http://1.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SzsBey4QxqI/AAAAAAAAATI/OEa8HQraUGI/s1600-h/100_1576.jpg" imageanchor="1" style="margin-left: 1em; margin-right: 1em;"&gt;&lt;img border="0" ps="true" src="http://1.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SzsBey4QxqI/AAAAAAAAATI/OEa8HQraUGI/s320/100_1576.jpg" /&gt;&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;/div&gt;&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-7401479199618965872?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/7401479199618965872/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/12/blog-post.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/7401479199618965872'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/7401479199618965872'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/12/blog-post.html' title=''/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><media:thumbnail xmlns:media='http://search.yahoo.com/mrss/' url='http://1.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SzsBey4QxqI/AAAAAAAAATI/OEa8HQraUGI/s72-c/100_1576.jpg' height='72' width='72'/><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-6793127019930314721</id><published>2009-09-26T23:50:00.000-07:00</published><updated>2009-09-26T23:50:40.934-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='लोग पंडालों के संचालकों'/><title type='text'>मंदाकिनी में विसर्जन नहीं करने देगा सतना प्रशासन</title><content type='html'>Sep 26, 10:24 pmबताएं &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;Twitter Delicious Facebook &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;चित्रकूट। भले ही जिला प्रशासन ने रामघाट को प्रतिबंधित कर मुख्यालय में ही मूर्तियों के विसर्जन के लिए तीन स्थानों का चयन कर लिया हो पर सतना जिले के अधिकारी तो पूरी तौर पर सीधे नदी में मूर्तियों को प्रवाहित न किये जाने के लिए कृत संकल्पित हैं। इसके पीछे उनका तर्क है कि उन्होंने पिछले दिनों बीस लाख रूपये खर्च कर भरत घाट से लेकर पुल के नीचे व आगे तक लगभग तेरह सौ मीटर तक जेसीबी से एक मीटर गइराई व 76 मीटर चौड़ाई तक का मलबा निकलवाया था। अब वे फिर मूर्तियों का विसर्जन करा मंदाकिनी को मैला कराने का रिस्क नही उठा सकते। &lt;br /&gt;उधर, मंदाकिनी शुद्धि अभियान के डा. राम नारायण त्रिपाठी बताते हैं कि मंदाकिनी नदी में पानी कम हो चुका है और मूर्तियों को नदी में डालने से मलबा बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि दीन दयाल शोध संस्थान के प्रधान सचिव भरत पाठक की पहल पर मोहकम गढ़ के पास एक नाला ढूंढ़ निकाला गया है। यह मंदाकिनी से थोड़ा दूरी पर है और मंदाकिनी का पानी इसमें आता है। यहां पर मूर्तियों का डालने से नदी में प्रदूषण नही होगा। यह योजना भी लगभग भूमि विसर्जन की तरह ही होगी। उन्होंने बताया वैसे गायत्री परिवार के अलावा पतंजलि योग समिति के लोग अभी कर्वी में लोगों से मूर्तियों का भूविसर्जन करने के लिए अनुरोध कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि मंदाकिनी को बचाने के लिए पंडाल संचालक उनका सहयोग करेंगे। आनंद राव तैलंग, बलबीर सिंह,पंकज अग्रवाल, अजय रिछारिया, मंजू केसरवानी व भवानी दीन यादव आदि लोग पंडालों के संचालकों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं कि वे लोग भूमि विसर्जन को ही अपनायें।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-6793127019930314721?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/6793127019930314721/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/09/blog-post_6848.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/6793127019930314721'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/6793127019930314721'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/09/blog-post_6848.html' title='मंदाकिनी में विसर्जन नहीं करने देगा सतना प्रशासन'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-8236478482894653740</id><published>2009-09-26T23:48:00.000-07:00</published><updated>2009-09-26T23:48:52.769-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='प्रदीप तिवारी'/><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='सत्यम सोनी'/><title type='text'>प्रशासन के निर्णय का तीर्थ नगरी के मूर्ति पंडालों के संचालकों ने किया विरोध</title><content type='html'>Sep 25, 11:04 pmबताएं &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;Twitter Delicious Facebook &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;चित्रकूट। तीर्थ नगरी के राम घाट पर प्रशासन द्वारा देवी मूर्ति विसर्जन पर रोक लगाने पर तीर्थ नगरी सीतापुर के समस्त दुर्गा पूजा पंडाल के लोग सीधे तौर पर सामने आ गये। रामघाट में आयोजित बैठक में साफ तौर पर कहा कि अगर प्रशासन की मंशा सही है तो पहले शहर भर के सीवर के साथ ही मठ व मंदिरों के नाले सीधे मंदाकिनी में डालने से रोके जाय फिर वे कर्वी तो क्या जहां प्रशासन चाहेगा वहीं पर विसर्जन कर देंगे।&lt;br /&gt;देवी पंडालों के संचालकों द्वारा बुलाई गई इस आवश्यक बैठक की अध्यक्षता करते हुये दिनेश केसरवानी ने कहा कि भले ही प्रशासन ने तीर्थ नगरी के रामघाट को मां अंबे की प्रतिमाओं से 'सेफ' रखने के उद्देश्य सरकारी आदेश कर दिया हो कि वहां पर किसी भी कीमत में मूर्तियों का विसर्जन नही किया जायेगा, पर प्रशासन को चाहिये कि पहले शहर भर के मलबे वाले सीवर और मठों व आश्रमों से निकलने वाले नालों को सीधे मंदाकिनी में डालने से रोकना चाहिये। &lt;br /&gt;मनोज तिवारी ने कहा कि प्रशासन की मंशा ठीक है कि चित्रकूट के साथ रामघाट को वे विशेष रूप से सुन्दर बनाना चाहते हैं पर यहां की मूर्तियों को विर्सजन के लिये कर्वी ले जाना बिल्कुल ही अव्यवहारिक है। &lt;br /&gt;इस दौरान चौकी इंचार्ज सीतापुर भास्कर मिश्र ने मौके पर पहुंचकर प्रशासन की मंशा से अवगत कराते हुये कहा कि पुलिस किसी भी कीमत में रामघाट पर मूर्तियों का विसर्जन नही करने देगी। इस बार सभी मूर्तियों को मुख्यालय के चित्रकूट इंटर कालेज ले जाया जायेगा। जहां पर कूपन मिलने के बाद ही बताया जायेगा कि कि किसे कहां पर विसर्जन करना है। &lt;br /&gt;बैठक का संचालन विनोद पांडेय ने किया। यहां पर नव युवक बाल दुर्गा समिति, नव युवक बच्चा दुर्गा पूजा समिति, नील कमल दुर्गा पूजा समिति, जय मां दुर्गा पूजा समिति, नव दुर्गा नवरात्रि पूजा समिति, बाल दुर्गा पूजा समिति व युवा दुर्गा समिति के साथ ही अन्य समितियों के कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस मौके पर डीके सिंह, भरत लाल कोटार्य, रामू द्विवेदी, सत्यम सोनी, प्रदीप तिवारी व मुकेश आदि सैकड़ों लोग मौजूद रहे।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-8236478482894653740?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/8236478482894653740/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/09/blog-post_7273.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/8236478482894653740'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/8236478482894653740'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/09/blog-post_7273.html' title='प्रशासन के निर्णय का तीर्थ नगरी के मूर्ति पंडालों के संचालकों ने किया विरोध'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-7418661869754600783</id><published>2009-09-26T23:46:00.000-07:00</published><updated>2009-09-26T23:46:13.364-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='रवीन्द्र'/><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='भवानी दीन यादव'/><title type='text'>अब राम घाट में नहीं होगा प्रतिमा का विसर्जन</title><content type='html'>Sep 24, 10:55 pmबताएं &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;Twitter Delicious Facebook &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;चित्रकूट। मंदाकिनी को प्रतिमाओं के विसर्जन से बचाने को बुलायी गयी बैठक में तय हुआ कि रामघाट पर मूर्तियों का विसर्जन किसी भी कीमत में नहीं करने दिया जायेगा। इसके लिए सीधे तौर एसडीएम ने आदेश जारी करने की बात कही। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;प्रशासन की ओर से बुलायी गयी इस बैठक में सभी पंडाल संचालकों और समाजसेवियों ने एक और निर्णय लिया कि मूर्तियों को पहले चित्रकूट इंटर कालेज के मैदान पर लाया जायेगा और फिर वहां से प्रशासन उन्हें टोकन के साथ ही यह बतायेगा कि उन्हें किस घाट पर विसर्जन करना है। वैसे कर्वी के पुल घाट, राजा घाट व शंकर बाजार के रेलवे पुल घाट पर विसर्जन के लिए चिह्नित किये गये। कोतवाली कर्वी में आयोजित इस बैठक में लगभग डेढ़ दर्जन मूर्ति संचालकों ने इस बात से साफ तौर पर इंकार किया कि वे मूर्तियों का विसर्जन मंदाकिनी में न करेंगे। वैसे इस दौरान गायत्री शक्ति पीठ के व्यवस्थापक डा.राम नारायण त्रिपाठी ने कहा कि अभियान में सक्रियता के कारण ही पिछले दिनों संकल्प पूर्ति महाभियान में पार्थिव शिव लिंगों का विसर्जन मंदाकिनी में नही हो सका। उन्होंने सुझाव दिया कि नदी के पास ही गड्ढों को खुदवा कर कर उसमें मंदाकिनी का पानी भरकर वैदिक रीति रिवाजों से विसर्जन किया जा सकता है। संचालकों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि पिछले चालीस सालों की परंपराओं को बदला नही जा सकता। उप जिलाधिकारी वीपी खरे ने भी नदी में मूर्तियों को न डाले जाने की हिमायत की। वैसे इस मुद्दे पर शहर कोतवाल चंद्र धर गौड़ का कहना था कि भूमि विसर्जन सबसे बढि़या विकल्प है और यह समय की मांग भी है। इस दौरान चित्रकू ट इंटर कालेज प्रधानाचार्य डा. रणवीर सिंह चौहान, भवानी दीन यादव, रवीन्द्र बाबू चौधरी, आरके पांडेय, नगर पालिका के गुलाब सिंह आदि सैकड़ों लोग मौजूद रहे।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-7418661869754600783?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/7418661869754600783/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/09/blog-post_1217.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/7418661869754600783'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/7418661869754600783'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/09/blog-post_1217.html' title='अब राम घाट में नहीं होगा प्रतिमा का विसर्जन'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-8732543017470517332</id><published>2009-09-26T23:44:00.001-07:00</published><updated>2009-09-26T23:44:30.475-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='पंकज अग्रवाल'/><title type='text'>मंदाकिनी बचाने को पर्चे बांट रहीं टोलियां</title><content type='html'>Sep 23, 10:48 pmबताएं &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;Twitter Delicious Facebook &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;चित्रकूट। मंदाकिनी को बचाने निकले लोगों की बातें दुर्गा पूजा समितियों के संचालकों को समझ में आने लगी हैं। गायत्री परिवार के साथ पतंजलि योग समिति की टोलियां जब शहर में निकली तो मूर्ति पूजा समितियों से जुड़े लोगों ने उनकी बात का समर्थन किया। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;गौरतलब है मंगलवार से गायत्री परिवार द्वारा शुरू किये गये अभियान में बाबूलाल सिंह, प्रमोद पटेल, सुधा तिवारी, मंजू केशरवानी, विवेक, श्रवण गुप्ता, उमा तिवारी, पुष्पा शर्मा, रंजना खरे, अजय रिछारिया व भवानी दीन यादव आदि ने मुख्यालय के देवी पंडालों पर जाकर उनके पदाधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने लोगों से कहा कि मंदाकिनी को बचाने के लिए मूर्तियों का भूविसर्जन करें। टोलियों ने शहर में घूम घूमकर भाव भरी अपील वाला पर्चा भी वितरित किया। उधर, बुधवार को शाम गायत्री प्रज्ञा पीठ पर इसी मामले में बैठक हुई। जिसमें गायत्री पीठ के व्यवस्थापक डा. राम नारायण त्रिपाठी ने कहा कि भले ही अभी कुछ भाई विरोध कर रहे हों और हमारी बात उनकी समझ में न आ रही हो पर वे भी जल्द ही हमारे साथ होंगे। यहां पर मामला किसी व्यक्ति विशेष का नही बल्कि मंदाकिनी को बचाने का है और इसका सम्बन्ध यहां पर रहने वाले सभी धर्मो के लोगों से है। भू विसर्जन का मामला न तो धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है। पंकज अग्रवाल, प्रदुम्न गुप्ता, अजय खरे, आनंद राव तैलंग व बलबीर सिंह मौजूद रहे।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-8732543017470517332?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/8732543017470517332/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/09/blog-post_5448.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/8732543017470517332'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/8732543017470517332'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/09/blog-post_5448.html' title='मंदाकिनी बचाने को पर्चे बांट रहीं टोलियां'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-6093271287088662291</id><published>2009-09-26T23:42:00.000-07:00</published><updated>2009-09-26T23:42:16.074-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='शामिल रहीं।'/><title type='text'>भूविसर्जन के लिए पंडालों में पहुंचीं महिलाएं</title><content type='html'>Sep 22, 10:33 pmबताएं &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;Twitter Delicious Facebook &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;चित्रकूट। मंदाकिनी नदी में देवी मूर्तियों का विसर्जन रोकने को लेकर आगे आये गायत्री परिवार के साथ ही पतंजलि योग समिति से जुड़ी महिलाओं की टोलियों ने मंगलवार को मुख्यालय के देवी पंडालों पहुंचकर आयोजकों को मूर्तियों का भूविर्सजन करने की सलाह दी। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;गायत्री परिवार की सुधा तिवारी व पतंजलि योग समिति की जिलाध्यक्ष मंजू केसरवानी के नेतृत्व में शहर में निकली लगभग सौ महिलायें लोगों के बीच मंदाकिनी को निर्मल बनाने के लिये जनजागरण कर रही थी। ढपली बजाती महिलाओं ने देवी पूजा पंडालों में पहुंचकर समितियों के सदस्यों से मूर्तियों का विसर्जन मंदाकिनी में न कर भूविसर्जन करने की बात कही। कला नयन दुर्गा पूजा पंडाल के सामने गायत्री परिवार की सुधा तिवारी ने कहा कि एक मां के पार्थिव शरीर को दूसरी मां मंदाकिनी के हृदय पर न डाला जाये। आज पानी की कमी के कारण पावन सलिला मंदाकिनी खुद ही चीत्कार कर रही है। इसको बचाने का काम सभी नवयुवकों को मिलकर करना होगा। पतंजलि योग समिति की मंजू केसरवानी ने कहा जब पूरे विश्व में जल का संकट सामने आ चुका है और इसी तरह से नदियों में पूजा सामग्री व मूर्तियां डालने से तो वे पट जायेगी फिर पीने का पानी कहां से आयेगा? नये विकल्प के रूप में मूर्तियों का भूविर्सजन अब समय की मांग के अनुसार अपनाया जा सकता है। इसके अलावा अगर कोई दूसरे विकल्प हों तो पंडालों के संचालक विचार करके सामने रखें। &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;गायत्री परिवार की विमला सिंह व पुष्पा शर्मा ने कहा कि जब पूरा हिंदू समाज एक ही धर्म में पिरोया हुआ है तो फिर फतेहपुर और महाराष्ट्र की तर्ज पर यहां पर भी बदलाव क्यों नही हो सकता। फिर जब भू विसर्जन को तो देश के प्रमुख संत और महात्माओं ने इसे वैदिक रीति से सही करार दिया है। महिलाओं की यह टोली शंकर बाजार की शंकर नयन, महाकाली दुर्गा पूजा समिति, बजरंग सेवा दल, शंकर बाजार दुर्गा पूजा समिति सहित अन्य देवी पंडालों में जाकर अपने विचारों को लोगों तक पहुंचाया। इस टोली में विशेष रूप से उमा तिवारी, विमला गुप्ता, रत्ना गुप्ता, सविता तिवारी आदि सहित एक सैकड़ा महिलाएं शामिल रहीं।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-6093271287088662291?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/6093271287088662291/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/09/blog-post_26.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/6093271287088662291'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/6093271287088662291'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/09/blog-post_26.html' title='भूविसर्जन के लिए पंडालों में पहुंचीं महिलाएं'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-5941434774135318798</id><published>2009-09-21T07:17:00.000-07:00</published><updated>2009-09-21T07:17:42.124-07:00</updated><title type='text'>मूर्तियों का भूविसर्जन ही सही रास्ता</title><content type='html'>चित्रकूट। मां मंदाकिनी में देवी प्रतिमाओं का विसर्जन रोकने के लिये गायत्री परिवार के साथ दीन दयाल शोध संस्थान ने भी पहल की है। धर्मनगरी के साधु संत भी इस काम को अंजाम देने को जुटने लगे हैं। &lt;br /&gt;रामायणी कुटी के महंत राम हृदय दास का कहना है कि मंदाकिनी नदी इस इलाके की जीवनरेखा है। इसकी पवित्रता बचाने के लिये सभी को आगे आना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मिट्टी की देवी मूर्तियों की स्थापना कर नौ दिनों तक पूजन करने का विधान प्रारंभ करने का काम बंगाल में शुरु हुआ था। वह धीरे-धीरे पूरे देश में फैल गया। कलकत्ता में तो मूर्तियों का विसर्जन समुद्र में किया जाता रहा और तब इतनी मूर्तियों के साथ जल संकट भी नही था, पर अब तो जल संकट विश्व व्यापी समस्या है। इसलिये मूर्तियों को नदी व तालाबों में न डालकर उनका भू विर्सजन कराना ही उचित है। &lt;br /&gt;गायत्री परिवार के डा. राम नारायण त्रिपाठी ने कहा कि देश भर की नदियों को बचाने के लिये गायत्री परिवार सक्रिय है। अब अभियान चलाकर मंदाकिनी को प्रदूषण मुक्त बनाना है। उन्होंने कहा प्रमुख साधू संतों, समाजसेवियों और देवी पंडालों के संचालकों के साथ बातचीत कर हल निकाला जाएगा। &lt;br /&gt;भरत मंदिर के महंत दिव्य जीवन दास ने कहा कि अभी पिछले दिनों मध्य प्रदेश शासन ने पन्द्रह सौ मीटर लम्बाई में जो मिट्टी नदी से निकलवाई है वह वास्तव में देवी प्रतिमाओं के ही अंश थे। इस तरह से हर साल देवी प्रतिमाओं को नदी में डालना और फिर सरकार का उसे जेसीबी से साफ कराना सही नही है। इस पर सरकार को कड़ाई से रोक लगा देना चाहिये। &lt;br /&gt;समाजसेवी मुन्ना सिंह ने कहा कि इस बार पूरी ताकत लगा दी जायेगी कि मंदाकिनी मैया में कोई भी मूर्ति विसर्जित न की जाये।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-5941434774135318798?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/5941434774135318798/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/09/blog-post_21.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/5941434774135318798'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/5941434774135318798'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/09/blog-post_21.html' title='मूर्तियों का भूविसर्जन ही सही रास्ता'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-4264446032407211169</id><published>2009-09-20T08:07:00.000-07:00</published><updated>2009-09-20T08:07:00.484-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='मंदाकिनी में मूर्तियों'/><title type='text'>मंदाकिनी बचाने को फिर शुरू होगा अभियान</title><content type='html'>Sep 19, 10:41 pmबताएं &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;Twitter Delicious Facebook &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;चित्रकूट। मंदाकिनी को प्रदूषण से बचाने के काम में लगे गायत्री परिवार व दीन दयाल शोध संस्थान ने एक बार फिर आंदोलन को धार देने का मन बनाया है। आंदोलन से जुड़े लोग देवी प्रतिमाओं को नदी में विसर्जन न करने को लेकर जल्द ही प्रशासन के साथ दुर्गा पूजा समितियों और साधु संतों के साथ बैठक करने वाले हैं। &lt;br /&gt;गौरतलब है जून में मंदाकिनी को पुनर्जीवन देने के उद्देश्य से मंदाकिनी शुद्धि आंदोलन को खड़ा करने का काम गायत्री परिवार, दीन दयाल शोध संस्थान के साथ ही ब्राह्मण सभा ने किया था। इस आंदोलन में जहां एक तरफ स्वामी रामभद्राचार्य ने अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई थी वहीं गंगा नदी की लड़ाई लड़ने में अग्रणी रहे पर्यावरण विद् प्रो. जी डी अग्रवाल ने भी अपना सहयोग दिया था। लोगों की पहल का नतीजा काफी सकारात्मक रूप में सामने आया। जहां मप्र के इलाके में जेसीबी से मंदाकिनी नदी के अंदर की मिट्टी हटायी गयी वहीं सवा पांच करोड़ पार्थिव शिवलिंगों को भी मंदाकिनी में नहीं विसर्जित किया गया। आंदोलन के अगुवा गायत्री परिवार के रामनारायण त्रिपाठी ने कहा कि अब फिर से आंदोलन में जान फूंकने का समय आ गया है। वे दुर्गा कमेटी के साथ ही प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, साधु संतों और समाजसेवियों के सहयोग से दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन मंदाकिनी में रोकने को सबकी राय से मसौदा तय करेंगे। समाजसेवी अजय रिछारिया कहते हैं कि मंदाकिनी में मूर्तियों का विसर्जन रोकने के लिए जल्द ही बैठक बुलाई जायेगी। दीन दयाल शोध संस्थान के प्रधान सचिव डा. भरत पाठक ने कहा कि मंदाकिनी में मूर्तियों का विर्सजन न हो इसके लिए वे सतना व चित्रकूट जिले के अधिकारियों से बात करेंगे। &lt;br /&gt;इनसेट &lt;br /&gt;अभी तो कमेटी नहीं बनी &lt;br /&gt;पिछले दिनों वाटर मैन राजेन्द्र सिंह द्वारा मंदाकिनी को बचाने के लिए बनायी गयी मंदाकिनी नदी संसद के कर्ताधर्ता फिलहाल मौन हैं। संसद के संयोजक हेमराज चतुर्वेदी कहते हैं कि अभी तो मंदाकिनी नदी के किनारे पड़ने वाले सभी गांवों का दौरा करना है और गांवों के लोगों को इससे जोड़ना है। बाद में फिर वे मंदाकिनी को बचाने के मसौदे लोगों से विचार विमर्श करके सामने लायेंगे। उन्होंने एसडीएम को पत्र लिखकर मंदाकिनी में मूर्तियों का विर्सजन न कराने की बात कही है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-4264446032407211169?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/4264446032407211169/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/09/blog-post_6385.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/4264446032407211169'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/4264446032407211169'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/09/blog-post_6385.html' title='मंदाकिनी बचाने को फिर शुरू होगा अभियान'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-7625713691084208375</id><published>2009-09-20T08:03:00.000-07:00</published><updated>2009-09-20T08:03:46.804-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='बिनोद'/><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='राज करन'/><title type='text'>मंदाकिनी बचाने को छात्रों ने निकाली जागरुकता रैली</title><content type='html'>Sep 18, 10:52 pmबताएं &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;Twitter Delicious Facebook &lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;चित्रकूट। मंदाकिनी को बचाने की पहल में लगे महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के ऊर्जा एवं पर्यावरण विभाग के छात्रों ने रैली निकालकर पितृविसर्जनी अमावस्या में आये हुये भक्तजनों से मंदाकिनी नदी को गंदा न करने की अपील की। &lt;br /&gt;पर्यावरण विज्ञान से एमएससी कर रहे इन छात्रों के साथ विश्वविद्यालय के डा. घनश्याम गुप्ता व अन्य शिक्षक चल रहे थे। छात्रों ने मंदाकिनी के विभिन्न घाटों पर स्नान कर रहे लोगों से साबुन न लगाने और कूड़े को नदी में न डालने का अनुरोध किया। छात्रों के हाथों में बैनर देखकर ही लोग उत्सुकता दिखा रहे थे। रास्ते में डा. घनश्याम गुप्ता लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे थे कि मंदाकिनी में कूड़ा डालने से क्या-क्या दिक्कतें सामने आती है। &lt;br /&gt;छात्रों का यह काफिला रामघाट, प्रमोदवन, सिरसावन, जानकीकुंड, आरोग्य धाम के साथ ही श्री कामदगिरि की परिक्रमा में भी पहुंचा। वहां पर इन्होंने मंदाकिनी के साथ परिक्रमा मार्ग को साफ रखने व लोगों से अपने जानवरों को घरों में बांधने की अपील की। &lt;br /&gt;इस दौरान लक्ष्मी नारायण, मुन्ना लाल, कुलदीप, मनीष चंद्र यादव, प्रभु नारायण, शेखर, इकबाल, राजेश, अनामिका, आकांक्षा, आनन्द, प्रतिभा, सौरभ, प्रदीप, निशि, शान्तनु, चंद्र प्रकाश, राज करन, बिनोद, सुषमा, उमेश, स्वयं प्रकाश, अजय और पूर्णिमा आदि छात्र-छात्राओं ने भागीदारी की।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-7625713691084208375?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/7625713691084208375/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/09/blog-post_20.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/7625713691084208375'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/7625713691084208375'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/09/blog-post_20.html' title='मंदाकिनी बचाने को छात्रों ने निकाली जागरुकता रैली'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-1757562759938408495</id><published>2009-09-02T22:50:00.000-07:00</published><updated>2009-09-02T22:52:50.932-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='मंदाकिनी को'/><title type='text'>मंदाकिनी किनारे गड्ढों में किया जायेगा मूर्ति विसर्जन</title><content type='html'>Sep 02, 10:48 pm&lt;br /&gt;&lt;a id="sharelink" href="http://delicious.com/post?v=4&amp;amp;noui&amp;amp;jump=close&amp;amp;url=http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_5756982.html&amp;amp;title=मंदाकिनी" target="_new"&gt;बताएं&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;a 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सुना और कहा कि वे भी मंदाकिनी शुद्धि आंदोलन की सहभागी हैं। इस पर मूर्तियों को कैसे और कहां विसर्जित करना है इसका सुझाव भी दें। तो दोनों शिक्षकों ने उनसे कहा कि मंदाकिनी के किनारे दा पन्द्रह फुट लम्बा व पांच से छह फिट चौड़ा गड्ढा खुदवा दें और उसमें मंदाकिनी की धारा आ जाये। वे लोग उसी गड्डे में श्री गणेश जी की प्रतिमाओं का विसर्जन कर देंगे और फिर गड्डे को मिट्टी से ढक देंगे। इस पर नगर पालिका अध्यक्षा ने अपनी सहमति व्यक्त करते हुये राजा घाट (इमली घाट) का स्थान तय करते हुये कहा कि वहां पर जेसीबी से पालिका गड्डा करवा देगी। वैसे इसके पूर्व दोनो शिक्षक जागरण से अपनी समस्या बयान कर चुके थे। दोनो का कहना था कि उनकी आस्था के केंद्र श्रीगणेश हैं तो दूसरी तरफ मां मंदाकिनी। उन्होंने पुरानी बाजार के अलावा सजाई गई श्री गणेश प्रतिमाओं के संचालकों से अनुरोध किया कि वे भी पालिका द्वारा दी गई जगह पर ही अपनी मूर्तियों का विसर्जन करें जिससे मंदाकिनी को प्रदूषण से बचाया जा सके।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-1757562759938408495?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/1757562759938408495/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/09/blog-post_02.html#comment-form' title='1 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/1757562759938408495'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/1757562759938408495'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/09/blog-post_02.html' title='मंदाकिनी किनारे गड्ढों में किया जायेगा मूर्ति विसर्जन'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>1</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-2730746786521642838</id><published>2009-09-02T22:46:00.000-07:00</published><updated>2009-09-02T22:50:16.028-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='श्री गणेश प्रतिमाओं'/><title type='text'>आयोजक दुविधा में कहां करें गणेश विसर्जन</title><content type='html'>Aug 30, 11:36 pm&lt;br /&gt;&lt;a id="sharelink" href="http://delicious.com/post?v=4&amp;amp;noui&amp;amp;jump=close&amp;amp;url=http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_5748668.html&amp;amp;title=आयोजक" target="_new"&gt;बताएं&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;a class="twitter" href="http://twitter.com/home?status=http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_5748668.html&amp;amp;title=आयोजक" target="_new"&gt;Twitter&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;a class="delicious" href="http://delicious.com/post?v=4&amp;amp;noui&amp;amp;jump=close&amp;amp;url=http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_5748668.html&amp;amp;title=आयोजक" target="_new"&gt;Delicious&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;a class="facebook" href="http://www.facebook.com/share.php?u=http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_5748668.html&amp;amp;title=आयोजक" target="_new"&gt;Facebook&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;चित्रकूट। जीवन दायिनी मां मंदाकिनी की शुचिता और पवित्रता को बनाये रखने के अभियान में अगुवा रहे लोग खुद ही धर्म संकट में फंसे हुये हैं। इनकी समस्या यह है कि इन्होंने अपने घरों व मोहल्लों में श्री गणपति की प्रतिमायें स्थापित की हैं और ये खुद मंदाकिनी में इनका विसर्जन नही करना चाहते। प्रशासन ने इन्हें दरकार है कि वह इनकी मूर्तियों को विर्सजित करने का सही रूप सुझाये।&lt;br /&gt;पुरानी बाजार कच्ची छावनी में पेशवाओं के पुरोहित परिवार से ताल्लुक रखने वाले आनंद राव तैलंग और गोला बाजार में मूर्ति स्थापित करने में अगुवा रहे रिटायर्ड शिक्षक छेदी लाल तिवारी ने कहा कि मंदाकिनी में उनके जीवन की आधार है। मंदाकिनी प्रदूषण अभियान में उन्होंने सक्रिय योगदान दिया। इसके साथ ही वे चाहते हैं कि प्रशासन उन्हें तरीका बताये कि वे मंदाकिनी में इन मूर्तियों को विसर्जित न करें। उन्होंने सोमवार को इस मामले को लेकर जिलाधिकारी से भी मिलने की भी बात कही। उधर, मंदाकिनी की सफाई को लेकर काफी लम्बे समय से संघर्ष कर रहे डिजायर गु्रप के नीलांशु चतुर्वेदी ने कहा कि वास्तव में यह समस्या छोटी नही है। पिछली बार तो महारुद्र निर्माण में किसी प्रकार से दूसरी नदियों में उनका विसर्जन करके काम पूरा हो गया था पर अगर श्री गणेश प्रतिमाओं के आयोजक यह सोच बना रहे हैं तो वे खुद इसकी पहल कर जिलाधिकारी के पास उनके साथ जायेंगे।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-2730746786521642838?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/2730746786521642838/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/09/blog-post.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/2730746786521642838'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/2730746786521642838'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/09/blog-post.html' title='आयोजक दुविधा में कहां करें गणेश विसर्जन'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-6930570268771014022</id><published>2009-08-27T22:45:00.000-07:00</published><updated>2009-08-27T22:47:22.713-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='भरत मंदिर में हुआ।'/><title type='text'>मंदाकिनी को बचाने के लिए बनी संसद</title><content type='html'>Aug 27, 10:43 pm&lt;br /&gt;&lt;a id="sharelink" href="http://delicious.com/post?v=4&amp;amp;noui&amp;amp;jump=close&amp;amp;url=http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_5739263.html&amp;amp;title=मंदाकिनी" target="_new"&gt;बताएं&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;a class="twitter" href="http://twitter.com/home?status=http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_5739263.html&amp;amp;title=मंदाकिनी" target="_new"&gt;Twitter&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;a class="delicious" href="http://delicious.com/post?v=4&amp;amp;noui&amp;amp;jump=close&amp;amp;url=http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_5739263.html&amp;amp;title=मंदाकिनी" target="_new"&gt;Delicious&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;a class="facebook" href="http://www.facebook.com/share.php?u=http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_5739263.html&amp;amp;title=मंदाकिनी" target="_new"&gt;Facebook&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;चित्रकूट। अब मंदाकिनी बेचारी नहीं रहेगी। इसके बचाने के साथ ही सतत प्रवाह बनाये रखने के फैसले यहां पर बैठी संसद करेगी। इस संसद में उद्गम से लेकर यमुना में मिलने के स्थान मोहना घाट तक के दोनो ओर के सभी गांवों से लोगों का प्रतिनिधित्व होगा। मंदाकिनी नदी संसद का संयोजक नयागांव के 'छोटे राजा' चौबे हेमराज चतुर्वेदी को बनाया गया।&lt;br /&gt;इस बारे में राजेन्द्र सिंह ने कहा कि यह संसद सिर्फ मंदाकिनी के लिए ही नही बल्कि सरयू, पयस्वनी व झूरी नदी के लिए भी काम करेगी। इस संसद में नदी के दोनों ओर के गांवों के प्रतिनिधि होंगे। इसके लिए सबसे पहले नदी के किनारे दोनो तरफ के गांवों की पदयात्रा करके की जायेगी और हर गांव में प्रकृति प्रेमी लोग तलाशे जायेंगे। इस संसद में सभी वर्गो की भागीदारी सुनिश्चित करने का काम हेमराज चतुर्वेदी करेंगे। इसमें संत, महन्त, समाजसेवी, व्यापारी, छात्र, पत्रकार, महिलाएं सभी होंगे। परिसंवाद के दौरान ग्रामोदय विवि और रामभद्राचार्य विकलांग विवि के छात्रों ने नदी की पद यात्रा करने के लिए अपनी सहमति दी। उनका काम नदी के किनारे के कब्जे, प्रदूषण के कारक, जलीय वनस्पतियों का अध्ययन के साथ ही समीक्षात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करना सुनिश्चित किया गया। इसके साथ ही उनको जिम्मेदारी दी गई कि वे यात्रा के दौरान ग्रामीणों के साथ ही सभी लोगों को जल को बचाने की प्रेरणा देने का भी काम करेंगे। इसमें एक बात और निकल कर आयी कि मंदाकिनी को रामघाट के पास सर्वाधिक प्रदूषित सीवेज का पानी कर रहा है। बाद में परिसंवाद का मुख्य विषय हमारा चित्रकूट कैसा हो? पर आकर टिक गया। राजेन्द्र सिंह ने कहा कि मंदाकिनी नदी संसद इसके लिए आपस में परिसंवाद कर और फिर चिंतन मनन कर एक रिपोर्ट करे कि वास्तव में चित्रकूट का स्वरुप कैसा हो। दिल्ली से आये अरुण तिवारी ने कहा बुंदेलखंड के इस अलौकिक भूभाग की परिस्थितियां इशारा करती हैं कि यहां पर सरकार को विकास का अलग ही माडल विकसित करना चाहिये। विवि के कुलसचिव डा. अवनीश मिश्र, डा. योगेश दुबे, अभिमन्यु सिंह, सुरेश रैकवार, रोहित सिंह, नीलांशु चतुर्वेदी, पंकज अग्रवाल, अरविंद रैकवार व ईश्वर मौजूद रहे। शाम के सत्र में एक परिसंवाद नदी के किनारे भरत मंदिर में हुआ। यहां पर पानी वाले बाबा ने संतों के साथ ही स्थानीय लोगों से मंदाकिनी के बारे में चर्चा की।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-6930570268771014022?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/6930570268771014022/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/08/blog-post_3495.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/6930570268771014022'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/6930570268771014022'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/08/blog-post_3495.html' title='मंदाकिनी को बचाने के लिए बनी संसद'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-1148575898650116164</id><published>2009-08-27T22:41:00.000-07:00</published><updated>2009-08-27T22:45:14.999-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='कामदगिरि भवन से मंदाकिनी'/><title type='text'>जलस्रोतों को मुक्त कराने की ली शपथ</title><content type='html'>Aug 27, 10:43 pm&lt;br /&gt;&lt;a id="sharelink" href="http://delicious.com/post?v=4&amp;amp;noui&amp;amp;jump=close&amp;amp;url=http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_5739262.html&amp;amp;title=जलस्रोतों" target="_new"&gt;बताएं&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;a class="twitter" href="http://twitter.com/home?status=http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_5739262.html&amp;amp;title=जलस्रोतों" target="_new"&gt;Twitter&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;a class="delicious" href="http://delicious.com/post?v=4&amp;amp;noui&amp;amp;jump=close&amp;amp;url=http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_5739262.html&amp;amp;title=जलस्रोतों" target="_new"&gt;Delicious&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;a class="facebook" href="http://www.facebook.com/share.php?u=http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_5739262.html&amp;amp;title=जलस्रोतों" target="_new"&gt;Facebook&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;चित्रकूट। पहली बार स्थानीय समाज सेवियों का दल जब 'पानी वाले बाबा' राजेन्द्र सिंह के साथ मंदाकिनी नदी के उस स्थान पर पहुंचा जहां पर वास्तव में यह पावन नदी सबसे ज्यादा मैली है। यहां पर काले पानी को देखकर राजेन्द्र सिंह काफी विचलित दिखे। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि एक तरफ तो देश में पानी का व्यापार किया जा रहा है और दूसरी तरफ आध्यात्मिक व धार्मिक महत्व वाली नदी की उपेक्षा सभी के लिए चिंतन का विषय है।&lt;br /&gt;रामघाट के आगे बूढ़े हनुमान जी के नीचे के तट पर पानी वाले बाबा के साथ ही स्थानीय समाज सेवियों ने मंदाकिनी के जल को लेकर वही कसम दोहराई जो गंगा जल बिरादरी की तरफ से शुरू किये गये गंगा आजादी शिविर कोलकाता में 15 अगस्त को ली गई थी। इस शपथ में कहा गया कि एक साल के अंदर भारत सरकार और उसके समस्त विभाग मां गंगा व अन्य जलस्रोतों की जमीनों को वापस लौटा दें नही तो 2010 के पन्द्रह अगस्त के बाद भारत के प्रकृति प्रेमी समाज के प्रतिनिधि जलस्रोतों को स्वतंत्र कराने का काम स्वयं शुरू कर देंगे। इसके पूर्व यहीं पर नदी के बीच में लगे पीपल के वृक्ष के नीचे एक छोटी सभा भी आयोजित की गई। संचालन करते हुए राजेन्द्र सिंह ने कहा कि यह तो सीधे तौर पर स्वाभिमान और अस्मिता का प्रश्न है। समाज को इस मुद्दे पर मौन नही बल्कि मुखर होना चाहिये। मंदाकिनी का इतिहास काफी प्राचीन है। धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व वाली इस नदी को बचाने के लिए सभी नदियों के साथ ही लड़ाई बड़े स्तर पर लड़ी जा रही है। राम भद्राचार्य विकलांग विवि के कुलसचिव डा. अवनीश चंद्र मिश्र ने कहा कि नदियों में हमारे प्राण बसते हैं। नदियों में प्रदूषण करने वाले सीधे हमारे क्या खुद अपने प्राणों पर आक्रमण कर रहे हैं। इसके लिए अब कानून बनना ही चाहिये और अभी जो कानून है जिम्मेदार अधिकारियों को चाहिये कि वे उसका पालन ठीक प्रकार से करवायें। समाजसेवी हेमराज चतुर्वेदी, अरुण गुप्ता, नीलांशु चतुर्वेदी, अभिमन्यु सिंह आदि ने भी संबोधित किया। इस दौरान फ्रांस से आये एलिस, दिल्ली से आये अरुण तिवारी, ईश्वर चंद्र, सुखदेव शर्मा, सुरेश रैकवार रोहित सिंह आदि मौजूद रहे। इसके पूर्व सभी ने कामदगिरि भवन से मंदाकिनी के घाटों तक हाथों में तख्तियां लेकर केन, बेतवा व मंदाकिनी को अवैध कब्जों से मुक्त कराने, उनका प्रदूषण साफ कराने के लिए नारेबाजी करते हुए पदयात्रा की।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-1148575898650116164?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/1148575898650116164/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/08/blog-post_7150.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/1148575898650116164'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/1148575898650116164'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/08/blog-post_7150.html' title='जलस्रोतों को मुक्त कराने की ली शपथ'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-4505437220565165473</id><published>2009-08-27T22:38:00.000-07:00</published><updated>2009-08-27T22:41:11.936-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='सभी को इसके लिए'/><title type='text'>नदियों को बचाने के लिए तन-मन से जुटना होगा : राजेन्द्र सिंह</title><content type='html'>Aug 27, 10:43 pm&lt;br /&gt;&lt;a id="sharelink" href="http://delicious.com/post?v=4&amp;amp;noui&amp;amp;jump=close&amp;amp;url=http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_5739260.html&amp;amp;title=नदियों" target="_new"&gt;बताएं&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;a class="twitter" href="http://twitter.com/home?status=http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_5739260.html&amp;amp;title=नदियों" target="_new"&gt;Twitter&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;a class="delicious" href="http://delicious.com/post?v=4&amp;amp;noui&amp;amp;jump=close&amp;amp;url=http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_5739260.html&amp;amp;title=नदियों" target="_new"&gt;Delicious&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;a class="facebook" href="http://www.facebook.com/share.php?u=http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_5739260.html&amp;amp;title=नदियों" target="_new"&gt;Facebook&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;चित्रकूट। नदियों को आजादी देने का काम सरकारें नहीं सकतीं क्योंकि राजनेताओं की कथनी और करनी में अंतर होता है। जल की वास्तविक समस्या का निदान नदियों से ही संभव है। इनको जिंदा रखने के लिए आम आदमी को जागना होगा और संघर्ष करना होगा। यह बातें मैग्सेसे पुरस्कार विजेता राजेन्द्र सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहीं।&lt;br /&gt;उन्होंने आक्रोश जताते हुए कहा आज नदियों को मैला ढोने वाली मालगाड़ी बना दिया गया है। यही हाल रहा तो देश की सभी नदियां बच्चों को सुनाने की कहानी बन जायेंगी। आज की सभ्यता हमारी पुरानी संस्कृति को नष्ट करने का प्रयास कर रही है। कहा कि तीन वर्षो से उनके चलाये जाने वाले आंदोलन का प्रतिफल यह मिला कि 15 अगस्त को देश के प्रधानमंत्री ने साफ तौर पर देश की नदियों को बचाये जाने की आवश्यकता पर बल देते हुए स्पष्ट कर दिया कि नदियों की दुर्दशा के लिए सीधे तौर पर सरकारें जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि सबसे पहले देश की सभी नदियों का सीमांकन किया जाये। सीमांकन के बाद उसे कब्जों से मुक्त कराया जाये। इसके बाद नदी के किनारे पेड़ों को लगाकर उसकी सुंदरता को बनाया जाये। नदियों की आजादी होने के साथ ही यह भी देखना होगा कि उसमें किसी भी प्रकार का सीवर, गंदा पानी या कचरा नही गिरना चाहिये। शहर के गंदे पानी का उपयोग ट्रीटमेंट प्लांट के जरिये बागवानी, कृषि व उद्योगों के लिए किया जा सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भले ही प्रधानमंत्री ने केंद्र व राज्य सरकारों की जिम्मेदारी नदियों को बचाने की मान ली हो पर अभी कानून के साथ-साथ उसके क्रियान्वयन में काफी समय लगेगा। तब तक सभी को इसके लिए प्राण प्रण से जुटना पड़ेगा।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-4505437220565165473?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/4505437220565165473/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/08/blog-post_27.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/4505437220565165473'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/4505437220565165473'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/08/blog-post_27.html' title='नदियों को बचाने के लिए तन-मन से जुटना होगा : राजेन्द्र सिंह'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-6020936477902096655</id><published>2009-08-27T22:36:00.000-07:00</published><updated>2009-08-27T22:38:20.725-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता'/><title type='text'>आज होगी मंदाकिनी की दुर्दशा पर चर्चा</title><content type='html'>Aug 26, 10:49 pm&lt;br /&gt;&lt;a id="sharelink" href="http://delicious.com/post?v=4&amp;amp;noui&amp;amp;jump=close&amp;amp;url=http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_5736236.html&amp;amp;title=आज" target="_new"&gt;बताएं&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;a class="twitter" href="http://twitter.com/home?status=http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_5736236.html&amp;amp;title=आज" target="_new"&gt;Twitter&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;a class="delicious" href="http://delicious.com/post?v=4&amp;amp;noui&amp;amp;jump=close&amp;amp;url=http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_5736236.html&amp;amp;title=आज" target="_new"&gt;Delicious&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;&lt;a class="facebook" href="http://www.facebook.com/share.php?u=http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_5736236.html&amp;amp;title=आज" target="_new"&gt;Facebook&lt;/a&gt;&lt;br /&gt;चित्रकूट। आखिर जल पुरुष कहे जाने वाले मैग्ससे पुरस्कार विजेता राजेन्द्र सिंह की नजर भी अब मंदाकिनी की दुर्दशा पर पड़ चुकी है। जल बिरादरी की पहल पर देश के विभिन्न भागों में नदी आजादी चिंतन शिविर की श्रंखला का अंतिम पड़ाव चित्रकूट होगा। यहां पर यह कार्यक्रम राम भद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय एवं बुंदेलखंड जल बिरादरी के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया जायेगा।&lt;br /&gt;जल बिरादरी के प्रणव सिंह ने बताया कि मंदाकिनी की यात्रा प्रात: साढ़े नौ बजे से ग्यारह बजे तक होगी। चिन्तन शिविर साढे ग्यारह बजे से साढ़े साढ़े चार बजे तक व उसके बाद पत्रकारों से राजेन्द्र सिंह अष्टावक्र सभागार में मुलाकात करेंगे। शाम साढे छह बजे से रात आठ बजे तक राम घाट में चिंतन बैठक आयोजित होगी।&lt;br /&gt;उन्होंने यात्रा का उद्देश्य बताते हुये कहा कि इस पूरे कार्यक्रम में नदी एवं जल पर काम करने वाले सक्रिय साथी आपस में बातचीत करेंगे। यहां पर केन, मंदाकिनी के साथ ही बुंदेलखंड की अन्य नदियों को बचाये जाने के लिये भी चर्चा की जायेगी। यहां पर कार्यक्रम के संयोजक विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. योगेश चंद्र दुबे व कुलसचिव डा. अवनीश चंद्र दुबे होगे। इसके साथ ही कार्यक्रम में हेमराज चतुर्वेदी व समाजसेवी अरुण गुप्ता सहयोग कर रहे हैं।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-6020936477902096655?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/6020936477902096655/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/08/blog-post.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/6020936477902096655'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/6020936477902096655'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/08/blog-post.html' title='आज होगी मंदाकिनी की दुर्दशा पर चर्चा'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-3079457251572275746</id><published>2009-07-04T00:37:00.000-07:00</published><updated>2009-07-04T00:57:44.209-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='किसानों को भी'/><title type='text'>अब मंदाकिनी को मिलेगी गंदगी से मुक्ति !</title><content type='html'>Jun 29, 11:45 pm&lt;br /&gt;चित्रकूट। अगर सब कुछ ठीक रहा तो अभी मंदाकिनी को सीवर से बचाने के लिए लगभग नौ महीने यह इंतजार और करना होगा। पुरानी फाइल फिर से खुलने के बाद दो साल से रुका पड़ा पैसा आखिर भेज दिया गया। कच्छप गति से वर्षों से चलाई जाने वाली चित्रकूट सीवेज की योजना एक बार फिर धरातल में चलने की ओर है।&lt;br /&gt;उप्र जल निगम अस्थायी निर्माण इकाई के अधिशाषी अभियंता पीसी अग्रवाल कहते हैं अगर सब सही रहा तो मार्च के खत्म होने तक सीतापुर का मलबा नदी में न जाकर आक्सीलेशन पांड में पहुंचेगा। बताया कि इस योजना में लगने वाला बाकी बचा 270 लाख 50 हजार रुपया उन्हें प्राप्त हो गया है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक लाल फीताशाही और कमीशनशोरी के चलते लेट हुई इस योजना का पैसा पिछले दो वर्षो से लखनऊ में डंप था। विभागीय अधिकारी बताते हैं कि नदी के किनारे एक संपवेल का निर्माण किया जायेगा। यह दस मीटर डाया का होगा। इसमें 55 हार्सपावर की तीन मोटरें लगाकर इसे विकलांग विवि के पीछे अधिगृहीत की जाने वाले 9.26 एकड़ जमीन पर आक्सीलेशन पांड पर भेजा जायेगा। यहां पर मलबे का शुद्धिकरण करके खाद और पानी में परिवर्तित किया जायेगा। पानी व खाद दोनो को किसानों को बेच दिया जायेगा। इसके साथ ही शहर में बाकी बची दो किलोमीटर पाइप लाइन भी डालने का प्रस्ताव किया गया है। तीनों कामों को एक साथ पूरा कराया जायेगा। कहा कि पैसा मिलने के बाद तुरन्त ही काम लगवाकर संपवेल में काम शुरू करवा दिया गया है। उन्होंने बताया कि संप वैल के पास ही छह सार्वजनिक शौचालय भी बनवाने का प्रस्ताव है जो काम साथ ही में पूरा करवाया जा रहा है।&lt;br /&gt;सात को हो जायेगी रजिस्ट्री&lt;br /&gt;भले ही शहर के मलबे को खाद और पानी में परिवर्तित करने का मंसूबा विभाग का पिछले नौ महीने में मंदाकिनी को साफ कर देने का हो पर अभी हाल यह है कि विकलांग विवि के पीछे विभाग द्वारा जमीन खरीदा जाना बाकी है। विभागीय अधिकारियों को कहना है कि जमीन खरीदे जाने के लिये फाइनल करने का काम पिछले जिलाधिकारी आशीष गोयल कर गये थे और वह किसानों को भी तैयार कर गये थे। अभी किसानों को 37 लाख 54 हजार मुआवजा देकर सात जुलाई को जमीनों की रजिस्ट्री करवायी जायेगी।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-3079457251572275746?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/3079457251572275746/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/07/blog-post_04.html#comment-form' title='2 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/3079457251572275746'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/3079457251572275746'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/07/blog-post_04.html' title='अब मंदाकिनी को मिलेगी गंदगी से मुक्ति !'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>2</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-3674445699189473069</id><published>2009-07-04T00:34:00.000-07:00</published><updated>2009-07-04T00:37:32.481-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='सहस्त्राभिषेक शोभा यात्रा'/><title type='text'>मां मंदाकिनी का मंदिर आम लोगों के लिए खुला</title><content type='html'>Jul 01, 11:03 pm&lt;br /&gt;चित्रकूट। मां अनुसूया के दस हजार सालों के कठोर तप का परिणाम स्वर्ग लोक में वहां पर देवताओं के दैनिक पूर्ति व मोक्ष पाने का साधन बनी मां मंदाकिनी को इस मृत्यु लोक के इस स्थान पर आकर समस्त लोगों के लिये जीवन दायिनी बनना पड़ा। इसका परिणाम यह रहा कि स्वयं प्रजापति बृह्मा जी को भी यहीं पर आकर तप करने के लिये स्थान मिला, पर उनका कोई मंदिर नही था। लोग साक्षात मंदाकिनी को ही पूजते थे। इस अभाव को देखकर ही तपस्थली पर बाहर से आयीं कर्नाटक वाली माता जी ने मां मंदाकिनी के मंदिर के साथ ही शिरड़ी वाले साई बाबा के साथ ही श्री राम चरित पढ़ते हुये श्री हनुमान जी महाराज के मंदिर का अनावरण इस तीर्थ क्षेत्र के संत आचारी जी महाराज से करवाया।&lt;br /&gt;यह मंदिर प्रमोदवन के घाट के सन्निकट मंदाकिनी के किनारे ही बनाया गया है।&lt;br /&gt;कर्नाटक वाली माता जी ने बताया कि पांच दिनों तक चलने वाले देव प्रतिष्ठा महोत्सव के बाद तीनों प्रतिमाओं का अनावरण कर दिया गया है। अब ये मंदिर आम लोगों के लिये खुले हुये हैं। प्रत्येक वर्ष गंगा दशहरा के पुण्य मौके पर इन मूर्तियों को शोभायात्रा के साथ ही भ्रमण कराया जायेगा। पांच दिनों तक चले कार्यक्रमों में जल यात्रा, प्रायश्चित स्नान, पंचाग पूजन, आचार्य वरण, कर्म कुटी पीठ स्थापना, जलाधिवास, अन्नाधिवास, स्नपन, सहस्त्राभिषेक शोभा यात्रा, शैयाधिवास, देव प्रतिष्ठा और हवन पूर्णाहुति का कार्यक्रम किया गया। इस कार्यक्रम के बाद भंडारे में काफी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री कुंवर नागेन्द्र सिंह कार्यक्रम के दौरान मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान पं. नवलेश दीक्षित ने विद्वत प्रसंगों को लोगों को सुनाया। कार्यक्रम के दौरान तमाम लोग मौजूद रहे।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-3674445699189473069?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/3674445699189473069/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/07/blog-post.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/3674445699189473069'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/3674445699189473069'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/07/blog-post.html' title='मां मंदाकिनी का मंदिर आम लोगों के लिए खुला'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-7904567584038464920</id><published>2009-06-26T00:39:00.000-07:00</published><updated>2009-06-26T00:41:17.026-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='साफ करवा कर वहां'/><title type='text'>मंदाकिनी में मरीं लाखों मछलियां</title><content type='html'>Jun 24, 02:45 am&lt;br /&gt;चित्रकूट। सोमवती अमावस्या के दूसरे दिन लाखों मछलियों के मरने से तीर्थ क्षेत्र के लगभग आधा किलोमीटर के क्षेत्र में दुर्गन्ध फैल गयी। यह मछलियां किसी शरारती तत्व के सोमवार रात मंदाकिनी में जहर डालने से मर गयीं। इस घटना से साधु संतों के साथ ही आम लोगों में आक्रोश है।&lt;br /&gt;किसी शरारती तत्व के मंदाकिनी में जहर डाल देने से रामघाट से लेकर बूढ़े हनुमान जी के पास तक लाखों छोटी व बड़ी मछलियां मर गयीं। हैरत की बात तो यह है कि नगर पंचायत नयागांव कार्यालय के बाहर मछलियों के मरने से उठने वाली दुर्गन्ध के बाद भी मुख्य नगर पंचायत अधिकारी को इस मामले की जानकारी नहीं थी। स्थानीय लोगों के बताये जाने के बाद नगर पंचायत अधिकारी दर्शन सिंह घोष दोपहर को मौके पर पहुंचे और सफाई कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि किसी ने मंदाकिनी में जहर डाल दिया है। वे थाना नयागांव में इस बात की लिखित रिपोर्ट दर्ज करायेंगे। मौके पर पहुंचे ब्राह्मण सेवा दल के जिलाध्यक्ष अजय रिछारिया ने कहा कि जिसने भी यह काम किया है वह घोर अपराध है। इस तरह के व्यक्ति को तो सजा मिलनी ही चाहिये। वैसे स्थानीय लोगों ने आशंका जतायी कि पुलिस ने नदी में साबुन लगाने वालों छीन मंदाकिनी में डाल दिये। जिसे दाना समझकर मछलियों ने खाया हो और वे मर गयी हों। जिलाधिकारी हृदेश कुमार ने जानकारी पाते ही खुद मौके का मुआयना कर नगर पालिका के अधिकारी को आदेश किया कि वे तुरन्त ही इन्हें साफ करवा कर वहां पर दवाएं डलवा दें ताकि किसी प्रकार की बीमारी न फैल सके।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-7904567584038464920?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/7904567584038464920/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_301.html#comment-form' title='1 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/7904567584038464920'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/7904567584038464920'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_301.html' title='मंदाकिनी में मरीं लाखों मछलियां'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>1</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-6763408224901158035</id><published>2009-06-26T00:37:00.000-07:00</published><updated>2009-06-26T00:39:21.870-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='व्यवस्थापक डा. राम नारायण'/><title type='text'>मंदाकिनी में जहर डाला, लाखों मछलियां मरीं</title><content type='html'>Jun 24, 02:45 am&lt;br /&gt;चित्रकूट। सोमवती अमावस्या के दूसरे दिन मंदाकिनी में किसी शरारती तत्व द्वारा जहर डालने से लाखों मछलियां मर गयीं। मछलियों के मरने से तीर्थ क्षेत्र के लगभग आधा किलोमीटर के क्षेत्र में दुर्गध फैल गयी। इस घटना से यहां आक्रोश है।&lt;br /&gt;जानकारी के मुताबिक मंगलवार को किसी शरारती तत्व द्वारा मंदाकिनी में जहर डाल देने से रामघाट से लेकर बूढ़े हनुमान जी के पास तक लाखों छोटी व बड़ी मछलियां मर गयीं। हैरत की बात तो यह है कि नगर पंचायत नयागांव कार्यालय के बाहर मछलियों के मरने से उठने वाली दुर्गध के बाद भी मुख्य नगर पंचायत अधिकारी को इस मामले की जानकारी नहीं थी। स्थानीय लोगों के बताने पर नगर पंचायत अधिकारी दर्शन सिंह घोष दोपहर को मौके पर पहुंचे और सफाई कराने का आश्वासन दिया।&lt;br /&gt;उन्होंने कहा कि मंदाकिनी में जहर डालने से ही मछलियों की मौत हुई है। दर्शन ने थाना नयागांव में रिपोर्ट दर्ज करायी है। इधर घटना की जानकारी पाते ही जिलाधिकारी हृदेश कुमार ने खुद मौके का मुआयना कर नगर पालिका के अधिकारी को आदेश दिया कि वह तुरन्त ही सफाई करा कर दवाएं डलवायें, ताकि कोई बीमारी न फैल सके।&lt;br /&gt;ब्राह्मण सेवा दल के जिलाध्यक्ष अजय रिछारिया तथा गायत्री शक्ति पीठ के व्यवस्थापक डा. राम नारायण त्रिपाठी ने दोषी को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-6763408224901158035?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/6763408224901158035/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_6272.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/6763408224901158035'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/6763408224901158035'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_6272.html' title='मंदाकिनी में जहर डाला, लाखों मछलियां मरीं'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-3635849706432416950</id><published>2009-06-26T00:35:00.000-07:00</published><updated>2009-06-26T00:37:14.424-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='गायत्री परिवार के'/><title type='text'>नदी से निकाली गयीं मरीं मछलियां</title><content type='html'>Jun 25, 02:41 am&lt;br /&gt;चित्रकूट। आखिर लाखों मछलियों के मरने की जानकारी होने के बाद नयागांव की नगर पंचायत हरकत में आयी। दो नावों व लगभग बीस मजदूरों के सहारे मंदाकिनी के आधे किलोमीटर क्षेत्र से मरी हुई मछलियों को साफ कराने का काम शुरू किया गया।&lt;br /&gt;हालांकि नगर पंचायत अधिकारी या वहां का अन्य कोई अधिकारी यह बताने को तैयार नहीं हैं कि आखिर मछलियां मरी कैसे। नीलांशु चतुर्वेदी, महावीर पांडेय व जगदम्बा पाठक का कहना है कि अमावस्या के मौके पर नगर पंचायत नदी के बाहर व खाली तमाम स्थानों पर ब्लीचिंग पाउडर व मैलाथियान सहित तमाम प्रकार के केमिकल डलवाता है। इस बार भी ऐसा किया गया। हो सकता है कि किसी भी ऐसे केमिकल की बोरी नदी में गिर गयी हो और धीरे-धीरे वह घुलकर मछलियों के मरने का साधन बन गयी हो। फिलहाल नगर पंचायत नयागांव ने नदी से मरी हुई मछलियों को निकालकर सफाई करायी और बगल में गड्ढा बना उनमें मछलियों को डाल दिया। सफाई में लगे कर्मियों ने बताया कि मंगलवार को शाम तीन बजे से शुरू हुए इस अभियान में अभी तक लगभग तीन क्विंटल मछलियां नदी से निकाल गड्ढों में डाल चुके हैं। इस कार्य में गायत्री परिवार के कार्यकर्ता भी सहयोग कर रहे हैं। उनका कहना है जिसने भी यह हरकत की है उसे किसी भी तरह से माफ नही किया जाना चाहिये।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-3635849706432416950?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/3635849706432416950/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_9411.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/3635849706432416950'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/3635849706432416950'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_9411.html' title='नदी से निकाली गयीं मरीं मछलियां'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-2024074738394708871</id><published>2009-06-26T00:33:00.000-07:00</published><updated>2009-06-26T00:34:54.453-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='चित्रकूट को पूरे'/><title type='text'>मछलियां मरने से आहत हैं धर्मनगरी के लोग</title><content type='html'>Jun 25, 02:41 am&lt;br /&gt;चित्रकूट [संदीप रिछारिया]। मंदाकिनी में मंगलवार को मछलियों के मरने पर धर्मनगरी के लोग आहत हैं। उनका कहना है कि ऐसा घिनौना काम करने वाले को सजा जरूर मिलनी चाहिए।&lt;br /&gt;गायत्री परिवार के डा. रामनारायण त्रिपाठी व ब्राह्मण सेवा दल के अजय रिछारिया का कहना है कि अधिकारियों की उपेक्षा के कारण ऐसा हुआ है। दिनेश तिवारी, सुरेन्द्र व मनोज ने कहा कि मछलियों के मरने के कारणों की जांच सही तरीके से होनी चाहिये। मछलियों के मरने पर तीर्थ क्षेत्र के संतों व महंतों ने भी गहरा दुख प्रकट किया। रामायणी कुटी के संत रामह्दय दास, अनी निर्वाणी निर्मोही अखाड़ा के संत ओंकार दास व चरखारी मंदिर के राजेन्द्र प्रसाद दीक्षित ने कहा कि मछलियों का मरना काफी दुख की बात है। अगर किसी ने मंदाकिनी में जहर डाला है तो वह क्षमा का पात्र नहीं हो सकता। उसे किसी भी कीमत में सबके सामने लाना चाहिये और जनता के सामने ऐसे व्यक्ति को दंड देना चाहिये। समाजसेवी द्वारिकेश पटैरिया, अरुण गुप्ता ने कहा चित्रकूट को पूरे विश्व में भगवान कामतानाथ और मंदाकिनी के कारण जाना जाता है। अगर मंदाकिनी के जल में इसी प्रकार मछलियां मरती रहीं तो इससे प्रदूषण और भी ज्यादा बढ़ेगा।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-2024074738394708871?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/2024074738394708871/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_6031.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/2024074738394708871'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/2024074738394708871'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_6031.html' title='मछलियां मरने से आहत हैं धर्मनगरी के लोग'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-1844830124165079582</id><published>2009-06-26T00:31:00.000-07:00</published><updated>2009-06-26T00:33:14.248-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='इस पवित्र काम'/><title type='text'>मंदाकिनी सफाई के लिए फिर चलेगा अभियान</title><content type='html'>Jun 25, 02:41 am&lt;br /&gt;चित्रकूट [संदीप रिछारिया]। भले ही मध्य प्रदेश सरकार मंदाकिनी के प्रदूषण को लेकर काफी चौकन्नी हो गयी हो पर यूपी के क्षेत्र में अभी भी हाल काफी खराब हैं। मंदाकिनी शुद्धि आंदोलन के प्रमुख लोगों ने नदी की सफाई के लिए नये सिरे अभियान चलाने की योजना बनायी है।&lt;br /&gt;मंदाकिनी शुद्धि अभियान के प्रमुख गायत्री शक्तिपीठ के व्यवस्थापक डा. रामनारायण त्रिपाठी ने बताया कि अब पर्चे, पोस्टरों व होर्डिग्स के साथ ही जनजागरण कर गायत्री परिवार एक नई पहल करने जा रहा है। वे जल्द ही चित्रकूट व सतना के जिलाधिकारियों से मिलकर अपनी इस नई पहल के बारे में अनुमति मांगेंगे। अपनी नई पहल की जानकारी देते हुये उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मप्र शासन ने नयागांव पुल के नीचे 200 मीटर में खुदाई के साथ बारह सौ मीटर पर सफाई का काम किया है, वे भी इसी तर्ज पर मंदाकिनी को साफ करेंगे। कहा कि मानव श्रम की सीमा होती है और मानव श्रम के सहारे गहराई पर काम नही किया जा सकता। वह व अभियान से जुडे़ सभी साथी इलाके के बड़े ठेकेदारों से मिलकर जेसीबी मशीन व डंपरों की सहायता मंदाकिनी को साफ करने के लिए मांगेंगे। बताया कि इस अभियान का शुभारंभ शीघ्र ही रामघाट के आगे उतारा बाजार से बूढ़े हनुमान जी तक के नीचे के भाग में किया जायेगा। उनके साथ मौजूद आंदोलन प्रभारी सच्चिदानंद उपाध्याय ने कहा कि मप्र शासन द्वारा करवाई गई खुदाई से नदी में एक से दो फुट तक पानी बढ़ गया है। वहां के प्रदूषण साफ होने पर नदी में और भी पानी बढे़गा व सफाई भी रहेगी। उन्होंने कहा कि इस पवित्र काम के लिए सतना व चित्रकूट दोनो जिलों के अधिकारियों से अनुमति लेकर इस काम को शुरू किया जायेगा।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-1844830124165079582?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/1844830124165079582/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_9412.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/1844830124165079582'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/1844830124165079582'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_9412.html' title='मंदाकिनी सफाई के लिए फिर चलेगा अभियान'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-1383133032170154424</id><published>2009-06-26T00:28:00.000-07:00</published><updated>2009-06-26T00:30:51.665-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='पानी काला'/><title type='text'>रामघाट से बढ़ जाती गंदगी</title><content type='html'>Jun 25, 02:41 am&lt;br /&gt;चित्रकूट। धर्मनगरी की विशेष पहचान मंदाकिनी बड़े-बडे़ धर्माचार्यो व तमाम संगठनों के आगे आने के बाद भी मैली ही है। हाल यह है कि लोग न तो साबुन लगाने से मान रहे हैं और न ही कूड़ा डालने से।&lt;br /&gt;वैसे तो मंदाकिनी की बदहाली की शुरुआत उसके उद्गम से अनुसुइया आश्रम से ही शुरू हो जाती है, पर रामघाट के आगे तो प्रदूषण अपनी सीमा ही पार कर चुका है। प्रशासन को भी राम घाट के आगे की गंदगी दिखाई नहीं देती। उतारा बाजार से लेकर बूढ़े हनुमान जी के नीचे तक तो नदी में साफ पानी की कल्पना भी बेमानी है। गंदगी के चलते यहां का पानी काला पड़ चुका है। यही वह जगह है जहां पर पूरे शहर का सीवर गिराता है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-1383133032170154424?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/1383133032170154424/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_5609.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/1383133032170154424'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/1383133032170154424'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_5609.html' title='रामघाट से बढ़ जाती गंदगी'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-1687550716208010724</id><published>2009-06-26T00:26:00.000-07:00</published><updated>2009-06-26T00:28:35.016-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='साफ करवा कर'/><title type='text'>मंदाकिनी में मरीं लाखों मछलियां</title><content type='html'>Jun 24, 02:45 am&lt;br /&gt;चित्रकूट। सोमवती अमावस्या के दूसरे दिन लाखों मछलियों के मरने से तीर्थ क्षेत्र के लगभग आधा किलोमीटर के क्षेत्र में दुर्गन्ध फैल गयी। यह मछलियां किसी शरारती तत्व के सोमवार रात मंदाकिनी में जहर डालने से मर गयीं। इस घटना से साधु संतों के साथ ही आम लोगों में आक्रोश है।&lt;br /&gt;किसी शरारती तत्व के मंदाकिनी में जहर डाल देने से रामघाट से लेकर बूढ़े हनुमान जी के पास तक लाखों छोटी व बड़ी मछलियां मर गयीं। हैरत की बात तो यह है कि नगर पंचायत नयागांव कार्यालय के बाहर मछलियों के मरने से उठने वाली दुर्गन्ध के बाद भी मुख्य नगर पंचायत अधिकारी को इस मामले की जानकारी नहीं थी। स्थानीय लोगों के बताये जाने के बाद नगर पंचायत अधिकारी दर्शन सिंह घोष दोपहर को मौके पर पहुंचे और सफाई कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि किसी ने मंदाकिनी में जहर डाल दिया है। वे थाना नयागांव में इस बात की लिखित रिपोर्ट दर्ज करायेंगे। मौके पर पहुंचे ब्राह्मण सेवा दल के जिलाध्यक्ष अजय रिछारिया ने कहा कि जिसने भी यह काम किया है वह घोर अपराध है। इस तरह के व्यक्ति को तो सजा मिलनी ही चाहिये। वैसे स्थानीय लोगों ने आशंका जतायी कि पुलिस ने नदी में साबुन लगाने वालों छीन मंदाकिनी में डाल दिये। जिसे दाना समझकर मछलियों ने खाया हो और वे मर गयी हों। जिलाधिकारी हृदेश कुमार ने जानकारी पाते ही खुद मौके का मुआयना कर नगर पालिका के अधिकारी को आदेश किया कि वे तुरन्त ही इन्हें साफ करवा कर वहां पर दवाएं डलवा दें ताकि किसी प्रकार की बीमारी न फैल सके।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-1687550716208010724?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/1687550716208010724/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_26.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/1687550716208010724'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/1687550716208010724'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_26.html' title='मंदाकिनी में मरीं लाखों मछलियां'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-5114233361656751105</id><published>2009-06-23T00:44:00.000-07:00</published><updated>2009-06-23T00:45:54.807-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='ओंकार दास जी'/><title type='text'>महारुद्रों के विसर्जन न होने देने पर एकजुट हुए साधु</title><content type='html'>Jun 23, 11:37 am&lt;br /&gt;चित्रकूट। मंदाकिनी शुद्धि अभियान अब ऐसा मुद्दा हो गया है कि उसके बिना इस धर्मनगरी के कोई भी कार्यक्रम पूरे नहीं होते। जानकीकुंड के रामायणी कुटी में कार्यक्रम तो हो रहा था दीन दयाल शोध शोध संस्थान के प्रधान सचिव की पुत्री को तीर्थ क्षेत्र के सभी संत महंतों के आर्शीवाद देने का, पर जब यहां चित्रकूट के विकास के साथ मंदाकिनी के प्रदूषण की चर्चा चली तो सीधे तौर पर यहां आयोजित होने वाला 45 वां सवा पांच करोड़ महारुद्र यज्ञ निशाने पर आ गया। क्षेत्र के सभी महंतों व संतों की आम राय बनी कि किसी भी कीमत में रुद्रों को मंदाकिनी में विसर्जित नही करने दिया जायेगा। अगर यह शिवलिंग यहां विसर्जित हुए तो मंदाकिनी फिर से प्रदूषित हो जायेगी।&lt;br /&gt;रामायणी कुटी के महंत स्वामी राम ह्दय दास ने कहा कि किसी भी कीमत में नदी में रुद्रों का विसर्जन नहीं करने दिया जायेगा। इसके लिये हर स्तर पर विरोध किया जायेगा। उन्होंने कहा कि मूर्तियों को जल समाधि की जगह भूमि समाधि दी जा सकती है। राज महल नयागांव के हेमराज चौबे ने कहा कि शास्त्री जी को चाहिये कि वे रुद्रों को जल समाधि न देकर भूमि समाधि दें। उन्होंने सुझाव दिया कि वे इसके लिये अपने स्वामित्व वाली मंदाकिनी से 100 मीटर दूर जमीन पर जेसीबी से गड्ढा करा देने को तैयार हैं। उन्होंने संतों से भी अनुरोध किया कि वे भी अपनी पूजन व हवन की सामग्री के साथ ही फूल माला को मंदाकिनी में विसर्जित न करें। इसके लिए वे अपने आश्रमों में गड्ढा बनायें। इस मौके पर भरत पाठक के साथ ही सनकादिक महाराज, बलराम दास जी, ओंकार दास जी, साहब बाबा समेत क्षेत्र के सभी सम्मानित साधू महंत मौजूद रहे।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-5114233361656751105?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/5114233361656751105/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_23.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/5114233361656751105'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/5114233361656751105'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_23.html' title='महारुद्रों के विसर्जन न होने देने पर एकजुट हुए साधु'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-4562513828519527523</id><published>2009-06-15T02:17:00.000-07:00</published><updated>2009-06-15T02:18:58.772-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='काफी अच्छा था'/><title type='text'>जल्दी ही हटेगा सरयू किनारे का अतिक्रमण</title><content type='html'>Jun 15, 02:03 am&lt;br /&gt;चित्रकूट। जहां एक तरफ कुछ लोग प्रशासन के अतिक्रमण विरोधी अभियान से खफा हैं। वहीं तीर्थक्षेत्र के रहने वाले ज्यादातर लोग प्रशासन के इस कदम की प्रशंसा कर रहे हैं। यूपी व मप्र शासन की संयुक्त टीम ने पवित्र सरयू गंगा के सीमांकन किये जाने के बाद तो इलाके के लाज व धर्मशाला के स्वामियों की नींद ही उड़ गयी है।&lt;br /&gt;वैसे पौराणिक नदी सरयू गंगा कामदनाथ पर्वत के दक्षिणी भाग से निकलकर तीर्थ क्षेत्र के मैदानी भाग से होते हुए निर्मोही अखाडे़ के पीछे पयस्वनी गंगा में मिलती थी। महंत डा. कौशलेन्द्र दास जी ब्रह्मचारी बताते हैं कि कभी सरयू गंगा, पयस्वनी अपने पूरे यौवन में बहकर राघव प्रपात घाट पर मंदाकिनी में मिल जाया करती थी। नगर पंचायत चित्रकूट के मुख्य नगर पालिका अधिकारी दर्शन सिंह घोष कहते हैं कि अभी मप्र पर्यटन विभाग के 20 लाख व नगरीय प्रशासन विशेष पवित्र क्षेत्र घटक के 10 लाख रुपयों के एवज में 22 लाख रुपयों में नदी की लगभग 200 मीटर खुदाई के साथ ही नदी की धारा को एक करा दिया गया है। बताया कि अभी 8 लाख रुपये शेष हैं। जिसमें नदी के किनारे पार्क का सुंदरीकरण कर सरयू नाले की सफाई का काम किया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि यथा शीघ्र ही उप्र के अधिकारियों के साथ वार्ता कर सरयू गंगा से अतिक्रमण खाली करा लिया जायेगा। तभी पूरी सरयू नदी को साफ किया जा सकेगा। उप्र शासन के अधिकारियों की मंशा को उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि सीमांकन के बाद हुई बातचीत में वहां के अधिकारियों का रवैया काफी अच्छा था और सभी प्रकार के अतिक्रमण को साफ करने में साथ देने की बात उन्होंने कही है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-4562513828519527523?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/4562513828519527523/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_15.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/4562513828519527523'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/4562513828519527523'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_15.html' title='जल्दी ही हटेगा सरयू किनारे का अतिक्रमण'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-3932307903795022299</id><published>2009-06-13T22:41:00.000-07:00</published><updated>2009-06-13T22:42:39.270-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='सरयू को भी गंदगी'/><title type='text'>पौराणिक स्थल राघव प्रपात की नहीं हुई सफाई</title><content type='html'>Jun 14, 02:26 am&lt;br /&gt;चित्रकूट [संदीप रिछारिया]। मप्र शासन ने लगभग 22 लाख रुपयों के काम से हनुमान धारा जाने वाले पुल के नीचे 200 मीटर क्षेत्र में रामायणी कुटी के पास तक के क्षेत्र को नदी के दोनो तरफ साफ करवा दिया पर उसे सरयू व पयस्वनी के मंदाकिनी में जुड़ने वाले स्थल का ध्यान नहीं रहा। राघव प्रयाग घाट पर खड़े होकर नदी की हालत देखने वालों का कहना है कि मप्र सरकार ने नदी को गहरा कराने के साथ ही नदी को साफ कराने का काम बहुत अच्छा किया है पर भगवान राम द्वारा अपने पिता को पिंड दान देने के स्थल के प्रति बेरुखी दिखायी है।&lt;br /&gt;पौराणिक मान्यता के हिसाब से भगवान राम के चित्रकूट आने व रहने के विचार के बाद सरयू गंगा खुद ही यहां उनके स्नान के लिए पर्वत के दक्षिण भाग से उद्गमित हो गयी थी। इसके पूर्व उत्तरी भाग में ब्रह्मा के द्वारा तपस्या के परिणाम स्वरूप पयस्वनी भी अपना पूर्ण यौवन उड़ेल चुकी थी। दोनो अपने-अपने रास्ते चुनकर राघव प्रयाग घाट पर आकर मंदाकिनी में विलोपित हो जाती हैं। भगवान राम ने यहीं पर अपने पिता का पिंड दान किया था। कथानकों के हिसाब से प्रयाग राज स्वयं वर्ष में एक बार इसी घाट पर अपने पापों को धोने के लिये आते हैं। इन्हीं मान्यताओं के चलते ही पिछले वर्ष अमिताभ बच्चन मां की अस्थियों के विसर्जन के लिए यहां आये थे। पर इस पवित्र धरोहर की हालत अब ऐसी हो गयी है कि यह एक नाले के स्वरुप में आ चुकी है। घाटों के निर्माण के बाद इसमें ठेकेदारों ने मलबा डाल दिया है तो स्थानीय लोग इसमें कूड़ा डालने से कतई परहेज नहीं करते। इस मामले में मंदाकिनी शुद्धि आंदोलन के प्रमुख डा. राम नारायण त्रिपाठी कहते हैं कि नदी को बचाने के लिए सभी लोग आगे आ चुके हैं। मंदाकिनी के साथ ही पयस्वनी व सरयू को भी गंदगी से मुक्त की पहल शीघ्र ही की जायेगी।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-3932307903795022299?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/3932307903795022299/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_7411.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/3932307903795022299'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/3932307903795022299'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_7411.html' title='पौराणिक स्थल राघव प्रपात की नहीं हुई सफाई'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-9032204327581481011</id><published>2009-06-13T22:39:00.000-07:00</published><updated>2009-06-13T22:41:02.134-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='सरयू नदी'/><title type='text'>अतिक्रमण चिह्नित कर दी गयी नोटिस</title><content type='html'>Jun 14, 02:26 am&lt;br /&gt;चित्रकूट [संदीप रिछारिया]। मंदाकिनी बचाने को लेकर चलायी जा रही 'दैनिक जागरण' की पहल अब रंग लाती दिखाई दे रही है। यूपी व मप्र की संयुक्त टीमों ने जब पवित्र सरयू के किनारों पर अतिक्रमण के चिह्नांकन का काम शुरू किया तो समूचे तीर्थ क्षेत्र में हड़कंप सा मच गया। कई लाज और मठों के अंदर टीम ने लाल निशान लगाया। प्रशासन ने अतिक्रमण करने वालों को तीन दिनों का समय देते हुए हटाने के आदेश दे दिये हैं।&lt;br /&gt;शनिवार सुबह से ही तहसीलदार अश्विनी श्रीवास्तव व मप्र के नगर पंचायत अधिकारी दर्शन घोष की मौजूदगी में नदी के बीच से लेकर दोनो किनारों के बीच पैमाइश का काम शुरू किया गया। पैमाइश के समय ही तमाम कब्जा धारकों ने अधिकारियों से जुगाड़ लगाना शुरू किया पर उनकी नहीं चली। नदी की जमीन पर लाज का निर्माण कराने वाले ज्यादा परेशान देखे गये। इस दोनो प्रदेशों की इस संयुक्त पैमाइश की गाज क्षेत्र के सर्वाधिक प्रतिष्ठित कामदगिरि भवन, विनोद लाज, बाबा शिवराम दास की धर्मशाला, दिव्या रेस्टोरेंट, अनी निर्वाणी निर्मोही अखाडे़ के एक बड़े हिस्से पर गिरनी तय बताई जा रही है। सीमांकन का काम पूरा करने के बाद कर्वी तहसीलदार व मप्र के सीएमओ ने बताया कि सरयू नदी पर अतिक्रमण करने वालों को नोटिसें दी जा रही है। उन्होंने मौखिक रूप से बताया कि तीन दिनों के बाद अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई अमल में लाई जायेगी।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-9032204327581481011?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/9032204327581481011/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_2746.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/9032204327581481011'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/9032204327581481011'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_2746.html' title='अतिक्रमण चिह्नित कर दी गयी नोटिस'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-1115651001652444109</id><published>2009-06-13T22:37:00.000-07:00</published><updated>2009-06-13T22:38:54.283-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='धोने वालों को रोकने'/><title type='text'>आदेश बेअसर, गंदी की जा रही मंदाकिनी</title><content type='html'>Jun 14, 02:26 am&lt;br /&gt;चित्रकूट [संदीप रिछारिया]। भले ही सरकार और समाजसेवी मंदाकिनी को बचाने के लिए सभी प्रयास कर रहे हों पर यहां के रहने वाले अभी तक नहीं जागे हैं। सरकारी आदेश को धता बताते हुए शुक्रवार को मंदाकिनी के रामघाट पर लोगों ने साबुन लगाकर नहाने के साथ ही कपड़े भी धोये। घाट पर जानवर भी घूमते दिखे तो तेज आवाज का फिल्मी संगीत भी बजता रहा। लोगों का कहना था कि वे वर्षो से ऐसा करते आ रहे हैं और कोई भी सरकारी आदेश उनको ऐसा करने से नही रोक सकता।&lt;br /&gt;घाट पर रहने वाले लोगों का कहना है कि पहले सरकार खुद अपने प्रदूषण को दूर करे फिर उन्हें साबुन लगाने से रोके। गौरतलब है कि सीवेज प्लांट का निर्माण करने वाली एजेन्सी जल निर्माण अस्थायी निर्माण खंड ने अभी बूढ़े हनुमान जी के नीचे शहर भर के मलबे को मंदाकिनी में डालने का काम जारी कर रखा है। साथ ही नगर पालिका परिषद भी शहर भर के कूड़े को मंदाकिनी में ही विसर्जित करने का काम कर रही है। उधर, जिला प्रशासन के आदेश पर स्थानीय समाजसेवी पूर्व सभासद अरूण कुमार गुप्ता का कहना था कि यह नियम तो बहुत पहले का है। घाट के चारों तरफ दीवारों पर पेंट भी कराया गया है, पर यहां के लोगों के लिए तो यह सिर्फ पढ़ने की ही इबारत है। लोग तभी सुधर सकते हैं जब जिला प्रशासन पहले मलबा डालने का काम बंद करे और फिर घाट पर नगर पालिका के इंसपेक्टर के साथ पुलिस के जवान नदी के घाट पर साबुन लगाने व कपड़े धोने वालों को रोकने के साथ ही जानवरों को कांजी हाउस भेजने की व्यवस्था करें।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-1115651001652444109?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/1115651001652444109/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_13.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/1115651001652444109'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/1115651001652444109'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_13.html' title='आदेश बेअसर, गंदी की जा रही मंदाकिनी'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-2482745167681044828</id><published>2009-06-12T00:40:00.000-07:00</published><updated>2009-06-12T00:41:25.856-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='कराकर फिर से सफाई खुदाई'/><title type='text'>अपनों ने मिटा दिया पयस्वनी नदी का अस्तित्व</title><content type='html'>Jun 08, 12:36 pm&lt;br /&gt;चित्रकूट। पयस्वनी नदी भले ही केवल दो किलोमीटर के क्षेत्रफल में बहकर अपनी ताजगी कभी मां मंदाकिनी को समर्पित कर देती रही हो पर आज यह यहां के निवासियों के लिये एक जीवित किंवदंती बन चुकी है। उद्गम स्थल ब्रह्मकुंड में पानी नही बचा और यह स्थिति लगभग दो सालों से है। वैसे कभी-कभी यह अनोखी धारा अपने दर्शन यहां के निवासियों को करा देती है।&lt;br /&gt;ब्रह्मपुराण के अनुसार सृष्टि के रचयिता प्रजापति ब्रह्मा ने जब सृष्टि की रचना के उद्देश्य से तप करने के लिये स्थान चुना तो उन्हें अलौकिक प्राकृतिक सुषमा से युक्त यह जगह इतनी भाई कि उन्होंने यहीं पर अपना डेरा जमा लिया। मंदाकिनी के किनारे भगवान शंकर से मंत्रणा करने के बाद यहीं पर उन्होंने 1008 यज्ञ किये।&lt;br /&gt;स्थानीय महंत स्वामी ओंकार दास नागा बताते हैं कि बृह्मा जी ने तप करने के लिए ब्रह्मकुंड नामक स्थान चुना जो कामदगिरि पर्वत के दक्षिणी भाग में स्थित है। तप करते समय जब उन्हें जल पीने की इच्छा हुई तो स्वर्ग से उतरी मां मंदाकिनी ने अपनी सहोदर मां पयस्वनी को वहां पर प्रकट कर दिया। मां पयस्वनी का जल अत्यंत मीठा और देखने में दूध के समान था।&lt;br /&gt;यहां रहने वाले गायत्री परिवार के डा. राम नारायण त्रिपाठी बताते हैं कि अभी हाल के कुछ ही वर्षो पहले पयस्वनी नदी ब्रह्मकुंड से निकलकर राघव प्रयाग घाट में मंदाकिनी में विलीन हो जाती थी। समय का परिवर्तन कहें या फिर ग्लोबल वार्मिग का दौर या फिर अतिक्रमणकारियों की कुदृष्टि कुल मिलाकर पावन पयस्वनी को इन सभी कारकों ने मिलकर लील लिया।&lt;br /&gt;रामघाट के रहने वाले रघुवीर प्रसाद यादव बताते हैं कि भले ही अतिक्रमणकारियों ने पयस्वनी नदी का अस्तित्व लगभग समाप्त कर दिया हो पर आज भी साल में एक दो-बार वे अपने होने का अहसास जता देती हैं। नदी के बीच से दूध की धारा कई बार फूटते हुये उन्होंने स्वयं देखी है। वैज्ञानिकों ने भी इसकी जांच की पर उन्होंने इसे प्रकृति का चमत्कार ही माना। फिलहाल आज इस पावन पयस्वनी की हालत प्रदूषण की शिकार है। कथा आचार्य पं. चंदन दीक्षित कहते हैं विचित्रताओं के इस कूट में पयस्वनी का अस्तित्व खत्म हो जाना भी विचित्र ही है। आज ब्रह्मकुंड में ही पानी नही है। इसके साथ इसके रास्ते में उत्पन्न होने वाले तमाम जलश्रोत अतिक्रमणकारी पी गये तो कुछ को गंदे नाले में बदल दिया गया। वैसे अभी भी सरकार चेत जाये और इसका सीमांकन कराकर फिर से सफाई खुदाई करा दे तो शायद यह नदी पुर्नजीवित हो सकती है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-2482745167681044828?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/2482745167681044828/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_7132.html#comment-form' title='1 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/2482745167681044828'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/2482745167681044828'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_7132.html' title='अपनों ने मिटा दिया पयस्वनी नदी का अस्तित्व'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>1</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-1912340433163264643</id><published>2009-06-12T00:37:00.000-07:00</published><updated>2009-06-12T00:40:05.169-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='ही गुप्त गोदावरी व अन्य'/><title type='text'>..ताकि निर्झरित होती रहे मंदाकिनी</title><content type='html'>Jun 08, 12:36 pm&lt;br /&gt;चित्रकूट। 'मंदाकिनी प्रदूषण' को दूर करने का संकल्प लेकर निकले तमाम समयदानियों ने अपने-अपने हिसाब से काम करना शुरु कर दिया है। भावना सबकी एक ही है किसी प्रकार से मोक्षदायिनी एक बार फिर अपने पुराने वैभव को प्राप्त करे जिसकी लड़ाई सभी लड़ रहे हैं।&lt;br /&gt;मंदाकिनी रक्षा और चित्रकूट स्वच्छता की गुजारिश लेकर सतना कलेक्टर के पास पहुंचे डिजायर ग्रुप के नीलांशु चतुर्वेदी के द्वारा सौंपे गये अठारह सूत्रीय ज्ञापन में मंदाकिनी, सरयू व पयस्वनी का सीमांकन व अतिक्रमण हटाये जाने की मांग के साथ ही नदी में गिरने वाले गंदे नालों की दिशा को दूसरी तरफ ले जाने की बात मुखरता से सामने आई है। सीवर लाइन, अति आवश्यक होने पर ही घाटों का चयनित स्थान पर निर्माण के साथ ही नदी के किनारे पर हो रहे उत्खनन पर कड़ाई से रोक लगाना शामिल है। उन्होंने व उनके दल के सदस्यों ने परिक्रमा मार्ग के साथ ही गुप्त गोदावरी व अन्य स्थानों के बारे में भी सुन्दरी करण कराये जाने के प्रस्ताव भी सामने रखे।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-1912340433163264643?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/1912340433163264643/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_4443.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/1912340433163264643'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/1912340433163264643'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_4443.html' title='..ताकि निर्झरित होती रहे मंदाकिनी'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-4199912551324454002</id><published>2009-06-12T00:34:00.000-07:00</published><updated>2009-06-12T00:37:33.780-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='इस प्रतिनिधि मंडल में ट्रस्टी आर'/><title type='text'>मंदाकिनी का अस्तित्व बचाने में भरपूर सहयोग करेगा प्रशासन</title><content type='html'>Jun 09, 02:23 am&lt;br /&gt;चित्रकूट। पवित्र पावनी मंदाकिनी में बढ़ते प्रदूषण से चिंतित गायत्री परिवार का प्रतिनिधि मंडल सोमवार को जिलाधिकारी से मिला। जिलाधिकारी ने मंदाकिनी की पवित्रता को बचाने के लिये रामघाट समेत सभी मंदाकिनी नदी के घाटों में साबुन प्रयोग, पालीथीन प्रयोग, मूर्ति विसर्जन व शव फेंकने पर प्रतिबंध लगाने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि सीवर लाइन कार्य को पूरा करने के लिये करीब सवा 6 करोड़ रुपये की धनराशि शासन से स्वीकृत हो गई है। जल्द ही कार्य प्रारंभ होगा।&lt;br /&gt;सोमवार को गायत्री शक्तिपीठ के व्यवस्थापक पं. रामनारायण त्रिपाठी के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल कलेक्ट्रेट भवन पहुंचा। प्रतिनिधि मंडल ने 'दैनिक जागरण' में मंदाकिनी प्रदूषण को लेकर लगातार प्रकाशित हो रही खबरों को दिखाकर जिलाधिकारी से मंदाकिनी के अस्तित्व को बचाने में सहयोग की गुजारिश की। साथ ही सौंपे गए सुझाव पत्र में कहा कि मंदाकिनी का गहराईकरण हो, मूर्तियां विसर्जन, पालीथीन प्रयोग, शव फेंकना व साबुन प्रयोग पर तत्काल प्रतिबंध लगे। मंदाकिनी में जाने वाले नाले व गंदगी को रोकने के लिये सीवर लाइन व ट्रीटमेंट प्लान का काम शुरू करायें। प्रदूषण रोकने के लिए सतना प्रशासन की तरह चित्रकूट प्रशासन भी प्रभावी कदम बढ़ाये।&lt;br /&gt;जिलाधिकारी हृदेश कुमार ने प्रतिनिधि मंडल से कहा कि मंदाकिनी के सभी घाटों का सुंदरीकरण होगा। साथ ही प्रदूषण रोकने के लिए हरसंभव प्रयास किए जायेंगे। इस प्रतिनिधि मंडल में ट्रस्टी आर ए अग्रवाल, मंदाकिनी शुद्धि अभियान के प्रभारी सच्चिदानंद उपाध्याय व रामशरण भी सम्मिलित थे।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-4199912551324454002?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/4199912551324454002/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_9284.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/4199912551324454002'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/4199912551324454002'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_9284.html' title='मंदाकिनी का अस्तित्व बचाने में भरपूर सहयोग करेगा प्रशासन'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-3371333492656910426</id><published>2009-06-12T00:32:00.000-07:00</published><updated>2009-06-12T00:34:51.033-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='विभिन्न घाटों में डाल रहे हैं'/><title type='text'>नियमों की अनदेखी से मंदाकिनी में बढ़ा प्रदूषण</title><content type='html'>Jun 11, 02:34 am&lt;br /&gt;चित्रकूट। एक तरफ मां अनुसुइया के कठोर तप का परिणाम कि देवताओं को भी उनके तेज के सामने घुटने टेककर अमृत कलश से मंदाकिनी को यहां से निकालना पड़ा। तो दूसरी तरफ इन्हीं मंदाकिनी के प्रभाव का इस्तेमाल कर अपना व अपने परिवार का पेट पालने वाले घाट के किनारे बैठे संत-महंत और दुकानदारों के साथ ही जल निगम के द्वारा डाला अनवरत रूप से डाला जा रहा कचरा। इन सबसे तीसरी तरफ मंदाकिनी शुद्धि आंदोलन के जरिये फिर पावन बनाने की कसम खाकर मैदान में उतरे समाजशिल्पी तो चौथा वर्ग है प्रशासन का, दोनो प्रदेशों के जिलाधिकारियों ने मंदाकिनी गंगा में मूर्ति विर्सजन, कचरा डालने के साथ ही साबुन और दातून तक करने में प्रतिबंध लगा रखा है। इन सबसे इतर यहां पर काफी मात्रा में ऐसे लोग हैं जो नगर पालिका परिषद की दीवारों पर पेंट कराई इबारत को हिकारत की नजर से मुंह चिढ़ा कर मंदाकिनी गंगा में साबुन भी लगा रहे हैं और कपड़े भी धो रहे हैं। इनसे बात करने पर जवाब होता है कि हम नहीं सुधरेंगे। वैसे मंदाकिनी शुद्धि आंदोलन के प्रमुख गायत्री शक्ति पीठ के व्यवस्थापक डा. राम नारायण त्रिपाठी इस मुद्दे पर कहते हैं कि पहले चरण में तो यात्रा निकालकर प्रेरित करने का काम किया गया। दूसरे चरण में स्वयं सेवक विभिन्न घाटों पर लोगों से विनती कर अनुनय कर उन्हें साबुन न लगाने व कचरा न डालने के लिये कहेंगे, नहीं तो फिर इसके बाद का विकल्प पुलिस की सहायता तो है ही। वैसे पिछले दिनों मध्य प्रदेश के जिले सतना के जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक को सीधे तौर पर इस तरह का काम करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही करने के निर्देश दिये थे। कुछ इसी तरह की बातें यहां के जिलाधिकारी ने भी कहीं थी, पर आज तक उनके इस आदेश का पालन तो होता नही दिखाई दे रहा है। गौर करने वाली बात तो यह है कि भले ही साबुन लगाने व दातून करने वालों के लिये नगर पालिका प्रशासन ने सौ रूपया जुर्माना का प्रावधान किया हो पर आज तक न तो किसी को पकड़ा गया और न ही जुर्माना किया गया। हजारों की संख्या में लोग नदी में रोजाना पालीथिन भी नदी के विभिन्न घाटों में डाल रहे हैं। पुलिस कर्मी घाट पर अक्सर टहलते रहते हैं पर इस तरह की कार्यवाही करने का विचार अभी तक उनके दिमाग में नही आया है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-3371333492656910426?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/3371333492656910426/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_6727.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/3371333492656910426'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/3371333492656910426'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_6727.html' title='नियमों की अनदेखी से मंदाकिनी में बढ़ा प्रदूषण'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-7715398645415473150</id><published>2009-06-12T00:28:00.000-07:00</published><updated>2009-06-12T00:31:57.920-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='अधिकारियों को बक्शा नहीं'/><title type='text'>ठेकेदार के बाद अब आंदोलन के लोगों को दिग्भ्रमित करने का प्रयास कर रहे बाहुबली</title><content type='html'>Jun 11, 02:34 am&lt;br /&gt;चित्रकूट। जहां एक तरफ मध्य प्रदेश सरकार ने मंदाकिनी गंगा की सफाई का काम शुरू करवाकर उसे खतम करने की तयशुदा सीमा भी तय कर दी है। वहीं ठेकेदारों ने तेजी दिखाते हुये पहले चरण के सफाई के काम को लगभग अंतिम अंजाम तक पहुंचा भी दिया है। 200 मीटर नदी की एक मीटर खुदाई के साथ ही लगभग 1300 मीटर की नदी के दोनो तरफ चौसठ मीटर की सफाई का काम भी लगभग अंतिम चरण में है। काम को पूरा करने वाले ठेकेदार के सामने उनके हमपेशा बाहुबलियों के साथ ही विभाग के लोग दिक्कतें खड़ी कर रहे हैं। उनके द्वारा पैदा की जा रही तमाम परेशानियों से विचलित ठेकेदार ने भी मंदाकिनी शुद्धि अभियान के लोगों के साथ बातचीत करने के बाद यह कहा कि वह मंदाकिनी के मुद्दे पर आंदोलन के साथ है। घाटा लगे या मुनाफा नदी तो सही ढंग से साफ होगी ही।&lt;br /&gt;गौरतलब है कि मंदाकिनी की सफाई का पैसा हर साल आता था। अधिकारियों व ठेकेदारों की मिली भगत से लगभग पचास लाख रुपयों को बंदरबांट कर ठिकाने लगा दिया जाता रहा, पर इस बार ऐसा नही होने पाया। छप्पन लाख रूपयों के टेंडर डालने वाले बाहुबली के सामने जब स्थानीय ठेकेदार ने इसी काम का कुल 22 लाख का टेंडर डाला तो सभी भौचक रह गये। कुल मिलाकर इस रकम में जब उसने काम करवा दिया तो फिर बाहुबली ठेकेदारों व अधिकारियों ने शुद्धि आंदोलन के लोगों को दिग्भ्रमित करने का प्रयास किया, पर उसकी दाल नही गल सकी। निगरानी समिति के सदस्यों ने उसके काम पर मुहर लगाते हुये कहा कि&lt;br /&gt;मंदाकिनी के काम में पैसा खाने वाले ठेकेदारों अधिकारियों को बक्शा नहीं जायेगा। उन्हें खदेड़ने का काम आंदोलन के लो करेंगे।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-7715398645415473150?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/7715398645415473150/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_4174.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/7715398645415473150'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/7715398645415473150'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_4174.html' title='ठेकेदार के बाद अब आंदोलन के लोगों को दिग्भ्रमित करने का प्रयास कर रहे बाहुबली'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-2569632818410560559</id><published>2009-06-12T00:26:00.000-07:00</published><updated>2009-06-12T00:27:55.872-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='कार्यक्रम को यादगार बनाने'/><title type='text'>अब मंदिर में जाकर भी कर सकेंगे मंदाकिनी की पूजा</title><content type='html'>Jun 12, 02:08 am&lt;br /&gt;चित्रकूट। मंदाकिनी के साधक मृत्यु शैया पर पहुंच चुकी मंदाकिनी को बचाने का प्रयास अपने-अपने तरीकों से कर रहे हैं। कोई पदयात्रा निकाल रहा है तो कोई स्टीकर में स्लोगन लिखकर लोगों को इसकी पवित्रता का बोध कराकर साफ रखने की गुजारिश कर रहा है। वहीं प्रमोद वन में रहने वाली कर्नाटक वाली माता जी ने मंदाकिनी के किनारे प्रमोद वन के घाट पर मां मंदाकिनी का मंदिर बनवाकर लोगों को यह संदेश देने का प्रयास किया है कि मंदाकिनी से पवित्र और महान कोई नहीं है।&lt;br /&gt;कार्यक्रम के स्वागत में लगे विवेक अग्रवाल व गिरीश अग्रवाल ने बताया कि जल यात्रा प्रायश्चित स्नान पंचाग पूजन आचार्य वरण 25 जून को, कर्म कुटी पीठ स्थापना जलाधिवास 26 को, अन्नाधिवास 27, स्तपन सहस्त्राभिषेक शोभा यात्रा, शय्याधिवास 28 को, देव प्रतिष्ठा व हवन पूर्णाहुति 29 को होने के बाद 30 को विशाल भंडारा व प्रसाद वितरण का कार्यक्रम होगा। उन्होंने बताया कि अमृत हस्त से मां मंदाकिनी मैया की मूर्ति स्थापना का कार्यक्रम श्री 1008 राजगुरु स्वामी संकर्षण प्रपन्नाचार्य जी महाराज करेंगे। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नाना जी देशमुख मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम के अध्यक्ष मध्य प्रदेश सरकार के लोक निर्माण मंत्री नागेन्द्र देव सिंह जूदेव हैं। उन्होंने बताया कि श्री सीताराम मंदाकिनी गंगा व हनुमान जी की प्रतिमा की स्थापना के कार्यक्रम को यादगार बनाने के लिए तैयारियां विशाल स्तर पर की जा रही हैं।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-2569632818410560559?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/2569632818410560559/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_2787.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/2569632818410560559'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/2569632818410560559'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_2787.html' title='अब मंदिर में जाकर भी कर सकेंगे मंदाकिनी की पूजा'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-5233191747427177729</id><published>2009-06-12T00:23:00.000-07:00</published><updated>2009-06-12T00:26:03.070-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='आंदोलन के प्रभारी गायत्री शक्ति'/><title type='text'>मंदाकिनी में प्रदूषण फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई</title><content type='html'>Jun 12, 02:08 am&lt;br /&gt;चित्रकूट। मंदाकिनी शुद्धि अभियान की मांगों पर जिला प्रशासन ने मुहर लगाते हुए मंदाकिनी में प्रदूषण फैलाने पर रोक लगा दी।&lt;br /&gt;अपर जिला मजिस्ट्रेट परमानंद तिवारी ने 11 जून से लेकर 11 अगस्त तक चित्रकूट क्षेत्र में पालीथिन के थैलों व थैलियों के परिचालन पर रोक लगाने के साथ ही क्षेत्र में समस्त दुकानदारों को समान की बिक्री में पालीथिन में देने के लिए उपयोग करने पर रोक लगाई गई है। नदी के किनारे घाटों पर साबुन, शैंपू, बाल ब्लेड डालने व कूड़ा करकट डालने पर प्रतिबंध लगाया गया है। कोई भी व्यक्ति नदी के किनारे सौच भी नहीं जायेगा। नदी के किनारे गुटखा, पान बीड़ी जैसी चीजों की न तो बिक्री करेगा और न ही सेवन करेगा। कोई भी दुकानदार बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के आडियो या वीडियो भी नहीं चला सकेगा। कोई भी व्यक्ति या दुकानदार आडियो व वीडियो दिखाकर भीड़ एकत्र नहीं करेगा। इस आदेश की प्रतियां कोतवाली कर्वी के साथ ही सीतापुर, शिवरामपुर, तहसीलदार कर्वी, नगर पालिका परिषद को आदेश का तामील कराने के लिये भेजी गयी हैं।&lt;br /&gt;मूर्ति विसर्जन पर प्रशासन मौन&lt;br /&gt;मंदाकिनी शुद्धि आंदोलन के प्रमुख लोगों ने जिलाधिकारी सतना व चित्रकूट से मिलकर इन मांगों के अलावा नदी में मूर्ति विसर्जित करने को भी लेकर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। जिसमें उनकी मांग को मध्य प्रदेश के जिलाधिकारी ने मानकर तुरन्त ही नदी में घाटों पर मूर्ति विसर्जित न कर पाने का आदेश जारी कर दिया था, पर उत्तर प्रदेश क्षेत्र में अभी मूर्ति विसर्जन को लेकर किसी भी प्रकार का आदेश नहीं दिया गया है। इस मामले में आंदोलन के प्रभारी गायत्री शक्ति पीठ के व्यवस्थापक डा. राम नारायण त्रिपाठी ने कहा वे जल्द ही डीएम से मिलकर इस मामले में चर्चा करेंगे।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-5233191747427177729?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/5233191747427177729/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_12.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/5233191747427177729'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/5233191747427177729'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_12.html' title='मंदाकिनी में प्रदूषण फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-7806868414546000027</id><published>2009-06-06T23:20:00.000-07:00</published><updated>2009-06-06T23:22:13.062-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='स्थानीय समाजसेवियों के साथ बड़ी'/><title type='text'>मप्र सरकार ने शुरू करायी मंदाकिनी की सफाई</title><content type='html'>Jun 07, 02:29 am&lt;br /&gt;चित्रकूट। मंदाकिनी बचाने को मप्र सरकार द्वारा छह करोड़ पचास लाख देने के बाद भी यूपी सरकार की नींद नहीं खुली। मप्र के नगर पंचायत नयागांव ने तो काम भी चालू करा दिया। हनुमानधारा की ओर जाने वाले पुल के नीचे के हिस्से में लगी जेसीबी मशीन से निकलने वाले मलबे को देखकर हर आने जाने वाले के साथ ही बाहर के यात्रियों को भी सुकून मिल रहा है।&lt;br /&gt;बताते चलें कि जागरण ने अपने सात सरोकारों में एक जल संकट से जुड़े मंदाकिनी के प्रदूषण को प्रमुखता से उठाया था। इस मुद्दे को उठाने के बाद सबसे पहले बांदा का ब्राह्मण सेवा दल और गायत्री परिवार जुड़ा। इसके बाद तो समाजसेवियों की लाइन सी लग गयी। इसी दौरान चित्रकूट आने वाले पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एन गोपालस्वामी व फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा ने मंदाकिनी की बदहाली पर चिंता व्यक्त की। देश के पर्यावरणविद डा. जी अग्रवाल के आने के बाद तो दीन दयाल शोध संस्थान और स्वामी रामभद्राचार्य जी ने भी अपनी जिम्मेदारी समझी और तभी जन्म हुआ मंदाकिनी शुद्धि आंदोलन का। इसके पहले चरण की पतवार संभाली ब्राह्मण सेवा दल और गायत्री परिवार के साथ पंतजलि योग समिति के कार्यकर्ताओं ने। 21 मई को मंदाकिनी के उद्गम स्थल से यात्रा की शुरुआत स्वामी राम भद्राचार्य ने करवाई तो पदयात्रा की कमान दीन दयाल शोध संस्थान के डा. भरत पाठक ने संभाली। इस बीच कुछ समाजसेवियों ने मप्र व उप्र के अधिकारियों को भी ज्ञापन दिये। इस सब के बाद जहां मध्य प्रदेश सरकार ने तो मंदाकिनी की सफाई के लिए तीस लाख और उसके बाद छह करोड़ बीस लाख मंदाकिनी की सफाई के साथ ही चित्रकूट के विकास के लिए देकर काम की शुरुआत कर दी गयी। जिलाधिकारी सतना ने इस काम की शुरुआत को चित्रकूट महायोजना नाम देते हुए स्थानीय समाजसेवियों के साथ बड़ी बैठक भी कर डाली। उधर इतना सब होने के बाद और लगभग आधा दर्जन ज्ञापन लेने के बाद उत्तर प्रदेश शासन की आंखे नहीं खुलीं।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-7806868414546000027?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/7806868414546000027/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_4425.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/7806868414546000027'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/7806868414546000027'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_4425.html' title='मप्र सरकार ने शुरू करायी मंदाकिनी की सफाई'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-8695582928480727212</id><published>2009-06-06T23:17:00.000-07:00</published><updated>2009-06-06T23:20:06.343-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='हिम प्रलय'/><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='अंतरिक्ष'/><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='भूस्खलन'/><title type='text'>मंदाकिनी बचाने को लगायें पौधे</title><content type='html'>Jun 07, 02:29 am&lt;br /&gt;चित्रकूट। 'वन धरा के आभूषण करते दूर प्रदूषण' के नारे के साथ जब गायत्री शक्ति पीठ में हुई संगोष्ठी में लोग जुटे तो पर्यावरण को बचाने के साथ ही मंदाकिनी को बचाने के लिए चर्चा हुई। समाजसेवियों व पर्यावरणविदों की एक राय बनी कि मंदाकिनी के किनारों पर पौधे लगाने और पेड़ों को कटने से बचाने से ही वातावरण शुद्ध होगा और मंदाकिनी भी अपने स्वरुप को प्राप्त कर लेगी।&lt;br /&gt;शांति कुंज हरिद्वार से आये जोन समन्वयक महाकाल श्रीवास्तव ने कहा कि ग्लोबल वार्मिग का खतरा वनों के विनाश के कारण सामने आ रहा है। हमने अपने निजी स्वार्थो के कारण वैश्विक कल्याण को भूलते हुए नदियों व वनों पर अतिक्रमण करके उन्हें नष्ट करने का काम किया है। दीनदयाल शोध संस्थान के प्रधान सचिव डा. भरत पाठक ने कहा कि पर्यावरण के प्रति जन जागरुकता लाने के लिए व्यक्ति, परिवार और समाज को तैयार करना पड़ेगा। जन जागरण करने का काम गायत्री परिवार अच्छे तरीके से कर रहा है। जल, जंगल,जमीन और जानवर को संरक्षण और संर्वधन के लिए भारतीय संस्कृति के पुराने मापदंडों को फिर से स्थापित करना होगा। परिवार के हर एक व्यक्ति को अपने जन्म दिन पर एक पौधा लगाकर उसका भावनात्मक संरक्षण करना चाहिये। गायत्री शक्तिपीठ के व्यवस्थापक डा. राम नारायण त्रिपाठी ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण प्राणी जगत का अस्तित्व संकट में हैं। भारत में पाये जाने 50 करोड़ जीवों में 5 करोड़ समाप्त होने के कगार पर हैं। झीलों का अस्तित्व समाप्ति की ओर है। मौसम में परिवर्तन से अनेक घातक बीमारियां, भूस्खलन, हिम प्रलय, अंतरिक्ष शोधों में रुकावट के खतरे बढ़ रहे हैं। ग्रामोदय की पर्यावरणविद् डा. साधना चौरसिया, नीलांशु चतुर्वेदी, पीयूष सोलंकी, मनोज त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-8695582928480727212?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/8695582928480727212/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_5966.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/8695582928480727212'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/8695582928480727212'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_5966.html' title='मंदाकिनी बचाने को लगायें पौधे'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-7882846076462596437</id><published>2009-06-06T00:15:00.000-07:00</published><updated>2009-06-06T00:17:21.597-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='काफी नहीं है।'/><title type='text'>मंदाकिनी को भूल गये समाजसेवी</title><content type='html'>06, 02:22 am&lt;br /&gt;चित्रकूट। विश्व पर्यावरण दिवस यानी एक बार फिर पर्यावरण को बचाने का संकल्प वो भी विश्व स्तर पर पर यहां पर रैली और बैठक करने के बाद किसी को भी मंदाकिनी की याद नहीं आयी।&lt;br /&gt;कल तक मंदाकिनी को बचाने के लिए अगुवा बने लोग अब धीमे-धीमे कन्नी काटने की फिराक में है। अपनी जिम्मेदारी को सिर्फ समाज के दर्पणों में नाम और चित्रों के सहारे प्रदर्शित कर समाज का अगुवा होने का दंभ रखने वाले अब खुद मंदाकिनी की चर्चा से परहेज कर रहे हैं। पर्यावरण को सुव्यवस्थित रुप से चलाने की जिम्मेदारी में सर्वप्रथम जल का ही नाम आता है। जल के बिना जीवन की कल्पना बेमानी है। फिर मंदाकिनी तो इस जिले की ऐसी नदी है जो न सिर्फ सतना और चित्रकूट जिलों के लोगों को पीने का पानी मुहैया करा रही है बल्कि इसके पानी से सिंचाई भी हो रही है। विश्व पर्यावरण दिवस की गोष्ठी पर पर्यावरण को सुचारु रूप से चलाये जाने के लिए सिर्फ वृक्षों को बचाने के उपायों पर चर्चा के साथ ही रैली निकाल कर पेड़ लगाने के लिये प्रेरित करना ही काफी नहीं है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-7882846076462596437?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/7882846076462596437/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_5256.html#comment-form' title='1 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/7882846076462596437'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/7882846076462596437'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_5256.html' title='मंदाकिनी को भूल गये समाजसेवी'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' 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अधिकारियों से खासे नाराज है। लोग एक स्वर में कहते हैं कि नदी में गंदगी का साम्राज्य तो उत्तर प्रदेश वाले भाग में ज्यादा है, यहीं पर पूरे शहर का सीवर लाकर नदी में गिराया जा रहा है। सरयू और पयस्वनी को यहां पर अतिक्रमणकारियों ने लील लिया है। दी की हालत तो एक नाले जैसी मुख्य रूप से यहां पर बना दी गई है। रामघाट से लेकर कर्वी के आगे तक गंदगी ही गंदगी दिखाई देती है। बन्धोइन में बने डायवर्जन ने तो गंदगी को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। कई जगहों पर तो नदी की हालत कुछ ऐसी हो गई है कि छोटे बच्च्े पूरी नदी घुटनों के नीचे के पानी से होकर पार कर लेते हैं। एक बड़े मास्टर प्लान की आवश्यकता यहां पर है। बुजुर्ग समाजसेवी बल्देव प्रसाद अग्रवाल व भारतीय साहित्यिक संस्थान के बीबी सिंह कहते हैं कि जैसे मध्य प्रदेश सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेकर सम्पूर्ण चित्रकूट परिक्षेत्र का कायाकल्प कराने का निश्चय कर समाजसेवियों के साथ बैठकर महायोजना पर विचार विमर्श किया है व उनके पास शासन से पैसा भी आ चुका है। मध्य प्रदेश सतना के कलेक्टर ने नदी में साबुन लगाने वाले व मूर्तियां विसर्जित करने वालों के साथ कड़ाई करने का हुक्म दे दिया है। वैसे ही राम घाट के साथ ही अन्य घाटों पर यहां के प्रशासन को भी करना चाहिये। क्योंकि नदी में प्रदूषण फैलाने की भूमिका तो उत्तर प्रदेश में निभाई जा रही है। उन्होंने कहा कि वैसे तो उत्तर प्रदेश के एरिया में दीवार पर नदी में साबुन लगाने पर सौ रुपया जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है पर आज तक किसी का भी चालान नही काटा गया है। उन्होंने कहा कि इस नियम का पालन कराने के साथ ही अगर नाले व सीवर बंद करा दिये जायें तो समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-9200907767428219453?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/9200907767428219453/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_06.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/9200907767428219453'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/9200907767428219453'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_06.html' title='नहीं तो खतम हो जायेगी मंदाकिनी'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-753487587831928743</id><published>2009-06-04T21:29:00.000-07:00</published><updated>2009-06-04T21:32:16.421-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='मां मंदाकिनी का पूजन अर्चन'/><title type='text'>गंगा दशहरा आज,भक्त 108 नावों में बैठ करेंगे अखंड कीर्तन</title><content type='html'>Jun 02, 02:27 am&lt;br /&gt;चित्रकूट। गंगा दशहरा, मां गायत्री जयंती व पंडित श्रीराम आचार्य के निर्वाण दिवस के एक साथ पड़ने के संयोग पर मंदाकिनी तट में मंगलवार को विभिन्न कार्यक्रम होंगे। मंदाकिनी शुद्धि अभियान पर भी विस्तृत चर्चा होगी। निर्मोही अखाड़ा से रामघाट तक सुबह 108 गांवों की कीर्तन मंडलियों द्वारा कीर्तन करते हुये छोटी परिक्रमा की जायेगी।&lt;br /&gt;गंगा दशहरा व मां गायत्री जयंती का आध्यात्मिक महत्व बताते हुये गायत्री शक्ति पीठ के व्यवस्थापक पं. रामनारायण त्रिपाठी ने कहा कि गंगा दशहरा के ही दिन ही मां गायत्री का अवतरण हुआ था। इसी दिन भागीरथी के दस वर्षो की तपस्या के फलस्वरूप पवित्र पाविनी गंगा का अवतरण हुआ। इसी दिन गायत्री सिद्ध साधक पं. श्रीराम शर्मा का महाप्रयाण हुआ था। बताया कि मंगलवार को सुबह मंदाकिनी तट पर पूजा पाठ के बाद गायत्री शक्तिपीठ में मंदाकिनी शुद्धि अभियान सहित कई संदर्भो में चर्चा होगी। उधर, निर्मोही अखाड़े के महंत ओंकारदास ने बताया कि गंगा दशहरा महोत्सव पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जायेगा। इसमें 100 सुसज्जित नौकाओं में 108 गांवों के भक्तगण श्रीराम नाम संकीर्तन गाते हुये नौका विहार करेंगे। इसके बाद विद्वानों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण कर मां मंदाकिनी का पूजन अर्चन किया जायेगा। इस कार्यक्रम में महंत दिव्यजीवन दास, राम दुलारे दास, रामजी दास, रामरतन दास, अनूप दास, रामहृदय दास, राममनोहर दास साहब बाबा सहित कई मठों के संत महंत सम्मिलित होंगे।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-753487587831928743?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/753487587831928743/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/108.html#comment-form' title='8 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/753487587831928743'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/753487587831928743'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/108.html' title='गंगा दशहरा आज,भक्त 108 नावों में बैठ करेंगे अखंड कीर्तन'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>8</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-3659784811029628309</id><published>2009-06-04T21:23:00.000-07:00</published><updated>2009-06-04T21:29:26.418-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='मंदाकिनी का जल प्रदूषित करने'/><title type='text'>मंदाकिनी बचाने को ज्ञापन सौंपा</title><content type='html'>मंदाकिनी बचाओ आंदोलन में ब्राह्मण सेवा दल की ओर से विभिन्न संगठनों द्वारा तहसीलदार को दिये गये ज्ञापन में लिखा है कि 1 से 29 मई तक कई संस्थाओं के सहयोग से निकाली गई पदयात्रा समाप्त हो गई है परंतु इसके बाद प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी बढ़ गई है। ब्राह्मण सेवा दल के अध्यक्ष कमलेश दीक्षित ने कहा कि इस पौराणिक नदी को बचाने के लिये नदी तटों का सीमांकन करने के साथ ही अतिक्रमण हटाया जाये। नदी किनारे अधिकाधिक वृक्ष लगाये जायें। मंदिर, मठों व होटल बस्तियों का गंदा जल नदी में जाने से रोका जाय। मुख्यालय स्थित पुल घाट व सुंदरघाट पर फेंके जाने वाले लावारिस शवों को फेंकना बंद कराया जाय और विद्युत शवदाह गृह बनाया जाये। देशी शराब बनाने वाले को मंदाकिनी में गंदा कचरा फेंकने से रोकने के साथ ही मंदाकिनी का जल प्रदूषित करने वालों पर तत्काल जुर्माना लगाया जाये। ज्ञापन सौंपने वालों में अर्चना मिश्रा, अरुण गुप्त व उमा चतुर्वेदी सहित तमाम लोग मौजूद थे।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-3659784811029628309?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/3659784811029628309/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_6264.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/3659784811029628309'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/3659784811029628309'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_6264.html' title='मंदाकिनी बचाने को ज्ञापन सौंपा'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-3672568235772920425</id><published>2009-06-04T21:21:00.000-07:00</published><updated>2009-06-04T21:22:56.302-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='साधना चौरसिया'/><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='पर्यावरण विद ग्रामोदय'/><title type='text'>मंदाकिनी के कायाकल्प को जागा मप्र प्रशासन</title><content type='html'>Jun 05, 02:09 am&lt;br /&gt;चित्रकूट। अखबारों में मंदाकिनी की दुर्दशा पढ़ने के बाद मध्य प्रदेश का प्रशासन जाग गया। मंदाकिनी ही नहीं सम्पूर्ण चित्रकूट क्षेत्र का ही कायाकल्प करने की मंशा से काम करने की यथार्थ शुरुआत करने के निश्चय के साथ कार्यावधि की घोषणा कर डाली।&lt;br /&gt;मंदाकिनी शुद्धि आंदोलन के अगुवा दीन दयाल शोध संस्थान के प्रधान सचिव डा. भरत पाठक व गायत्री शक्ति पीठ के व्यवस्थापक डा. राम नारायण त्रिपाठी के संयुक्त प्रयासों के चलते जिलाधिकारी सतना सुखबीर सिंह ने सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट के सभागार में परिक्षेत्र के गणमान्यों के साथ बैठक कर चित्रकूट विकास की महायोजना को लेकर एक दिन की वैचारिक कार्यशाला कर डाली। डीएम ने कहा कि मास्टर प्लान यहीं पर बैठकर बनाया जायेगा। डा. भरत पाठक ने कहा कि सबसे पहला काम मंदाकिनी के प्रदूषण को हटाने का है। प्रदूषण को हटाने के साथ ही यहां के विकास का मास्टर प्लान भी अच्छी बात है। उन्होंने इस नेक काम में सभी का सहयोग लेने की बात कही। डा. बीके जैन ने कहा कि साधू संतो व समाजसेवियों व पत्रकारों की एक मानीटरिंग कमेटी बननी चाहिये। जिससे वे समय- समय पर सुझाव देते रहें। इस काम में समाज को जागृत रखना भी अति आवश्यक है। उन्होंने गायत्री परिवार की भी इस काम के लिये प्रशंसा की। प्राकृतिक श्रोतों के संरक्षण के साथ प्राकृतिक सौंदर्य में वृद्धि के लिये भी प्रयास करने के सुझाव उन्होंने रखे। डा. राम नारायण त्रिपाठी ने चित्रकूट को पालीथिन मुक्त क्षेत्र घोषित करने,मंदाकिनी में मूर्तियों के विसर्जन पर प्रतिबंध लगाये जाने की बात कही। उन्होंने छोटे-छोटे पार्को को विकसित करने के साथ ही घाटों को बनाये जाते समय प्राकृतिक श्रोतों को बनाये रखने के अलावा अति आवश्यक होने पर ही घाटों के निर्माण की बात कही। क्षेत्र की नैसर्गिक सुन्दरता बढ़ाने के लिये सड़क के दोनो ओर फूल व लताओं वाले पौधों के रोपण करवाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कामों में जन सहभाग का होना आवश्यक है। पिछले दिनों ब्राह्मण सेवा दल व गायत्री परिवार ने क्षेत्र के प्रमुख समाजसेवियों व आम लोगों के साथ मिलकर मंदाकिनी शुद्धि अभियान के पहले चरण में अनुसुइया से लेकर राजापुर तक पदयात्रा निकाली थी। आगे भी गायत्री परिवार इस तरह के आयोजनों का भार उठाता रहेगा। डिजायर ग्रुप के नीलांशु चतुर्वेदी ने मूर्तियों के विसर्जन के लिये भूमि समाधि देने, गुप्त गोदावरी व हनुमान धारा में पंडा गिरी बंद कराने की बात कही। पं. श्याम मोहन शर्मा ने गुप्त गोदावरी पार्क, अनुसुइया आश्रम में रिर्टनिंग वाल बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि औषधियों वाले पेउ़ लगाने से रोजगार के अवसरों के साथ आरोग्यता भी बढ़ेगी। डीएफओ ने गुप्त गोदावरी के साथ ही मंदाकिनी में कपड़े धोने में प्रतिबंध लगाने के साथ ही पूरे क्षेत्र को इको फ्रेन्डली टूरिस्ट स्पाट के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया। उन्होंने इस वर्ष आठ हजार पौधे लगाने की बात कही। इन सब विचारों को सुनकर कलेक्टर सतना सुखवीर सिंह ने मूर्तियों पर विसर्जन व पालीथिन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की कार्यवाही के आदेश तो तुरन्त कर दिये। इसके साथ ही मंदाकिनी का सीमांकन कराने, तटों में वृक्षारोपण, अतिक्रमण को चिहिंत करके हटाने, सुलभ शौचालयों की पर्याप्त व्यवस्था किये जाने, परिक्रमा मार्ग में शेड निर्माण, पीने के पानी की उचित व्यवस्था, बस स्टैंड़ों का निर्माण, सरयू तालाब का सुन्दरीकरण, रैन बसेरा व ब्रह्मकुं ड का सुन्दरीकरण को मास्टर प्लान में शामिल करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा चित्रकूट के लिये 6.20 करोड़ की लागत से सीवरेज प्लांट बनाये जाने की स्वीकृति प्राप्त हो गयी है। इस योजना पर शीघ्र ही काम शुरू करा दिया जायेगा। इससे मंदाकिनी में जाने वाला गंदा पानी नहीं जा सकेगा। उन्होंने मंदाकिनी के प्रदूषण के साथ ही चित्रकूट के समन्वित विकास के लिये सभी से सहयोग की भी अपील की। पुलिस अधीक्षक केडी पाराशर ने कहा कि मंदाकिनी के किनारे शराब की भट्टियों को रोका जाना अति आवश्यक है। ये सभी उप्र की सीमा पर हैं। इसके लिये उत्तर प्रदेश पुलिस से बात करने की बात कही। उन्होंने नदी में साबुन लगाकर नहाने वालों व कपड़ा धोने वालों के खिलाफ कार्यवाही करने के आदेश टीआई को दिये। इस दौरान शहरी विकास योजना कमिश्नर अभय मिश्र, नगर पंचायत अध्यक्ष अशोक साहू, मुख्य नगर पंचायत अधिकारी, चौबे तेज भान सिंह, एडीएम सतना, डा. जेपी दुबे, पर्यावरण विद ग्रामोदय, साधना चौरसिया, सहित क्षेत्र के तमाम गणमान्य मौजूद रहे।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-3672568235772920425?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/3672568235772920425/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_04.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/3672568235772920425'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/3672568235772920425'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post_04.html' title='मंदाकिनी के कायाकल्प को जागा मप्र प्रशासन'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-4100586096603630394</id><published>2009-06-04T05:39:00.000-07:00</published><updated>2009-06-04T05:44:21.504-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='विश्व हिंदू परिषद के'/><title type='text'>मंदाकिनी का प्रदूषण खत्म करने का लिया संकल्प</title><content type='html'>Jun 04, 02:50 am&lt;br /&gt;चित्रकूट। मां गायत्री जयंती के मौके पर यहां एकत्र हुए साधकों ने मंदाकिनी प्रदूषण को मिटाने का संकल्प लिया।&lt;br /&gt;गायत्री शक्तिपीठ मंदिर में आयोजित विचार गोष्ठी में सभी ने मां गायत्री व पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित किये। इसके बाद गायत्री परिवार के रामनारायण त्रिपाठी ने कहा कि चित्रकूट की अस्मिता बनी मंदाकिनी नदी के संरक्षण का सबको संकल्प लेना चाहिये। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार देशभर में जल शुद्धि व आपदा प्रबंधन पर कार्य कर रहा है। दीनदयाल शोध संस्थान के प्रधान सचिव भरत पाठक ने कहा कि मंदाकिनी शुद्धि आंदोलन में अभी आंशिक सफलता मिली है। अब हर व्यक्ति शासन की सहायता का इंतजार किये बगैर स्वयं सेवा करके नदी की सफाई करने का प्रयास करें तो प्रदूषण की समस्या का अंत हो जायेगा। समाजसेवी राजा हेमराज सिंह चौबे ने कहा कि क्षेत्रवासियों को मातृभूमि का ऋण चुकाने के लिये मंदाकिनी शुद्धि अभियान से जुड़कर काम करने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि सभी मठ मंदिरों से निकलने वाले गंदे पानी को नदी में जाने से रोकने के लिए वे हरसंभव प्रयास करेंगे। सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट से आये अवध शरण पांडेय ने भी मंदाकिनी शुद्धिकरण अभियान में सहयोग देने की बात कही। विश्व हिंदू परिषद के जिला प्रमुख मुन्ना सिंह ने कहा कि मंदाकिनी शुद्धिकरण के लिये अपील व संघर्ष दोनों करना पड़ेगा। समाज सेवी आलोक द्विवेदी ने कहा कि नदी किनारे रहने वाले लोगों की जागरूकता पर ही इसकी सफलता निहित है। इसमें सबके सहयोग की जरूरत है। गोष्ठी में भवानीदीन मिश्र, युवा व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष पंकज अग्रवाल, आर ए अग्रवाल, राजेंद्र श्रीवास्तव, के के त्रिपाठी, आर एस सिंह व सच्चिदानंद उपाध्याय ने भी अपने विचार रखे।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-4100586096603630394?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/4100586096603630394/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/4100586096603630394'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/4100586096603630394'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/06/blog-post.html' title='मंदाकिनी का प्रदूषण खत्म करने का लिया संकल्प'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-183114049400165137</id><published>2009-05-29T04:32:00.000-07:00</published><updated>2009-05-29T04:34:22.791-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='तुलसी तीर्थ पहुंचकर'/><title type='text'>मंदाकिनी शुद्धि अभियान का पहला चरण हुआ पूरा</title><content type='html'>May 29, 01:55 am&lt;br /&gt;चित्रकूट। मंदाकिनी शुद्धि आंदोलन का पहला चरण लगभग 90 किमी की पदयात्रा पूरी कर गुरुवार को गोहड़ा घाट राजापुर में पूरा हो गया। पदयात्रियों के चेहरों पर जहां एक तरफ पदयात्रा को पूरी करने की खुशी थी वहीं मंदाकिनी की हालत देखकर उनका मन द्रवित भी था। पदयात्रा पूरी करने के बाद मंदाकिनी मैया की जय का जोरदार नारा लगाकर आठ दिनों से तक चलने वाली यात्रा को विराम दे दिया गया।&lt;br /&gt;वैसे गुरुवार की सुबह सरधुवा गांव से अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ने वाली इस पदयात्रा को गांव के रणजीत सिंह ने तिलक और चंदन लगाकर विदा किया। इसके पूर्व गायत्री शक्ति पीठ के डा. राम नारायण त्रिपाठी, ब्राह्मण सेवादल के अजय रिछारिया व हाजी इब्राहीम ने पदयात्रियों को अपने अंतिम पड़ाव तक पहुंचने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि रुग्ण हो चुकी मंदाकिनी अपने पुराने वैभव को जरूर प्राप्त करेगी। पदयात्रियों के साथ गांव के और भी लोग शामिल हो गये। मंदाकिनी के पुल के नीचे से यात्रा की शुरुआत होते समय ब्राह्मण सेवा दल के कमलेश दीक्षित, गायत्री परिवार के सच्चिदानंद उपाध्याय, ग्रामोदय विवि के छात्र आयुष्मान त्रिपाठी, डा. नरेश मिश्र, सूर्य पाल यादव, गोपाल अग्रवाल, रज्जन यादव, अजीत चौरसिया, वेद प्रकाश पांडेय आदि लोग मंदाकिनी के अंतिम पड़ाव यमुना में विलीन हो जाने वाले स्थान मोहढ़ा घाट के लिए रवाना हो गये। सरधुवा में जहां पदयात्रियों ने नदी में तैरती लाश देखी वहीं आगे के रास्ते पर जलीय पौधों को नदी में बेतरतीब बढ़ते हुए देखा। अर्की, कुसैनी, कनकोटा के बाद मोहढ़ा घाट पहुंचने पर पदयात्रियों के चेहरों के भाव देखते ही बन रहे थे। यहां पर उनके स्वागत के लिए राजापुर नगर के प्रतिष्ठित डा. कंचन सिंह व प्रमुख व्यवसायी सुभाष अग्रवाल व अन्य लोग पहुंचे। यात्रा पूरी होने के बाद सभी पदयात्रियों ने तुलसी तीर्थ पहुंचकर हनुमान मंदिर के साथ ही तुलसीदास द्वारा लिखित राम चरित मानस के दर्शन किये।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-183114049400165137?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/183114049400165137/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/05/blog-post_2650.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/183114049400165137'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/183114049400165137'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/05/blog-post_2650.html' title='मंदाकिनी शुद्धि अभियान का पहला चरण हुआ पूरा'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-6116166112789647461</id><published>2009-05-29T04:26:00.000-07:00</published><updated>2009-05-29T04:32:33.298-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='गंदगी डालने वालों'/><title type='text'>मोक्षदायिनी शुरू से अंत तक बदहाल</title><content type='html'>May 29, 01:55 am&lt;br /&gt;चित्रकूट। क्या गांव क्या शहर और क्या जंगल। लोगों की प्यास बुझाने वाली मंदाकिनी का हाल न तो अपने जन्मस्थान में सही है और न ही यमुना में विलीन हो जाने के स्थान पर। जहां पर भी नजर जाती है वहीं मंदाकिनी की दुर्दशा दिखायी पड़ती है।&lt;br /&gt;मंदाकिनी में गंदगी डालने में यहां के लोगों के अलावा सरकारी विभाग भी कतई पीछे नहीं है। साबुन लगाकर नहाने पर भले ही सौ रुपये का जुर्माना लगाने का बोर्ड जगह-जगह नगर पालिका परिषद ने पेंट करा दिया हो पर आज तक साबुन लगाने पर नहाना क्या कपड़े धोये जाना कोई रोक नही सका। मजे की बात यह है कि आज तक इस इबारत का पालन किसी ने किया ही नही। इस तरह का बोर्ड तो लोगों को सरकार द्वारा लगाये गये अपनी योजनाओं के प्रचार प्रसार का एक और माध्यम नजर आता है। पुलिस द्वारा नदी में बिना शिनाख्त की लाशों के डालने का क्रम लगातार जारी है तो सूरजकुंड में भी दूसरे प्रदेशों से मुर्दे डाले जाते हैं। मंदाकिनी शुद्धि आंदोलन के तहत यात्रा पूरी करने वाले ब्राह्मण सेवा दल के कमलेश दीक्षित, गायत्री परिवार के सच्चिदानंद उपाध्याय व ग्रामोदय विश्वविद्यालय के आयुष्मान त्रिपाठी तो साफ तौर पर कहते हैं कि नदी के प्रति उदासीनता जहां एक तरफ सरकार को भारी पड़ सकती है वहीं आम आदमी अगर न जागा तो उसे भविष्य में पानी के लिए यहां से पलायन करना पड़ सकता है। मंदाकिनी से मिलने वाली सरयू और पयस्वनी को तो गंदगी डालने वालों ने विलीन ही कर दिया।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-6116166112789647461?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/6116166112789647461/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/05/blog-post_29.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/6116166112789647461'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/6116166112789647461'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/05/blog-post_29.html' title='मोक्षदायिनी शुरू से अंत तक बदहाल'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-7263238508650839390</id><published>2009-05-26T21:56:00.000-07:00</published><updated>2009-05-26T21:58:38.721-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='मंगल गीत गा'/><title type='text'>गाजे-बाजे के साथ चल पड़े देवल गांव के लोग</title><content type='html'>May 27, 02:08 am&lt;br /&gt;चित्रकूट। मंदाकिनी शुद्धि आंदोलन का छठवां दिन जोरदार रहा। देवल गांव के लोगों का उत्साह अपने चरम पर दिखा। उन्होंने यात्रा का स्वागत गाजे-बाजे और पुष्पवर्षा के साथ किया।&lt;br /&gt;पदयात्रा की शुरुआत देवल से हुई यहां से लगभग 40 ग्रामीण स्फटिक शिला से यात्रा करने वाले पदयात्रियों के साथ हो लिये। अनुसुइया आश्रम में पूजन के बाद स्वामी रामभद्राचार्य का आशीर्वाद लेकर आगे बढ़े ब्राह्मण सेवा दल के कमलेश दीक्षित के साथ ग्रामोदय के आयुष्मान मिश्र व देवल के वयोवृद्ध बलवंत राम ने टीका चंदन लगाकर यात्रा को रवाना किया। मंदाकिनी को बचाने और आम आदमी को जगाने के लिए बैंडबाजों के साथ पदयात्रियों के साथ एक बड़ी सभा हुई। कमलेश दीक्षित ने गांव वालों को बताया कि लगभग डेढ़ सौ गांवों की लाइफ लाइन आज अपने ही पैत्रक निवास में बदहाल है। अनुसुइया आश्रम से लेकर सीतापुर और फिर कर्वी के बाद बंधोइन तक कोई भी नदी में प्रदूषण को लेकर संजीदा नहीं है। किसी को भी यह होश नही है कि अगर नदी विलुप्त हो गयी तो फिर यहां पर रहने वाले मानवों का जीवन कैसे चलेगा। गांव के लोगों ने इस बात को सुनकर हाथ उठाकर शपथ ग्रहण करवाई कि वे न तो नदी में प्रदूषण करेंगे और न ही दूसरे को करने देंगे। पतंजलि योग समिति के जिलाध्यक्ष अरविंद शिवहरे ने कहा कि मंदाकिनी में हमारे प्राण बसते हैं और सरकारी कर्मी व हमारे अपने इस पावन मंदाकिनी में कचरा डाल रहे हैं। इसके बाद बैंड बाजों के साथ मंदाकिनी मैया की जय और हर-हर गंगे के नारों के साथ यात्रा रवाना हुई। यात्रा देवल से चलकर चौरा, कलवारा, रामपुर, कल्याणपुर के बाद भानपुर, खेरिया, बरेठी होते हुये औदहा पहुंची। रास्ते के सभी गांव वालों ने यात्रा का स्वागत अपने ही अंदाज में किया। कहीं महिलाएं मंगल गीत गा रही थीं तो कहीं पर पुष्प वर्षा की गयी। छठवें दिन की यात्रा का पड़ाव औदहा के डा. श्रवण त्रिपाठी के यहां रहा।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-7263238508650839390?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/7263238508650839390/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/05/blog-post_26.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/7263238508650839390'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/7263238508650839390'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/05/blog-post_26.html' title='गाजे-बाजे के साथ चल पड़े देवल गांव के लोग'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-2880330658362567398</id><published>2009-05-25T22:39:00.000-07:00</published><updated>2009-05-25T22:41:33.476-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='जिसकी वजह से जल श्रोता अपने पूर्ववत रूप में'/><title type='text'>..तो आगे जाकर नही है उतनी गंदी मां मंदाकिनी</title><content type='html'>May 26, 02:22 am&lt;br /&gt;चित्रकूट। मंदाकिनी शुद्धि आंदोलन के पहले चरण में निकाली जाने वाली यात्रा का पांचवा दिन काफी रोचक रहा। आशंकाओं ने इतर पदयात्रियों को हर एक जगह पर पावन मंदाकिनी की धार दिखाई दी। इसके साथ ही ग्रामीणों का उत्साह देखकर पदयात्रियों के सीने भी चौड़े हो गये।&lt;br /&gt;पदयात्रा का गुरुतर भार उठाने वाले ब्राह्मण सेवा दल के कमलेश दीक्षित व गायत्री शक्ति पीठ के व्यवस्थापक डा. राम नारायण त्रिपाठी व सच्चिदानंद उपाध्याय ने बताया कि यात्रा अपने उद्देश्यों पर सफल हो रही है। शहर से ज्यादा गांव के लोग मां मंदाकिनी को लेकर संजीदा है। बताया कि पहले उन्हें जानकारी मिली थी कि परसौंजा के आगे कई जगहों पर नदी का धार टूटी हुई है पर ऐसा बिलकुल ही नही मिला। नदी हर जगह अपने यौवन में अठखेलियां करती और लोगों की प्यास बुझाती मिली। सोमवार की यात्रा परसौंजा से सुबह प्रारंभ हुई। रविवार को यहां पहुंचने पर गांव के राम आसरे पटेल व राजेन्द्र सिंह पटेल के साथ ही तमाम और भी ग्रामीणों ने यात्रा का स्वागत-सत्कार पूर्ण हिंदू रीति-रिवाजों के हिसाब से किया गया। पदयात्रियों का स्वागत फूल बरसा कर किया गया। इस सम्मान से आह्लादित कमलेश दीक्षित ने कहा कि इस तरह का स्वागत मां मंदाकिनी के प्रदूषण की लड़ाई में आत्मविश्वास को बढ़ाने में सहायक होता है। कहा कि गांव वालों का समर्थन इसी प्रकार मिलता रहा तो वह दिन दूर नही जब मां मंदाकिनी अपने पुराने वैभव के साथ सभी को अपनी ममता देगी।&lt;br /&gt;यात्रा को प्रात: परसौंजा से मंगलगीतों के साथ ग्रामीणों ने रवाना किया। यहां से यात्रा बरवारा, रमयापुर, पटिया, कहेटा, खैरी होते हुये देवल चौरा पहुंची।&lt;br /&gt;पदयात्री कमलेश दीक्षित ने बताया कि परसौंजा से लेकर आगे की तरफ नदी का हाल काफी हद तक सही है। कुछ गंदगी पानी में लगी काई 'जलीय वनस्पति' के कारण है। इसका मुख्य कारण नदी में सीमेंटेड घाटों का न बनाना है। जिसकी वजह से जल श्रोता अपने पूर्ववत रूप में हैं। उनका हौसला बढ़ाने के लिये सोमवार को बराती लाल पांडेय भी पहुंचे।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-2880330658362567398?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/2880330658362567398/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/05/blog-post_6374.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/2880330658362567398'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/2880330658362567398'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/05/blog-post_6374.html' title='..तो आगे जाकर नही है उतनी गंदी मां मंदाकिनी'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-1430720768082352297</id><published>2009-05-25T22:37:00.000-07:00</published><updated>2009-05-25T22:39:46.207-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='मंदाकिनी बचकर अपने पुराने वैभव'/><title type='text'>मंदाकिनी बचाने को आगे आयें संत</title><content type='html'>May 26, 02:22 am&lt;br /&gt;चित्रकूट। जल के बिना जीवन की परिकल्पना व्यर्थ है पर यहां पर जल का सबसे बड़ा श्रोत मंदाकिनी ही बदहाल है। पयस्वनी और सरजू तो साथ छोड़कर गायब हो गयीं अब बारी मंदाकिनी की बतायी जा रही है। जिस प्रकार से मंदाकिनी के जल का दोहन कहीं बांध बनाकर तो कहीं पर धारा मोड़ने के साथ पक्के घाट बनाकर किया जा रहा है। विशेषज्ञ कहते हैं कि गंदगी के साथ नदी में घाटों का बनना व पेड़ों का कटना इसी प्रकार जारी रहा तो आने वाली पीढ़ी के लिए मंदाकिनी सिर्फ किताबों में पढ़ने वाली बात ही रह जायेगी।&lt;br /&gt;समाजसेवी हेमराज सिंह चौबे कहते हैं कि वर्षो से वे नदी की चिंता कर बार-बार साफ कराने का प्रयत्न करते हैं। लोगों को जन-जागरण के माध्यम से इस कार्य में जोड़ने का प्रयास भी करते हैं पर अभी काफी कुछ करना बाकी है। नदी को पुनर्जीवित करने के लिए कई संगठनों के सामने आने पर काफी प्रसन्न व उत्साहित हैं पर नदी के संघर्ष के लिए आंदोलन को अभी और तेज किये जाने पर बल देते हैं। इन सब बातों से अलग काफी लम्बे समय से समाज के विभिन्न पहलुओं और बदलाव का अध्ययन करने वाले डा. सिद्धार्थ खरे कहते हैं कि विदेशों में जल श्रोतों को लोग देवता की तरह पूजते और सफाई के प्रति सचेत रहते हैं, पर यहां मंदाकिनी जैसी पौराणिक महत्व वाली नदी को इतना गंदा कर रहे हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इसकी सफाई की जिम्मेदारी रखने का काम सबसे ज्यादा संतो और महन्तों की है। क्योंकि वे जितना समय और शक्ति भक्त बनाने और मंदिर मठों को बनाने में लगाते हैं और उसकी आधी ऊर्जा भी नदी को साफ करने में लगा दे तो मंदाकिनी कभी गंदी रह ही नही सकती। साथ ही वे समाज की धारा को विचारों के माध्यम से मोड़ने का भी काम करते है उन्हें लगातार अपने विचारों से मंदाकिनी के लिये धर्मयुद्ध छेड़ना चाहिए। तभी मंदाकिनी बचकर अपने पुराने वैभव को प्राप्त कर पायेगी।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-1430720768082352297?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/1430720768082352297/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/05/blog-post_9754.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/1430720768082352297'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/1430720768082352297'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/05/blog-post_9754.html' title='मंदाकिनी बचाने को आगे आयें संत'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' 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के आगे कई जगहों पर नदी का धार टूटी हुई है पर ऐसा बिलकुल ही नहीं मिला। सोमवार की यात्रा परसौंजा से सुबह प्रारंभ हुई। रविवार को यहां पहुंचने पर ग्रामीणों ने यात्रा का स्वागत हिंदू रीति-रिवाजों से किया गया। पदयात्रियों पर फूल भी बरसाये गये। कमलेश दीक्षित ने कहा कि इस तरह का स्वागत मंदाकिनी के प्रदूषण की लड़ाई में आत्मविश्वास को बढ़ाने में सहायक होता है। गांव वालों का समर्थन इसी प्रकार मिलता रहा तो वह दिन दूर नही जब मंदाकिनी अपने पुराने वैभव के साथ सभी को अपनी ममता देगी। बताया कि परसौंजा से लेकर आगे की तरफ नदी का हाल काफी हद तक सही है। कुछ गंदगी पानी में लगी काई 'जलीय वनस्पति' के कारण है। यात्रा को प्रात: परसौंजा से मंगलगीतों के साथ ग्रामीणों ने रवाना किया। यहां से यात्रा बरवारा, रमयापुर, पटिया, कहेटा, खैरी होते हुए देवल चौरा पहुंची।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-4271587513652535349?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/4271587513652535349/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/05/blog-post_25.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/4271587513652535349'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/4271587513652535349'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/05/blog-post_25.html' title='ग्रामीणों का उत्साह देखकर पदयात्रियों को मिली ऊर्जा'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' 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मंदाकिनी तट पर थे ही नही और आधे वे थे जो मंदाकिनी के तटों पर ही बसे हुये हैं। जिन आधे लोगों ने वादा किया था वे अपने आश्रमों और भक्तों चढ़ावे से मुक्ति न पा सके और आधे मंदाकिनी में अपने यहां का प्रदूषण फैलाने का काम जारी किये रहे। वैसे सबसे बड़ा तो प्रदूषण का कारक एक अस्पताल रहा जिसके गंदे कपड़े पिछले बीस सालों से मंदाकिनी के प्रमोदवन घाट पर लगातार आज भी धोये जाते रहे हैं। इनके यहां से निकलने वाला नाला भी मंदाकिनी को सीधे तौर पर प्रदूषित करता आ रहा है।&lt;br /&gt;उधर इन सब बातों से इतर जब मंदाकिनी मुक्ति आंदोलन का आगाज हुआ तो तमाम समाजसेवी संगठनों व खुद को समाजसेवी बताकर बड़ा बनने की फिराक में रहने वालों ने अपना उल्लू साधने का काम किया पर काम कोई नही आया। यह बात और है कि जगद्गुरू स्वामी राम भद्राचार्य,दीन दयाल शोध संस्थान, डिजायर ग्रुप के साथ कुछ ही समाजसेवी संगठन और कर्वी के व सीतापुर के कुछ लोग गायत्री परिवार व ब्राह्मण सेवा दल के साथ आये, पर मंदाकिनी में सर्वाधिक गंदगी करने वाले संत महंत व समाजसेवी नही चेते। यह बात और है कि अब मंदाकिनी की गंदगी को फोकस कर कुछ समाजसेवी संगठन सरकारी एजेन्सियों से व प्राइवेट एजेन्सियों से पैसा लेकर हड़पने का कुचक्र रच रहे हैं। यही हाल उन घाट पर बैठे बाबाओं के हैं जो भक्तों के पैसे पर अययासी कर रहे है। जगद्गुरू स्वामी राम भद्राचार्य और गायत्री परिवार के डा.राम नारायण त्रिपाठी व ब्राह्मण सेवा दल के कमलेश दीक्षित ने कहा कि फर्जी समाजसेवियों और फर्जी बाबाओं के मंसूबे पूरे नही करने दिये जायेंगे। कोई भी इस तरह का काम लेकर आयेगा तो उसका विरोध किया जायेगा। जो भी मंदाकिनी में सफाई का काम करना चाहता है वह खुद आकर काम करे।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-7767082589306448305?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/7767082589306448305/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/05/blog-post_24.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/7767082589306448305'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/7767082589306448305'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/05/blog-post_24.html' title='अब नदी से कमाने की फिराक में है समाजसेवी व बाबा'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-4568332470727699772</id><published>2009-05-23T22:49:00.000-07:00</published><updated>2009-05-23T22:50:38.252-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='मंदाकिनी के प्रदूषण'/><title type='text'>तीसरे पड़ाव में सूरजकुंड पहुंची पदयात्रा</title><content type='html'>May 24, 02:15 am&lt;br /&gt;चित्रकूट। 'मंदाकिनी मैया की जय' के नारों के साथ मंदाकिनी शुद्धि अभियान पदयात्रा तीसरे पड़ाव में शनिवार को सूरजकुंड पहुंची।&lt;br /&gt;पदयात्रा की शुरुआत मुख्यालय के शिवघाट से हुई। यात्रा के शुभारंभ से पूर्व उत्साही नवयुवकों व गायत्री परिवार के साथ ब्राह्मण सेवादल व पतंजलि योग समिति के कार्यकर्ताओं ने घाट की दो घंटे सफाई की। पालिका परिषद के गुलाब सिंह भी पालिका अध्यक्ष लक्ष्मी देवी साहू के निर्देश पर अपने पूरे फौज फाटे के साथ पहुंचे। यात्रा लगभग आठ बजे अपने अगले पड़ाव सूरजकुंड के लिए प्रस्थान कर गई। पदयात्रा की कमान संभालने वाले ब्राह्मण सेवा दल के कमलेश दीक्षित ने कहा कि मंदाकिनी के प्रदूषण को दूर कराना ही यात्रा का मुख्य उद्देश्य है। दोपहर एक बजे यह यात्रा सूरज कुंड पहुंची। यात्रा के साथ चल रहे लोगों ने बताया कि नदी में प्रदूषण न हो ऐसी जगह कहीं दिखाई न दिया हो। आज की यात्रा के विराम के अवसर पर यात्रा के मुख्य संचालक गायत्री शक्ति पीठ के व्यवस्थापक डा. राम नारायण त्रिपाठी ने कहा कि मंदाकिनी में प्रदूषण करने वाले लोग वही हैं जो नदी के प्रति श्रद्धा रखते हैं। गंदे पदार्थ, मूर्तियां, पूजा का कचरा व घरों का कचरा नदी में डालना सभी को बंद करना होगा तभी मंदाकिनी अपने पुराने रूप में आ पायेगी। इस यात्रा के साथ लगभग पन्द्रह लोग चल रहे हैं।&lt;div class="blogger-post-footer"&gt;&lt;img width='1' height='1' src='https://blogger.googleusercontent.com/tracker/5112301047163559835-4568332470727699772?l=pawanmandakini.blogspot.com' alt='' /&gt;&lt;/div&gt;</content><link rel='replies' type='application/atom+xml' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/feeds/4568332470727699772/comments/default' title='टिप्पणियाँ भेजें'/><link rel='replies' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/05/blog-post_23.html#comment-form' title='0 टिप्पणियाँ'/><link rel='edit' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/4568332470727699772'/><link rel='self' type='application/atom+xml' href='http://www.blogger.com/feeds/5112301047163559835/posts/default/4568332470727699772'/><link rel='alternate' type='text/html' href='http://pawanmandakini.blogspot.com/2009/05/blog-post_23.html' title='तीसरे पड़ाव में सूरजकुंड पहुंची पदयात्रा'/><author><name>चित्रकूट/रायबरेली</name><uri>http://www.blogger.com/profile/00866667496259062419</uri><email>noreply@blogger.com</email><gd:image rel='http://schemas.google.com/g/2005#thumbnail' width='32' height='24' src='http://4.bp.blogspot.com/_qByXgD9y5NI/SeBaZ85WRlI/AAAAAAAAAAM/KNT1H3t5Akk/S220/Picture+040.jpg'/></author><thr:total>0</thr:total></entry><entry><id>tag:blogger.com,1999:blog-5112301047163559835.post-3731214650332918845</id><published>2009-05-22T23:10:00.000-07:00</published><updated>2009-05-22T23:15:03.459-07:00</updated><category scheme='http://www.blogger.com/atom/ns#' term='आदि नें वचन दिया'/><title type='text'>मंदाकिनी शुद्धि अभियान पदयात्रा पहुंची अपने दूसरे पड़ाव</title><content type='html'>May 23, 01:38 am&lt;br /&gt;चित्रकूट। मंदाकिनी शुद्धि आंदोलन के प्रथम चरण में निकाली गई पदयात्रा ने शुक्रवार को अपना दूसरा पड़ाव पार कर लिया। देश भक्ति गीतों के साथ ही राम भजन गाते हुये पदयात्रियों ने रास्ते में जो प्रदूषण रास्ते में देखा उसको देख उनकी भावनायें कलुषित हो रही थी। रामघाट पर हलवाई के यहां से गंदे दोना पत्तल तो बूड़े हनुमान जी के पास सीवर लाइन से गन्दगी नदी में गिरती मिली तो नदी किनारे सब्जी उगाने वालों का अतिक्रमण भी पदयात्रियों ने देखा। सबसे पहली गंदगी तो भरत मंदिर के नीचे के नाले की देखी जिसका जल सीधा नदी में जा रहा था।&lt;br /&gt;पदयात्रा के दूसरे पड़ाव का शुभारंभ भरत मंदिर के नीचे रामघाट से हुआ। इसके पूर्व सच्चिदानंद उपाध्याय, राम पाल यादव व अन्य लोगों ने मंदाकिनी के एक घाट की प्रतीकात्मक सफाई की।&lt;br /&gt;यहां पदयात्रा को रवाना करने आये डिजायर ग्रुप के नीलांशु चतुर्वेदी ने कहा कि आगे की लड़ाई और भी ज्यादा कठिन है। नदी को बचाने के लिये हमें अपनों से लड़ना है। इसके लिये अपनों का विरोध झेलना पड़ेगा। उन्होंने अगली यात्रा के लिये गायत्री शक्ति पीठ के व्यवस्थापक डा. राम नारायण त्रिपाठी व ब्राह्मण सेवा दल के कमलेश दीक्षित को सौंपी। आज की यात्रा की बागडोर महिलाओं ने खास तौर पर संभाल रखी थी। गायत्री परिवार की सुधा तिवारी के नेतृत्व में यात्रा राम घाट से रवाना की गई। यात्रा में ब्रजेश त्रिपाठी, नरेन्द्र पांडेय, गोपाल अग्रवाल, आयुष्मान मिश्रा, वीरेन्द्र कुमार मिश्र, गोपाल सेन, धीरु भाई, वेद पांडेय, रिंकू सोनी, अनिल, महावीर, दशरथ पूर्व सभासद, बेटा, सुखलाल, आदि शामिल रहे।&lt;br /&gt;कुछ इस प्रकार देखा प्रदूषण&lt;br /&gt;पदयात्री कमलेश दीक्षित, सच्चिदानंद उपाध्याय व सुधा तिवारी ने बताया कि जिस नदी के पानी का उपयोग लोग कर रहे हैं उसी को इतना प्रदूषित खुद कर रहे हैं जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। रामघाट के पश्चात संजीव हलवाई की दुकान से दोना पत्तल सीधे तौर नदी में डाले जा रहे थे। आगे बूड़े हनुमान जी पास सीवर द्वारा डाली गई गंदगी से पूरे घाट की तस्वीर बदलती पदयात्रियों ने देखी। बाला जी मंदिर के पास एक बड़ा गंदा नाला सीधे तौर पर नदी में गिराया जा रहा है। लोहसरियन गांव के पास निवासियों को इकट्ठा कर उन्हें नद
